Sankashti Chaturthi 2021

संकष्टी चतुर्थी 2021

Sankashti Chaturthi 2021 – हमारे हिन्दू धर्म में सभी व्रतों की गणना चन्द्र मास से की जाती है  और चन्द्र माह में दो पक्ष होते हैं | प्रथम कृष्ण पक्ष एवं दूसरा शुक्ल पक्ष के नाम से जाना जाता है | तिथियों के अनुसार एक माह में एक तिथि दो बार आती है इसीलिए कृष्ण पक्ष अर्थात पूर्णिमा के बाद आने वाली चतुर्थी को संकष्टी चतुर्थी और शुक्ल पक्ष अर्थात अमावस्या के बाद आने वाली चतुर्थी को विनायक चतुर्थी कहते हैं |

sankashti chaturthi 2021

sankashti chaturthi 2021

हांलाकि विनायक चतुर्थी और संकष्टी चतुर्थी प्रत्येक माह में आतीं हैं लेकिन सबसे महत्वपूर्ण विनायक चतुर्थी भाद्रपद माह में आती है इसको वरद विनायक चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है | भगवान गणेश का आशीर्बाद प्राप्त करने के लिए लोग इस व्रत को करते हैं | इस तिथि को भगवान गणेश जी के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है | और संकष्टी चतुर्थी को जीवन में किसी प्रकार के संकटों से बचने के लिए व्रत करते हैं |

संकष्टी चतुर्थी 2021 (Sankashti Chaturthi 2021)

संकष्टी चतुर्थी जनवरी 2021

02 जनवरी 2021 शनिवार को पौष कृष्ण अखुरथ संकष्टी चतुर्थी 09:07 ए एम से 08:20 ए एम (03-01) तक |

16 जनवरी 2021 शनिवार को पौष शुक्ल विनायक चतुर्थी 07:43 ए एम से 08:06 ए एम (17-01) तक |

31 जनवरी 2021 रविवार को माघ कृष्ण (सकट चौथ) लम्बोदर संकष्टी चतुर्थी 08:22 पी एम से 06:22 पी एम (01-02) तक |

संकष्टी चतुर्थी फरवरी 2021

15 फरवरी 2021 सोमवार को माघ शुक्ल चतुर्थी 01:56 ए एम 03:34 ए एम (15-02) तक |

संकष्टी चतुर्थी मार्च 2021

02 मार्च 2021 मंगलवार को फाल्गुन कृष्ण द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी 05:44 ए एम से 02:57 ए एम (03-03) तक |

17 मार्च 2021 बुधवार को फाल्गुन शुक्ल चतुर्थी 16 मार्च 08:55 पी एम से 11:28 पी एम तक |

31 मार्च 2021 बुधवार को चैत्र कृष्ण भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी 02:04 पी एम से 10:57 ए एम (01-04) तक |

संकष्टी चतुर्थी अप्रैल 2021

16 अप्रैल 2021 शुक्रवार को चैत्र शुक्ल चतुर्थी 15 अप्रैल 03:25 पी एम से 06:03 पी एम तक |

30 अप्रैल 2021 शुक्रवार को वैशाख कृष्ण विकट संकष्टी चतुर्थी 29 अप्रैल 10:07 पी एम से 07:27 पी एम (30-04) तक |

संकष्टी चतुर्थी मई 2021

15 मई 2021 शनिवार को वैशाख शुक्ल चतुर्थी 07:57 ए एम से 10:05 ए एम (16-05) तक |

29 मई 2021 शनिवार को ज्येष्ठ कृष्ण एकदन्त संकष्टी चतुर्थी 06:31 ए एम से 04:01 ए एम (30-05) तक |

संकष्टी चतुर्थी जून 2021 (Sankashti Chaturthi 2021)

14 जून 2021 सोमवार को ज्येष्ठ शुक्ल चतुर्थी 13 जून 09:38 पी एम से 10:32 पी एम तक |

27 जून 2021 रविवार को आषाढ़ कृष्ण कृष्णपिंगल संकष्टी चतुर्थी 03:52 पी में से 02:14 पी एम (28-06) तक |

संकष्टी चतुर्थी जुलाई 2021

13 जुलाई 2021 मंगलवार को अषाढ़ शुक्ल चतुर्थी 08:22 ए एम से 08:02 ए एम (14-07) तक |

27 जुलाई 2021 मंगलवार श्रावण कृष्ण गजानन संकष्टी चतुर्थी 02:52 ए एम से 02:26 ए एम (28-07) तक |

संकष्टी चतुर्थी अगस्त 2021

12 अगस्त 2021 गुरुवार को श्रवण शुक्ल चतुर्थी 11 अगस्त 04:51 पी एम से 03:24 पी एम तक |

25 अगस्त 2021 बुधवार को भाद्रपद कृष्ण हेरम्भ संकष्टी 04:16 पी एम से 05:11 पी एम (26-08) तक |

संकष्टी चतुर्थी सितम्बर 2021

10 सितम्बर 2021 शुक्रवार को भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी 12:16 ए एम से 09:55 पी एम तक |

24 सितम्बर 2021 शुक्रवार को अश्विन कृष्ण विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी 08:27 ए एम से 10:34 ए एम (25-09) तक |

संकष्टी चतुर्थी अक्टूबर 2021

09 अक्टूबर 2021 शनिवार को आश्विन शुक्ल चतुर्थी 07:46 ए एम से 04:53 ए एम (10-10) तक |

24 अक्टूबर 2021 रविवार को कार्तिक कृष्ण वक्रतुण्ड संकष्टी चतुर्थी (करवा चौथ) 03:00 ए एम से 05:41 ए एम (25-10) तक |

संकष्टी चतुर्थी नवम्बर 2021

08 नवम्बर 2021 सोमवार को कार्तिक शुक्ल चतुर्थी 07 नवम्बर 04:19 पी एम से 01:16 पी एम तक |

23 नवम्बर 2021 मंगलवार को मार्गशीर्ष कृष्ण गणाधिप संकष्टी चतुर्थी 22 नवम्बर 10:24 पी एम से 12:53 ए एम (25-11) तक |

संकष्टी चतुर्थी दिसंबर 2021

07 दिसम्बर 2021 मंगलवार को मार्गशीर्ष शुक्ल चतुर्थी 02:29 ए एम से 11:38 पी एम तक |

22 दिसम्बर 2021 बुधवार को पौष कृष्ण अखुरथ संकष्टी चतुर्थी 04:50 पी एम से 06:25 पी एम (23-12) तक |

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