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गुरु जप अनुष्ठान

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गुरु जप अनुष्ठान

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गुरु जप अनुष्ठान से बृहस्पति ग्रह को बलवान बनाएं। 64,000 मंत्र जप, विधिवत हवन और आपके नाम-गोत्र से निर्मित सिद्ध गुरु यंत्र सहित। नौकरी, विवाह और संतान बाधा निवारण हेतु।

₹6,400.00 ₹4,800.00

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क्या नौकरी में बाधाएं आ रही हैं? विवाह नहीं हो रहा? संतान सुख नहीं मिल रहा? धन नहीं टिकता? तो गुरु जप अनुष्ठान आपके लिए सबसे शक्तिशाली वैदिक उपाय है। हमारे पास अनेक यजमान आते हैं जो कहते हैं — "गुरूजी नौकरी नहीं मिल रही", "बच्चा नहीं हो रहा", "लड़की की शादी अटकी हुई है।" संतान कहना नहीं मानती है। जब हम उनकी कुंडली देखते हैं तो अधिकांश में बृहस्पति (गुरु) ग्रह कमजोर मिलता है। ऐसे में गुरु जप अनुष्ठान से तुरंत लाभ मिलता है।

🌟 गुरु जप अनुष्ठान से क्या लाभ होता है?

  1. नौकरी और करियर में सफलता: नौकरी की बाधाएं दूर होती हैं, पदोन्नति मिलती है और व्यापार में उन्नति आती है।
  2. विवाह की बाधाएं दूर होती हैं: विशेष रूप से स्त्रियों की कुंडली में गुरु कमजोर होने पर विवाह में देरी होती है — जप से यह बाधा दूर होती है।
  3. संतान सुख प्राप्त होता है: गुरु संतान का कारक है — संतान प्राप्ति में बाधा होने पर यह अनुष्ठान अत्यंत लाभकारी है।
  4. धन और समृद्धि आती है: आर्थिक स्थिति सुधरती है और धन लाभ के नए अवसर बनते हैं।
  5. स्वास्थ्य लाभ मिलता है: लीवर, पीलिया, सूजन और कान से संबंधित गुरु के रोगों में विशेष लाभ होता है।
  6. ज्ञान और बुद्धि में वृद्धि: पढ़ाई में सफलता मिलती है और निर्णय लेने की क्षमता बढ़ती है।

यह अनुष्ठान किसे करवाना चाहिए?

  • धनु और मीन राशि वाले
  • मीन और धनु लग्न वाले
  • जिनकी गुरु की महादशा या अंतर्दशा चल रही हो
  • यदि जातक की कुंडली में गुरु नीच, अस्त या पीड़ित हो
  • जिन्हें विवाह या संतान में बाधा हो
  • नौकरी या धन संबंधी समस्या से परेशान हों
  • स्त्रियाँ जिन्हें पति सुख में बाधा हो

कुछ आचार्यों के मतानुसार यदि गुरु दो केंद्र भावों का स्वामी होकर केंद्र भाव में ही बैठा हो तो उसे केंद्राधिपति दोष लगता है — ऐसे में भी गुरु जप लाभकारी है।

🕉️ अनुष्ठान की विशेष विधि

यह जप गुरुवार के दिन गुरु की होरा में आरंभ होता है। कलयुगे चतुर्गुना के सिद्धांत से गुरु जप की संख्या 64,000 होती है। जप पूर्ण होने के बाद विधिवत हवन किया जाता है।

हवनोपरांत आपके नाम-गोत्र से निर्मित गुरु यंत्र — जो गुरुवार को गुरु की होरा में चंदन, गौलोचन, केशर तथा हल्दी की स्याही से सोने की कलम से भोजपत्र पर बनाया जाता है — आपको प्रदान किया जाता है। यदि आप केवल गुरु यंत्र धारण करना चाहते हैं तो वह भी उपलब्ध है।

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अनुष्ठान की दक्षिणा

दक्षिणा: ₹4,800

इसमें शामिल है:

  • 64,000 जप
  • विधिवत हवन
  • आपके नाम-गोत्र से निर्मित गुरु यंत्र

📞 अनुष्ठान बुक करें

  1. नीचे "Add to Cart" करें या 7470934089 पर WhatsApp करें
  2. अपना नाम, पिता/पति का नाम, गोत्र और जन्म तिथि भेजें
  3. दक्षिणा जमा होने के बाद अगले गुरुवार को जप आरंभ होगा
  4. इस अनुष्ठान की अवधि 15 दिन
  5. अनुष्ठान पूर्ण होने के बाद यंत्र आपके घर भेजा जाएगा

