कुम्भ लग्न (kumbh lagna)

kumbh lagna-कुंभ लग्न के जातकों का शारीरिक गठन –

कुम्भ लग्न (kumbh lagna) में जन्म लेने वाले जातकों का शरीर तथा ह्रदय सुन्दर होता है |

kumbh lagna-1

कुंभ लग्न के जातकों का स्वभाव –

आप दयालु प्रकृति और परोपकार परायण होंगें आप दूसरों की भावना, विचार और मन की बातों को जानने का सदा यत्न करते रहेंगें | दूसरों के दुःख को देखकर आप से रहा नहीं जायेगा |

आप सुख और आनंद से जीवन ब्यतीत करने वाले ईश्वर, धर्म, तथा ज्ञान में अच्छी अभिरुचि रहेगी |

पाप और दुराचार से दूर रहने वाले यशस्वी, धनि, मिलनसार, महान,सुगमता पूर्वक कार्य करने में निपुण, सर्वजन प्रिय, मित्रों से प्रीत रखने वाले और सबका सम्मान करने वाले होंगें |

आपकी मित्रता सदा बड़े लोगों से रहेगी लोगों मैं आपकी मान मर्यादा विशेष रूप से होगी | आप बताधिक प्रकृति वाले और प्रायः सिर दर्द, पेट दर्द, अपच, तथा पेट की अन्य बीमारियां होने का भय रहता है |

सत्याचार के अनुसार कुम्भ लग्न शुभ नहीं होती और बहुत से बिद्वानों का मत है कि ऐसे जातकों को आयु के अंतिम भाग भाग में किसी न किसी रूप में अपयश तथा लांछन लगता है, अथवा कोई बड़ी हानि होती है |

आप कुछ कामी स्वाभाव के होंगें ध्यान रखें परस्त्री गमन से बचें | 

कन्या जन्म के कुछ विशेष फल

ऐसी जातिका अपने पुत्रों की अपेक्षा कन्यायों पर अधिक प्रेम करने वालीं होती है |

सावधानी – 

कुम्भ लग्न (kumbh lagna) मैं जन्म लेने वाले ब्यक्तियों को के रोग प्रायः ज्यादा देर तक रहते हैं कुछ तो आजन्म रोगी  ही बने रहते हैं | आपको रुधिर बिकार पर पूरा ध्यान देना चाहिए | ज्योंही किसी प्रकार के रुधिर सम्बन्धी रोग की संभावना हो तुरंत सावधानी पूर्वक औशधि प्रयोग करना चाहिए | भोजन सादा रुधिर को स्वच्छ रखने वाला होना चाहिए | आँखों का भी पूरा ध्यान रखें प्रायः नेत्र रोग भी होते हैं |

नोट – ध्यान रखें यह स्थूल फलादेश है | जब तक किसी व्यक्ति की कुण्डली का सम्पूर्ण निरिक्षण नहीं किया जाता तब तक सही फलादेश नहीं किया जा सकता | सटीक फलादेश जानने के लिए व्यक्ति की जन्म तारीख, जन्म समय और जन्म स्थान सही होना आवश्यक है |

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