जन्म पत्रिका निर्माण

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जन्म पत्रिका में प्रथम लग्न फल तथा स्वास्थ के बारे में|

विद्या अध्ययन के बारे में विद्या पूर्ण होगी या नहीं तथा किस विषय से शिक्षा प्राप्त करें।

व्यवसाय विचार- नौकरी सरकारी या प्राइवेट और यदि व्यवसाय करें तो कौनसा।

विवाह संस्कार- विवाह समय तथा वैवाहिक सुख के बरे में।

संतान विचार- संतान उत्पत्ती का समय तथा संतान सुख्।

धन संचय विचार, धन सुख विचार्।

बृद्धावस्था के सुख दुख तथा आयु विचार्।

यह हस्त लिखित सप्तवर्गीय जन्म पत्रिका में ऊपर दिये बिंदुओं पर संक्षिप्त रूप से लिखा जायेगा। इसमे उपरोक्त समस्याओं के सरल उपाय भी दिये जायेंगे। यह पत्रिका आपको 15 दिन के अंदर आपके पते पर भेज दी जायेगी। जिसमे सप्त्वर्गीय गणित के साथ विमशोत्तरी महादशा तथा अंतरदशा के बारे में बिवरण रहेगा |

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जन्म पत्रिका निर्माण-

janam kundli – जन्म पत्रिका में प्रथम लग्न फल तथा स्वास्थ के बारे में | उदहारण के लिए आपकी लग्न मेष आई है तो मेष लग्न में जन्म लेने वाले जातकों के गुण,  व्योहार, कार्य कुशलता, शारीरिक बनावट, जातक का स्वाभाव आदि के बारे में संक्षिप्त रूप से लिखा जाता है |

विद्या अध्ययन के बारे में विद्या पूर्ण होगी या नहीं तथा किस विषय से शिक्षा प्राप्त करें। विद्द्या का विचार पंचम भाव से किया जाता है इसलिए पंचमेश की क्या स्थिति है पंचमेश कौन सा ग्रह है षडबल में उसे कितना बल प्राप्त है इस आधार पर शिक्षा के विषय में लिखा जाता है |

व्यवसाय विचार- नौकरी सरकारी या प्राइवेट और यदि व्यवसाय करें तो कौनसा। व्यापार का कारक ग्रह का विचार, व्यापर भाव के स्वामी की स्थिति के अनुसार आपके व्यापार का चयन किया जाता है |

विवाह संस्कार- विवाह समय तथा वैवाहिक सुख के बरे में। जीवनसाथी कैसा होगा, दाम्पत्य सुख तथा संतान सुख आदि के बारे में लिखा जाता है |

संतान विचार- संतान उत्पत्ती का समय तथा संतान सुख्। यदि संतान सुख में किसी प्रकार की बाधा समझ में आ रही है तो उसके लिए क्या उपाय करना चाहिए |

धन संचय विचार, धन सुख विचार्। धन संचय कर पायेंगे या नहीं यदि नहीं तो उसके लिए क्या उपाय करना चाहिए | धन आएगा परन्तु रुकेगा नहीं तो उसके लिए क्या उपाय करना चाहिए |

बृद्धावस्था के सुख दुख तथा आयु विचार्। आयु के अंत में किस प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ेगा | किस प्रकार के रोग होने की संभावना रहेगी तथा उनके लिए क्या उपाय करना चाहिए |

जन्म कुंडली इन हिन्दी – janam kundali – janam kundli

इस janam kundli में संक्षिप्त विवरण के साथ सरल तथा सुगम upay भी दिए जायेंगे | और कुछ खास-खास समय के वारे में जैसे अच्छा समय कब रहेगा, धन आगमन का समय, संतान उत्पत्त्ति का समय और स्वास्थ के प्रति सतर्क रहना अर्थात किस समय स्वास्थ ख़राब हो सकता है |

रत्न सलाह – आपको कौन से रत्न धारण करना चाहिए |

यह हस्त लिखित सप्तवर्गीय जन्म कुण्डली निर्माण में  ऊपर दिये बिंदुओं पर संक्षिप्त रूप से लिखा जायेगा। इसमे उपरोक्त समस्याओं के सरल उपाय भी दिये जायेंगे। यह आपको 15 दिन के अंदर आपके पते पर भेज दी जायेगी। जिसमे सप्त्वर्गीय गणित के साथ विमशोत्तरी महादशा तथा अंतरदशा के बारे में बिवरण रहेगा |

यदि आप व्यवसाय, विवाह,स्वास्थ,धन,संतान आदि का अलग-अलग विवरण चाहते हैं तो आप नीचे लिंक पर किलिक करें |

उपरोक्त सभी विषयों की अलग-अलग जानकारी 

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