📞 +91-7470934089 | 📍 Jabalpur (M.P.) | Raipur (C.G.)
जय श्री राम 🙏

❓ FAQ — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न १: गुरु जप अनुष्ठान क्या होता है?
उत्तर: गुरु जप अनुष्ठान एक वैदिक अनुष्ठान है जिसमें बृहस्पति ग्रह के मंत्र का शास्त्रोक्त विधि से 64,000 बार जाप किया जाता है। इससे गुरु ग्रह बलवान होता है और नौकरी, विवाह, संतान और धन संबंधी बाधाएं दूर होती हैं।

प्रश्न २: गुरु जप अनुष्ठान में कितने मंत्रों का जाप होता है?
उत्तर: शास्त्रों में गुरु जप की संख्या 16,000 बताई गई है। परंतु कलयुगे चतुर्गुना के सिद्धांत से कलयुग में यह संख्या चार गुना अर्थात 64,000 होती है।

प्रश्न ३: गुरु जप अनुष्ठान किस दिन से शुरू होता है?
उत्तर: यह अनुष्ठान सदैव गुरुवार के दिन गुरु की होरा में आरंभ किया जाता है क्योंकि गुरुवार बृहस्पति ग्रह का दिन माना जाता है।

प्रश्न ४: गुरु जप अनुष्ठान पूरा होने में कितने दिन लगते हैं?
उत्तर: इस अनुष्ठान की अवधि 15 दिन होती है। अनुष्ठान पूर्ण होने के बाद आपके नाम-गोत्र से निर्मित गुरु यंत्र आपके घर भेजा जाता है।

प्रश्न ५: गुरु जप अनुष्ठान की दक्षिणा कितनी है?
उत्तर: इस अनुष्ठान की दक्षिणा ₹4,800 है जिसमें 64,000 जप, विधिवत हवन और आपके नाम-गोत्र से निर्मित गुरु यंत्र शामिल है।

प्रश्न ६: क्या गुरु जप अनुष्ठान घर बैठे करवाया जा सकता है?
उत्तर: हाँ, यह अनुष्ठान पूरी तरह ऑनलाइन करवाया जा सकता है। आपका नाम, पिता/पति का नाम, गोत्र और जन्म तिथि WhatsApp पर भेजें। दक्षिणा जमा होने के बाद हम स्वयं आपकी ओर से अनुष्ठान करते हैं और यंत्र आपके घर भेज दिया जाता है।

प्रश्न ७: धनु और मीन राशि वालों को गुरु जप क्यों करवाना चाहिए?
उत्तर: धनु और मीन राशि के स्वामी बृहस्पति हैं। इन राशियों में गुरु कमजोर होने पर नौकरी, विवाह, संतान और धन में बाधाएं आती हैं। गुरु जप से राशि स्वामी बलवान होता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

प्रश्न ८: स्त्रियों को गुरु जप क्यों करवाना चाहिए?
उत्तर: स्त्रियों की कुंडली में गुरु पति सुख और विवाह का कारक है। गुरु कमजोर होने पर विवाह में देरी, पति से कलह और वैवाहिक जीवन में अशांति होती है। गुरु जप अनुष्ठान से यह सभी बाधाएं दूर होती हैं।

प्रश्न ९: गुरु जप और गुरु यंत्र में क्या अंतर है?
उत्तर: गुरु यंत्र केवल एक दिवसीय अनुष्ठान से निर्मित होता है जबकि गुरु जप अनुष्ठान में 64,000 मंत्र जाप और हवन के साथ विशेष रूप से आपके नाम-गोत्र से निर्मित यंत्र प्रदान किया जाता है। जप अनुष्ठान का प्रभाव केवल एक दिवसीय अनुष्ठान से कहीं अधिक होता है।

प्रश्न १०: पंडित राजकुमार दुबे जी से गुरु जप अनुष्ठान कैसे बुक करें?
उत्तर: +91-7470934089 पर WhatsApp करें और अपना नाम, पिता/पति का नाम, गोत्र, वर्तमान स्थान और जन्म तिथि भेजें। दक्षिणा ₹4,800 जमा होने के बाद अगले गुरुवार से अनुष्ठान आरंभ हो जाता है।

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