har bimari ka ilaj

हर बीमारी का इलाज गारंटी के साथ

(har bimari ka ilaj) – आज इस संसार में यदि देखा जाये तो मनुष्य सबसे ज्यादा परेशान है तो वो बीमारी से प्रत्येक घर में किसी न किसी को एक न एक बीमारी लगी रहती है जिसके कारण उस परिवार की कमाई का एक बड़ा हिस्सा उसके इलाज में लग जाता है | और कुछ परिवार तो एसे हैं जिनके पास इलाज के लिए पैसे न होने के कारण व्यक्ति को जीवन से हाँथ धोना पड़ता है |

har bimari ka ilaj
har bimari ka ilaj

कुछ बीमारियाँ तो इलाज से ठीक होने वाली होतीं हैं तो कुछ लाइलाज बीमारी होती है जिसका कोई इलाज नहीं होता | किन्तु एसा नहीं है कोई भी बीमारी लाइलाज नहीं होती | कुछ बीमारी दवा से ठीक होतीं हैं तो कुछ दुआ से और कुछ सिर्फ पत्थापत्थ से ठीक हो जातीं हैं |

अक्सर देखने में आया है कि बीमारी में इलाज कराने के बाद भी आराम नहीं लगता | समय से दवाई दी जाती है पत्थापत्थ का पूर्ण ध्यान रखा जाता है इसके बाद भी रोगी स्वस्थ नहीं होता | इस प्रकार के रोगियों को दवा से ज्यादा दुआ की जरुरत होती है | बहुत से प्रमाण ऐसे मिले है जहां दवा काम नहीं करती वहां दुआ से लोगों को ठीक होते देखा है |

यदि आप साधना करते हैं तो इसे अवश्य पढ़ें

यहाँ पर कुछ चुने हुए वैदिक मन्त्र, कुछ यन्त्र तथा कुछ टोटके दिए जा रहे हैं जिनका उपयोग कर आप लम्बे समय से चल रही बीमारी से छुटकारा पा सकते हैं |

प्रयोग -1- (har bimari ka ilaj)

यथा धाम च पृथ्वीं चान्तस्तिष्ठति तेजनम |

एवा रोगं चास्रावं चान्तस्तिष्ठतु मुंज्ज इत ||

विधि – एक तांवे के वर्तन में शुद्ध जल लें | उस जल में अपने सीधे हाँथ की  तर्जनी अंगुली इस तरह डुबायें की अंगुली का नाख़ून पूरा जल में डूबा रहे | तत्पश्चात उपरोक्त मन्त्र का 108 बार जप करें | जप के पश्चात् भगवान धनवंतरी का नाम लेकर वह जल रोगी को पिलायें | ध्यान रखें जल प्रतिदिन अभिमंत्रित करके ही पिलायें | प्रथम दिवस का जल उसी दिन थोडा-थोडा कर पिलायें द्वतीय दिवस के लिए पुनः जल अभिमंत्रित करें | इस प्रयोग से प्रथम दिवस से ही आराम मिलने लगता है |

प्रयोग -2-

रोगानशेषानपहंसि तुष्टा रुष्टा तु कामान् सकलानभीष्टान् ।

त्वामाश्रितानां न विपन्नराणां त्वामाश्रिता ह्याश्रयतां प्रयान्ति ||

विधि – थोड़ी सी गिलोय तथा गुड ले लें | किसी पीतल के पात्र में रखकर उपरोक्त मन्त्र बोलते जाएँ तथा उस सामग्री पर फूंक मारते जाएँ अर्थात उस सामग्री को 108 बार अभिमंत्रि कर लें | यदि रोगी उपरोक्त दवा खा सके तो खिला दें अन्यथा रोगी के ऊपर से सात बार सीधे उतर कर अग्नि में दाल दें | यदि रोगी ज्यादा अस्वस्थ हो तो उपरोक्त सामग्री से इसी मन्त्र से 108 बार आहुति देनी चाहिए |

प्रयोग -3-  यन्त्र – (har bimari ka ilaj)

यन्त्र की श्रंखला में सर्वरोग नाशक यन्त्र या रोगानुसार यन्त्र तैयार करने पड़ते हैं | इन यंत्रों के निर्माण में उपयुक्त सामग्री तथा विधि बहुत कठिन है | तथा इनके निर्माण में विशेष बातों का ध्यान रखना पड़ता है जो सामान्यजनो के लिए दुष्कर कार्य है | यदि आप सर्वरोग नाशक यन्त्र या रोगानुसार यन्त्र प्राप्त करना चाहते हैं तो आप हमारे whatsaap no. 7470934089 पर सम्पर्क कर सकते हैं या आप हमारी Website –: http://panditrajkumardubey.com/  के माध्यम से भी संपर्क कर सकते हैं |  

तन्त्र – ( टोटके )

व्यक्ति किसी भी रोग से पीड़ित हो किसी भी प्रकार की बीमारी हो यह टोटका सभी बीमारियों पर समान रूप से काम करता है | आधा किलो जों का आटा लेकर उसमे दो पैसा भर काली तिल तथा थोडा सरसों तेल डालकर आटा को गूँथ कर उसकी एक रोटी बना लें | तत्पश्चात उसे एक ही तरफ से सेंक कर रोगी के ऊपर से सीधे सातबार उतार कर किसी भेसे को खिलाएं | ध्यान रखें यह प्रयोग रविवार को ही करना है | तथा एक बार ही करना है | यदि किसी कारणवश भेसे उपलब्ध न हो सके तो भेस को खिला सकते हैं |

यदि आप इलाज कराके थक गए हैं दवाई असर नहीं कर रही है रोगी स्वस्थ नहीं हो रहा है तो आप हमसे संपर्क करें | दवाई काम करेगी तथा रोगी स्वस्थ होगा गारंटी के साथ | पैसा काम होने के बाद लिया जायेगा | हमसे संपर्क करने के लिए ऊपर हमारा whatsaap no. तथा Website –: का पता दिया गया है आप अपनी सुविधा अनुसार हमसे संपर्क कर सकते हैं |

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