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लक्ष्मी प्राप्ति के सरल उपाय

✍️ pt.rajguru@gmail.com  |  🕒 July 12, 2020  |  ⏱ 0 मिनट पढ़ें

आर्थिक समृद्धि के सरल एवं सटीक उपाय

lakshmi prapti ke upay – आज आर्थिक समृद्धि प्रत्येक व्यक्ति की सबसे पहली इच्छा होती है | और सही भी है क्योंकि धन के माध्यम से ही जीवन की सभी महत्वपूर्ण कार्य सिद्ध होते हैं | हमारे शास्त्रों में भी धन को उच्च स्थान प्राप्त हुआ है | धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष इन चारों का उल्लेख हमारे ऋषि मुनि करते आये हैं | इसमें अर्थ (धन) दुसरे नंबर पर आता है | धर्म प्रथम स्थान पर आया है और धन दुसरे स्थान पर क्योंकि धन के बिना धर्म भी नहीं होता |

हमारे ज्योतिष में देखें तो लग्न अर्थात शरीर और शरीर मिला है तो उस शरीर को चलने के लिए धन की आवश्यकता पड़ेगी | इसलिए लग्न के बाद दूसरा स्थान धन का है | क्योंकि दूसरे स्थान से धन, कुटुंब-परिवार तथा बुद्धि का विचार करते हैं | मनुष्य शरीर को सबसे पहले धन, कुटुंब-परिवार तथा बुद्धि की सबसे पहली जरुरत होती है |

प्रत्येक व्यक्ति की पहली इच्छा होती है अपनी इच्छाओं की पूर्ति, उसके लिए वह प्रयास भी करता है परन्तु जरुरी नहीं कि उसकी हर इच्छा पूर्ण हो | क्योंकि कभी उसके ग्रह साथ नहीं देते तो कभी व्यक्ति गलत व्यवसाय का चुनाव कर लेता है | व्यवसाय का चुनाव यदि ज्योतिषीय परामर्श से किया जाय तो सफ़लता निश्चित मिलती है | इसी प्रकार शिक्षा का चयन भी ज्योतिषीय गणना के अनुसार करना चाहिए |

दरिद्रता नाशक अनुष्ठान और लक्ष्मी प्राप्ति के उपाय

किसी कारण वश व्यक्ति की आकांक्षाओं की पूर्ति नहीं हो पा रही है तो व्यक्ति को सरल एवं सात्विक उपायों का सहारा लेना चाहिए | यहाँ पर आर्थिक समृद्धि के सरल एवं सटीक उपाय दिए गए हैं | जिनको श्रद्धा एवं विशवास के साथ करने से अवश्य लाभ प्राप्त होगा |

अर्थ अर्थात धन की बात करते ही सबसे पहले हमारे मन में माता लक्ष्मी याद आती है | और आर्थिक समृद्धि के लिए सभी माता लक्ष्मी की ही आराधना करते हैं | वैसे तो माता लक्ष्मी के अनेक उपाय हमारे वेद शास्त्रों से लेकर तंत्र-मन्त्र के सभी ग्रंथों में वर्णित हैं | यहाँ पर हम कुछ अनुभूत एवं सरल साध्य उपाय प्रस्तुत कर रहे हैं | जिनको आप आसानी से कर सकें और उनसे अपनी आकांक्षाओं की पूर्ति कर सकें |

यहाँ पर हमने उपायों को तिन श्रेणी में रखा है – सामान्य उपाय – सामान्य उपाय में वैदिक मन्त्रों का जाप, विशेष उपाय – विशेष उपाय में तांत्रिक दुर्लभ वस्तुओं के माध्यम से लक्ष्मी जी को प्रसन्न करना | और तीसरा है ज्योतिषीय उपाय – इसमे रत्न धारण करना, ग्रहों की शांति के लिए उपाय करना साथ ही कुछ टोटके सम्मिलित रहेंगे |

सामान्य उपाय: श्रीसूक्त का पाठ और उसकी विधि

सामान्य उपाय में सबसे पहले आता है श्रीसूक्त का पाठ करना | श्री सूक्त भी दो प्रकार के होते हैं | एक पुराणोक्त श्री सूक्त और दूसरा वेदोक्त श्री सूक्त | पुराणोक्त श्री सूक्त धन वृद्धि के लिए रामबाण सिद्ध होता है और वेदोक्त श्री सूक्त का पाठ श्री यंत्र को सिद्ध करने के लिए किया जाता है |

पुराणोक्त श्री सूक्त पाठ विधि (lakshmi prapti ke upay)

