गजकेशरी योग (Gaja Kesari yoga)

क्या है गजकेशरी योग

कैसे बनता है गजकेशरी योग – (gaja kesari yoga), सही गजकेशरी योग क्या है और इसके क्या फल होते हैं गजकेशरी योग से जुडी हुई कुछ भ्रांतियां तथा गजकेशरी योग का सच जानने के लिए पढ़ें :-

ज्योतिष शास्त्र में जातकों भाग्योदय का कारन जातक की जन्म पत्रिका में शुभाशुभ योगों का होना माना जाता है | ज्योतिष में ऐसे बहुत सारे योग हैं जो किसी विशेष क्षेत्र में व्यक्ति को सफलता दिलाते हैं, या फिर व्यक्ति के जीवन के किसी महत्वपूर्ण पहलू में कब क्या बदलाव होंगे या जातक कैसा जीवन व्यतीत करेगा इसकी संभावना का पता चलता है | इन्हीं योगों में एक ऐसा योग भी होता है जो जातक की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाता है | साथ ही उसकी बुद्धि, क्षमता, और शक्ति में वृद्धि करता है | अधिकारीयों से लेकर व्यापारियों तक तथा नेता से लेकर अभिनेता तक बनने के योग निर्मित करता है | इसी योग को गजकेशरी योग कहा जाता है |  

गजकेशरी योग (gaja kesari yoga) को लेकर काफी भ्रांतियां फैली हैं जैसे गुरु और चन्द्रमा साथ में हैं तो गजकेशरी योग बनता है | यदि चन्द्रमा के ऊपर गुरु की पंचम या नवम दृष्टि भी पड़ती है तो भी गजकेशरी योग बनता है | गुरु से चन्द्रमा केंद्र में अर्थात गुरु के साथ या गुरु से 4, 7, 10 इन किसी भावों में स्थित है तो भी गजकेशरी योग बनता है |

निष्फल gaja kesari yoga योग

उपरोक्त प्रकार का गजकेशारी योग एक महीने में लगभग छः बार बनता है जसकी अवधि लगभग 14 दिन की होती है अर्थात एक महीने में दो दिन छः घन्टे के लिए छः बार बनेगा और इस अवधि में लाखों बच्चों का जन्म होगा जिनमे सभी की कुण्डली में गजकेशरी योग बनता है | जो की किसी प्रकार तर्कसंगत नहीं प्रतीत होता है |

निम्नांकित कुण्डली में देखें एक माह में छः बार बनने वाले गजकेशरी योग

एक महीने में किस प्रकार बनता है छः बार गजकेशरी योग

उपरोक्त कुण्डली से समझ में आ गया होगा कि एक महीने में किस प्रकार छः बार गजकेशरी योग बनता है | सरकारी रिकार्ड के अनुसार एक मिनिट में लगभग 32 बच्चों का जन्म होता है | और चन्द्रमा एक राशि में लगभग सवा दो दिन तक रहता है | इस आधार पर देखा जाये तो सवा दो दिन में 1,03,680 बच्चों का जन्म होता है | और सभी की कुण्डली में गजकेशरी योग बनता है | इसी आधार पर एक महीने का निकला जाय तो (6,22,080) बच्चों की कुण्डली में गजकेशरी योग बनेगा | जबकि यथार्त में गजकेशरी योग बहुत ही दुर्लभ योग की श्रंखला में आता है | जो यदा कदा किसी कुण्डली में दिखाई देता है |

सही गजकेशारी योग

ज्योतिष शास्त्र की माने तो जब गुरु और चन्द्रमा निर्दोष साथ में या गुरु से केंद्र में चन्द्रमा की स्थिति निर्दोष हो तो गजकेशारी योग बनता है | यदि किसी भी शत्रु ग्रह, पाप ग्रह, क्रूर ग्रह की युति (साथ में हों ) यह शत्रु ग्रह, पाप ग्रह, क्रूर ग्रह की दृष्टि पड़ती है तो गजकेशरी योग के फल में बहुत ही न्यूनता आ जाएगी या गजकेशरी योग फल ही प्राप्त ही न हो |

गजकेशरी योग के फल :-

यदि आपकी कुण्डली में है गजकेशरी योग तो आपको निम्नलिखित फलों की प्राप्ति होगी | गजकेशरी योग (gaja kesari yoga) में जन्म लेने वाले जातक अपार धन संपत्ति के मालिक होते है | ऐसे व्यक्तियों के पास अनेक चौपाया वाहन, अनेक भवन तथा नौकरों के मालिक होते हैं |

gaja kesari yoga गज अर्थात हांथी जैसा बल :-

हांथी को गणेश जी का प्रतीक माना जाता है | और गणेश जी को बुद्धि का देवता माना जाता है इससे प्रतीत होता है कि व्यक्ति अति बुद्धिमान होगा |

केशरी का अर्थ है शेर और शेर जैसा बल, चतुरता तथा कार्य क्षमता व्यक्ति में होना चाहिए | कार्यक्षमता से मतलब है की शेर कितना भी बूढा क्यों न हो जाए पर कभी घास नहीं खाता यह कहावत चरितार्थ है | शेर साहसी तथा निडर भी होता है अर्थात गजकेशरी योग (gaja kesari yoga) के जातक में उपर्युक्त गुण होना चाहिए |

ज्योतिषीय योगों में बनने वाले जितने भी योग हैं उनमे गजकेशरी योग (gaja kesari yoga) सबसे दुर्लभ योग माना जाता है | जिस जातक की कुण्डली में यह योग होता है वह निश्चित ही सर्व सुखी व्यक्ति माना जाता है किन्तु योग किसी भी प्रकार से भंग न हो और यदि किसी ग्रह के दुष्प्रभाव के कारण योग अपना फल नहीं दे रहा है तो दुस्प्रभावी ग्रह की शान्ति कराना चाहिए |  

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