Holika dahan 2018

होलिका दहन-Holika Dahan 2018

(holika dahan 2018) – होली का त्यौहार हमारे भारत में प्रायः दो दिन मनाया जाता है। फाल्गुन शुक्लपक्ष पूर्णिमा को होलिका दहन तथा चैत्र कृष्ण प्रतिपदा को धुरैड़ी के रूप में मनाया जाता है। वैसे होलिका दहन से सम्बंधित अनेक कहानियाँ, किवदंतियाँ प्राप्त होतीं हैं। शास्त्रों में भी जैसे हिरण्यकश्पु ने अपने पुत्र प्रह्लाद को मारने के लिये होलिका कि गोद में बिठाकर अग्नि में जलाने का प्रयास किया परन्तु अन्याय जल गया और सत्य की जीत हुई।

holika dahan 2018

holika dahan 2018

तंत्र शास्त्र के अनुसार एक वर्ष में तीन कालरात्रि होतीं हैं। एक दीपावली दो शिवरात्रि तथा तीन होली की रात्रि इन तीनों को कालरात्रि माना जाता है। कहा जाता है कि कालरात्रियों में साधक लोग अनेक सिद्धियाँ प्राप्त करते हैं। तंत्र शास्त्र में इन कालरात्रियों का विशेष महत्व बताया गया है।

Holika dahan 2018  muhurat date & time

होलिका दहन का मुहुर्त – 1 मार्च 2018 गुरुवार

शाम 6 बजकर 10 मिनिट से – 8 बजकर 39 मिनिट तक्।

कुल अवधि 2 घंटा 30 मिनिट

होलिका स्थापना के पहले जहाँ पर होली जलाना हो उस जगह को अच्छी तरह से साफ करके जल का प्रोक्षण करें तत्पश्चात तीर्थ जल से प्रोक्षण कर शुद्द्ता पूर्वक बीच में एक अरण्ड के वृक्ष को खड़ा कर आजू बाजू लकड़ियाँ लगाऐं।

पूजन सामग्री –

एक लोटा जल, चावल, धूपवत्ती, फूल, कच्चासूत, गुड़, साबुत हल्दी, बताशे, सप्तधान्य, गुलाल और नारियल आदि से पूजन करना चाहिये।

पूजन विधि- होलिका के चारों ओर कच्चासूत लपेट दें कहीं कहीं सात परिक्रमा लगाते हैं। उपरोक्त सभी सामग्री समर्पित करें तत्पश्चात जल कि परिक्रमा देंना चाहिए |

जिस प्रकार बुराई जल जाती है और अच्छाई बच जाती है उसी प्रकार आज के दिन हमें अपनी बुराइयों को जला देना चाहिये तथा भाईचारे के साथ रहना चाहिये। यही होलिका दहन का मुख्य संदेश यही है।

जानिये आपको कौनसा यन्त्र धारण करना चाहिए ?

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