इस श्री सूक्त का पाठ करने की विधि इस प्रकार है | सर्व प्रथम स्नानादि से निवृत्त होकर शुद्ध वस्त्र धारण करना चाहिए | तत्पश्चात माता लक्ष्मी की मूर्ति, फोटो जो भी उपलब्ध हो, को लकड़ी के पाटे पर स्वेत वस्त्र विछाकर फूलों का आसन देकर स्थापित करें | उसके बाद दांये हाँथ में जल लेकर अमुक नाम, अमुक पिता, अमुक गोत्र, स्थान आदि बोलकर मम स कुटुम्वस्य स परिवारस्य नित्य कल्याण प्राप्ति अर्थं अलक्ष्मी विनाशापूर्वकं दशविध लक्ष्मी प्राप्ति अर्थं श्री महालक्ष्मी प्रीत्यर्थ यथा शक्ति श्री सूक्त पाठे विनियोगः | हाँथ में लिए हुआ जल वहीँ पृथ्वी पर छोड़ दें |

तत्पश्चात विनियोग, फिर माता लक्ष्मी का ध्यान करना चाहिए | उसके बाद पुराणोक्त श्री सूक्त का पाठ करना चाहिए |

आर्थिक समृद्धि के लिए महालक्ष्मी के शक्तिशाली मंत्र

आर्थिक समृद्धि के लिए सबसे सरल उपाय है माता लक्ष्मी जी के मन्त्रों का जाप करना | आपकी सुविधा अनुसार कुछ लक्ष्मी मन्त्र यहाँ दिए हैं आप सुविधा अनुसार किसी भी लक्ष्मी मन्त्र का जाप कर सकते हैं | (lakshmi prapti ke upay)

प्रमुख लक्ष्मी मंत्र:
1. ॐ श्रीं नमः ||
2. ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं त्रिभुवन महालक्ष्म्ये अस्माकं दारिद्र्य नाशय प्रचुर धन देहि-देहि क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ ||
3. ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं श्री महालक्ष्मी मम गृहे धनं पूरय-पूरय चिंताये दूरय-दूरय स्वाहा ||
4. ॐ सर्वबाधा विनिर्मुक्तो, धन धान्य सुतान्वितः | मनुष्यों मत्प्रसादेन भविष्यति न संशयः ||
5. ॐ श्री महालक्ष्म्ये च विद्महे विष्णु पत्न्ये च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात ||
6. ॐ श्रीं श्रियै नमः ||
7. ॐ ऐं ह्रीं श्रीं ज्येष्ठ लक्ष्मी स्वयम्भुवे ह्रीं ज्येष्ठाये नमः ||
8. ॐ ह्रीं क्लीं महलक्ष्म्ये नमः ||
9. ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्रीं सिद्ध लक्ष्म्ये नमः ||
10. ॐ नमः धनदाये स्वाहा ||
11. ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद-प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्म्ये नमः ||

मंत्र जप की विधि

उपरोक्त मन्त्रों में से आप किसी भी मन्त्र का जाप कर सकते हैं | वैसे तो आप इन मन्त्रों को किसी भी दिन से आरम्भ कर सकते हैं | किन्तु यदि आप शुभ मुहूर्त में आरम्भ करते हैं तो और भी अच्छा रहेगा | वारों में किसी भी शुक्लपक्ष के शुक्रवार से आरम्भ कर सकते हैं | या दीपावली, होली, शिवरात्रि या किसी भी नवरात्रि से आरम्भ कर सकते हैं | यदि कोई ग्रहण होता है तो उस दिन से भी आप आरम्भ कर सकते हैं | इन मन्त्रों का जाप स्फटिक की माला से करना चाहिए | माला यदि प्राण प्रतिष्ठित हो तो मन्त्र की सिद्धि शीघ्र प्राप्त होती है |

विशेष उपाय: धन हानि रोकने और कर्ज मुक्ति का अचूक टोटका

यदि आपके पास धन आता तो है परन्तु किसी न किसी प्रकार नाश हो रहा है | यदि आप किसी को पैसा देते हैं तो वापिस नहीं मिलता, या बार-बार चोरी हो रही है, या घर में कोई लम्बी बीमारी से जूझ रहा है और उसमे धन का नाश हो रहा है अथवा अचानक कोई न कोई समस्या आ जाती है जिसके कारण धन का नाश हो रहा है तो आप यह उपाय करें |

एक पानी वाला जटा युक्त नारियल लेकर अपनी लम्बाई का सूती धागा अर्थात मोली ले लें | मोली में जितने धागे हों उससे कोई अंतर नहीं पड़ता किन्तु किसी भी धागे में गठान नहीं होना चाहिए | उस धागे को आप नारियल के ऊपर लपेट दें ध्यान रखे धागे में गठान नहीं लगानी है | इस धागा लपटे हुए नारियल को आप अपने ऊपर से सात बार सीधे (clockwise) उतार कर बहते जल में प्रवाहित कर दें |

