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छः मुखी रुद्राक्ष

Rs.1,200.00 Rs.900.00

1)गले से सम्बंधित परेशानी.

2)शराब की लत हो.

3)गुप्तरोग (gupt rog).

4)गर्भाशय की समस्या.

5)मूत्राशय की तकलीफ.

6)डायबिटीज (Diabetes).

7)मासिकधर्म की तकलीफ तथा त्वचा (skin) रोग.

Description

छः मुख वाला रुद्राक्ष कार्तिकेय का स्वरुप है। यदि दाहिनी भुजा में उसे धारण किया जाय तो धारण करने वाला मनुष्य ब्रम्हहत्या जैसे पापों से मुक्त हो जाता है। इसमें संशय नहीं है। जिन ब्यक्तियों को गले से सम्बंधित परेशानी, शराब की लत हो, गुप्तरोग (gupt rog), गर्भाशय की समस्या, मूत्राशय की तकलीफ, डायबिटीज (Diabetes), मासिकधर्म की तकलीफ तथा त्वचा (skin) रोग आदि होने पर यह यंत्र धारण करना चाहिये। उपरोक्त सभी समस्याओं के निदान हेतु यह यंत्र धारण करें अवश्य लाभ होगा। छः मुखी रुद्राक्ष बृषभ राशि वालो को धारण करना चाहिये आप  मुखी रुद्राक्ष भी धारण कर सकते हैं । छः मुखी रुद्राक्ष तथा  मुखी रुद्राक्ष तुला राशि वाले धारन करें। छः मुखी रुद्राक्ष को सिद्ध करने का मंत्र – ॐ ह्रीं हुं नमः ॥

रुद्राक्ष के फायदे – रुद्राक्ष धारण करने वाले मनुष्य को देखकर भूत,प्रेत,पिशाच,डाकिनी,शाकिनी तथा जो अन्य द्रोहकारी राक्षस होते हैं वे सब डरकर भाग जाते हैं। जो कृत्रिम अभिचार आदि होते हैं वे रुद्राक्ष धारण करने वाले के पास नहीं आते या जिनके ऊपर अभिचार कर्म किया गया हो वे रुद्राक्ष धारण करते ही अभिचार कर्मों से मुक्त हो जाते हैं।