यह राशि कुदरती कुंडली की बारहवीं राशि मानी जाती है। यह राशि जल तत्व वाली है। इस राशि वालों में स्नेह, संवेदनशीलता और कोमल स्वभाव आदि गुण विशेष पाए जाते हैं। ये सच्चाई के रास्ते पर चलने वाले, शीघ्र ही क्षमा कर देने वाले, दान करने में अग्रणी, परोपकारी, ईश्वर के प्रति श्रद्धा रखने वाले, दुनिया के लिए काम करने वाले और विरक्त स्वभाव के कारण संसार की बजाय ईश्वर और समाज सेवा में रुचि रखने वाले होते हैं। ऐसे जातक हमेशा समझदारी से काम लेने वाले, समाज में घुल-मिल कर रहने वाले, अपनी मंजिल को पाने के लिए सारे सुखों को त्याग देने वाले, एक साथ कई काम करने में जुट जाने वाले, बिना परखे लोगों पर विश्वास कर लेते हैं जिसके कारण कभी-कभी अजीब हालात का सामना भी करना पड़ता है।
मीन राशि और स्वास्थ्य (Pisces zodiac and Health)
इस राशि वालों को पैर के तलवों में जलन, हाथी रोग (हाथी रोग में पैर में सूजन आ जाती है), मोटापा बढ़ना, कोष्ठ वायु, चरबी बढ़ना आदि रोग होते हैं। इन्हें पीलिया, रक्तदोष, शरीर के किसी भी हिस्से में मांस का बढ़ना, मेदवृद्धि, बड़े फोड़े होना, मस्से होना, गांठे बनना और कैंसर जैसी भयानक बीमारियां होती हैं।
मीन राशि वालों के गुण (Qualities of Pisces)
इस राशि वाले जातक धनी, माननीय, नरम स्वभाव वाले, सदा प्रसन्नचित्त रहने वाले, उत्तम सुख के भोगने वाले, माता-पिता की सेवा करने वाले, देवार्चन करने वाले, भगवान की भक्ति में निरत, उदार हृदय वाले, और जितेंद्रिय होते हैं। ये निर्मल बुद्धि के शास्त्र विद्या में कुशल, गुणी, चतुर, शत्रु पर विजय प्राप्त करने वाले, बड़े ही ईमानदार, अत्यंत निष्कपट, धर्मानुरागी, विद्वान और उत्तम वाचा शक्ति वाले होते हैं। ये कुशल लेखक और पद्य एवं संगीत प्रिय होते हैं। ये सहज ही में निरुत्साह एवं उदास हो जाते हैं। कभी-कभी मादक द्रव्य एवं दुष्टाचार्य की ओर इनका झुकाव हो जाता है। ऐसे जातक उत्तम रूपवान और सुंदर दृष्टि युक्त परंतु देखने में अत्यंत सुंदर नहीं होते।
मीन राशि यंत्र धारण क्यों करें? (Why wear a Pisces yantra?)
यदि आपको कफ से संबंधित परेशानी हो, वजन बढ़ रहा हो, बुखार जल्दी आ जाता हो, फोड़े-फुंसियों से परेशान हों, शरीर में मस्से हो रहे हों, गांठे बन रही हों, शरीर के किसी भी अंग में सूजन आ जाती हो, कान बहना, कानों में कम सुनाई देना, शरीर में रोगप्रतिरोधक क्षमता की कमी का होना आदि समस्याएं होने पर, यदि उपरोक्त समस्याओं में से कोई भी समस्या हो तो आपको मीन राशि यंत्र धारण करना चाहिए।
यह यंत्र किसे धारण करना चाहिए (Meen Rashi Yantra)
यदि आपका जन्म मीन राशि में हुआ है और ऊपर बताए गए गुण आपमें नहीं हैं अर्थात आपके ऊपर उपरोक्त बातें लागू नहीं होतीं तो निश्चित है कि आपको शुभ फल प्राप्त नहीं हो रहा है। इसलिए आपको उपरोक्त सुख प्राप्त नहीं हो रहे हैं। ऊपर बताए गए सभी सुख आपको प्राप्त हों इसलिए आप सभी मीन राशि वालों के लिए भोजपत्र पर निर्मित यह Meen Rashi Yantra धारण करना चाहिए।
मीन राशि कवच कैसे बनाया जाता है (How to make Pisces sign yantra)
इस यंत्र का निर्माण शुभ मुहूर्त में धारण करने वाले जातक के नाम, गोत्र, स्थान आदि के उच्चारण के साथ शुभ होरा में, शुभ घड़ी में तैयार किया जाता है। इसमें प्रयुक्त होने वाले द्रव्य चंदन, गोरोचन, केसर, तथा हल्दी की स्याही से सोने की कलम से भोजपत्र पर निर्माण किया जाता है। तत्पश्चात प्राण-प्रतिष्ठा कर मीन राशि कवच की विधिवत पूजन करने के बाद तांत्रिक मंत्र का जाप किया जाता है। उसके बाद हवन किया जाता है। हवनोपरांत यंत्र को ताबीज में वेष्टित किया जाता है।
यंत्र मंगाने की विधि
जिस व्यक्ति के लिए यंत्र धारण करना है, उस व्यक्ति का नाम, पिता/पति का नाम तथा गोत्र एवं वर्तमान स्थान तथा अपना पोस्टल एड्रेस हमारे (7470934089) व्हाट्सएप नंबर पर भेजें। यंत्र निर्माण के बाद आपके दिए पते पर पोस्ट ऑफिस द्वारा भेज दिया जाएगा।
यह यंत्र यदि आप धारण नहीं कर सकते हैं तो आप इसे अपने पर्स में या व्यापार स्थल में भी रख सकते हैं।