नियम एवं सावधानियाँ: इस प्रयोग को करते समय आपको दो बातों का विशेष ध्यान रखना है | पहली बात – यह प्रयोग आपको शनिवार को करना है और सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच ही करना है अर्थात दिन के रहते इस प्रयोग को करें | दूसरी बात – नारियल को जल में प्रवाहित करते समय आपका मुख उस ओर होना चाहिए जिस ओर जल का बहाव हो | इस प्रयोग को लगातार तीन शनिवार तक करें आपको आर्थिक समृद्धि होने लगेगी और बुरे दिन समाप्त हो जायेंगे |

सुख-समृद्धि के लिए कुबेर चाबी का विलक्षण प्रयोग

सुख समृद्धि के लिए यह भी एक विलक्षण प्रयोग है | इस प्रयोग को आप किसी भी शुक्लपक्ष के गुरुवार से आरम्भ करें | आप एक लोहे की चपटी चावी ले लें | यदि आप प्रतिदिन पूजन पाठ करते हैं तो अति उत्तम है और यदि नहीं करते तो कुछ दिन इस प्रयोग को अवश्य करें | आप जिस भी धर्म से हैं अपने धर्म का कोई भी ग्रन्थ ले लें | और उस ग्रन्थ को पढ़ना आरम्भ करें |

आप जहां तक उस ग्रन्थ को एक दिन में पढ़ सकते हैं पढ़ें फिर जिस प्रकार किसी कागज़ आदि से क्षेपक लगते हैं उसी प्रकार उस चावी को क्षेपक के रूप में उपयोग करें | चावी को उपयोग करने से पहले उसे लाल वस्त्र में लपेट लें | इसी प्रकार प्रतिदिन पाठ करें और पाठ समाप्ति के बाद चावी को आगे क्षेपक की तरह आगे बढ़ाते जाएँ | जिस दिन ग्रन्थ समापन हो उसके बाद उस चावी को कुबेर की चावी की भावना से अपने पर्स में या धन रखने के स्थान पर रखदें | इस प्रयोग से आपको बहुत ही जल्दी लाभ मिलने लगेगा |

मित्रो आगे अनेक सरल एवं सटीक प्रयोग प्रस्तुत करते रहेंगे | यदि आपको यह जानकारी अच्छी लगी या आपने इसे किया और आपको फायदा हुआ तो आप अपने मित्रों, रिश्तेदारों तथा जानने वालो को अवश्य शेयर करें ताकि उनका भी भला हो सके | धन्यवाद |

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

1. लक्ष्मी प्राप्ति के लिए सबसे उत्तम उपाय कौन सा माना जाता है?
उत्तर: लक्ष्मी प्राप्ति के लिए श्रीसूक्त का पाठ और माता लक्ष्मी के मूल मंत्रों का नियमित जाप सबसे अचूक और सरल उपाय माना गया है।

2. श्रीसूक्त कितने प्रकार के होते हैं?
उत्तर: श्रीसूक्त मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं – पुराणोक्त श्रीसूक्त (जो धन वृद्धि के लिए उत्तम है) और वेदोक्त श्रीसूक्त (जो श्री यंत्र की सिद्धि के लिए किया जाता है)।

3. लक्ष्मी मंत्रों का जाप किस माला से करना चाहिए?
उत्तर: माता लक्ष्मी के मंत्रों का जाप हमेशा स्फटिक की माला से करना अत्यंत शुभ और फलदायक माना जाता है।

4. धन हानि रोकने वाला नारियल का उपाय कब करना चाहिए?
उत्तर: धन हानि रोकने और कर्ज से मुक्ति पाने के लिए नारियल वाला यह उपाय केवल शनिवार को सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच करना चाहिए। इसे लगातार 3 शनिवार तक करना होता है।

5. कुबेर चाबी का उपाय किस दिन से शुरू करें?
उत्तर: सुख-समृद्धि और धन वृद्धि के लिए कुबेर चाबी का यह विशेष उपाय किसी भी शुक्ल पक्ष के गुरुवार से शुरू किया जाना चाहिए।

6. क्या इन उपायों का कोई दुष्प्रभाव होता है?
उत्तर: नहीं, इस लेख में बताए गए सभी उपाय पूरी तरह से सात्विक, सरल और सुरक्षित हैं, जिनका कोई भी नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता।

7. मंत्र जाप शुरू करने के लिए सबसे अच्छे मुहूर्त कौन से हैं?
उत्तर: आप इन उपायों को शुक्ल पक्ष के किसी भी शुक्रवार, दीपावली, होली, महाशिवरात्रि, नवरात्रि या किसी ग्रहण काल के दिन से शुरू कर सकते हैं।

8. व्यवसाय चुनाव के लिए ज्योतिषीय सलाह क्यों जरूरी है?
उत्तर: कई बार गलत व्यवसाय चुनने के कारण व्यक्ति की आर्थिक उन्नति रुक जाती है। जन्मकुंडली के ग्रहों के आधार पर व्यवसाय चुनने से सफलता की संभावना अत्यधिक बढ़ जाती है।

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