राहु यंत्र के अद्भुत लाभ – राहु दोष निवारण और जीवन की समस्याओं से छुटकारा (Benefits of Rahu Yantra)
जिन व्यक्तियों की स्किन में रूखापन (Dry skin) रहता है, निम्न सोच रहती हो, जो पागलों जैसा वर्ताव करते हों, पिशाच बाधा से पीड़ित हों, या कुंडली में पितृदोष हो, या स्वप्न में मृत व्यक्ति दिखाई देते हों, या आपको लगता है कि किए-कराए दोष हैं, या व्यक्ति का मन दुर्व्यसन की ओर आकर्षित हो रहा है या गुप्तांगों की कोई समस्या है—उपरोक्त सभी समस्याओं से निपटने के लिए राहु यंत्र (Rahu Yantra) धारण करना चाहिए। क्योंकि यह यंत्र उपरोक्त सभी समस्याओं से छुटकारा दिलाता है।
राहु ग्रह क्यों माना जाता है अशुभ?
हमारे ज्योतिष शास्त्र में राहु को एक म्लेच्छ ग्रह माना जाता है। इसको पापी ग्रह की संज्ञा दी गई है। यह एक अदृश्य ग्रह होने के कारण व्यक्ति को इस प्रकार की बीमारी से पीड़ित करता है जो किसी भी प्रकार की मेडिकल जांच या टेस्ट में नहीं आती। यह अचानक समस्याएं भी उत्पन्न करता है। म्लेच्छ ग्रह होने के कारण जातक को दुर्व्यसन की ओर आकर्षित करता है। इसका काम है जिस भाव में स्थित हो उस भाव के फल को सोखना तथा व्यक्ति के कार्यों में अवरोध उत्पन्न करना।
राहु यंत्र किसे धारण करना चाहिए? (Who Should Wear Rahu Yantra)
राहु की अपनी कोई राशि नहीं होती, राहु एक छाया ग्रह है किंतु फल देने में किसी ग्रह से कम नहीं है। इसलिए जिनकी राहु की महादशा या अंतरदशा चल रही हो उनको तथा उपरोक्त समस्याएं जिसको भी होती हैं, उन व्यक्तियों को इस यंत्र को धारण करना चाहिए।
राहु यंत्र का निर्माण और स्थापना विधि (Construction of Rahu Yantra)
इस यंत्र का निर्माण शनिवार के दिन किया जाता है क्योंकि राहु का अपना कोई दिन नहीं होता, किंतु राहु को शनि के समान फल देने वाला ही बताया गया है। इसलिए शनिवार के दिन शनि की होरा में चंदन, गौलोचन, केशर तथा कोयला की स्याही से लोहे की कलम द्वारा भोजपत्र पर निर्माण किया जाता है। तत्पश्चात प्राण-प्रतिष्ठा कर राहु यंत्र की विधिवत पूजन करने के बाद तांत्रिक मंत्र का जाप किया जाता है, क्योंकि बिना मंत्र के यंत्र प्रभावी नहीं होता। इसके बाद आहुतियां देकर हवन किया जाता है।
यंत्र मंगाने की विधि
जिस व्यक्ति के लिए यंत्र धारण करना है, उस व्यक्ति का नाम, पिता/पति का नाम तथा गोत्र हमारे व्हाट्सएप नंबर (+91 7470934089) पर भेजें। यंत्र निर्माण के बाद आपके दिए गए पते पर पोस्ट ऑफिस/कूरियर द्वारा भेज दिया जाएगा।
राहु के अन्य उपाय और राहु की आपकी कुंडली में क्या स्थिति है तथा वह गोचरवश जब-जब अन्य राशियों में भ्रमण करेगा तब-तब वह आपके ऊपर क्या प्रभाव डालेगा, यह आपको हमारी विशेष राहु गोचर रिपोर्ट से प्राप्त होगा।
खराब राहु के लक्षण (Rahu Graha Effects)
- घर की सीढ़ियों का गलत दिशा में बनना या टूटा-फूटा रहना राहु दोष पैदा करता है।
- यदि कुंडली में राहु अशुभ हो तो जातक नशे की लत का शिकार हो जाता है।
- व्यक्ति बात-बात पर चिड़चिड़ाता है, हमेशा दुखी महसूस करता है और भविष्य को लेकर उदासीन हो जाता है।
- घर में वॉशरूम-टॉयलेट का गंदा या टूटा-फूटा रहना राहु को खराब करता है।
- यदि कोई व्यक्ति जादू-टोने के चक्कर में पड़ जाए तो यह भी राहु के खराब होने का संकेत है।
- रात में नींद न आना, डरावने सपने आना, हर समय आशंकाओं व बेचैनी में जीना और निर्णय न ले पाना खराब राहु का इशारा है।
- पानी, आग और ऊंचाई से डरना, बार-बार बीमार होना और असफलताओं का पीछा न छोड़ना भी खराब राहु का लक्षण है।
- घर के पत्थरों या कांच के अचानक चटकने की घटनाएं होना।
- बेवजह लोगों से दुश्मनी होना, लोगों के साथ धोखेबाजी करना व षड़यंत्र सोचना।
- गंदे नाखून रखना और गंदगी से रहना राहु के निर्बल होने का इशारा है।
- खराब राहु चरित्र दोष उत्पन्न करता है, धन हानि कराता है और दुर्घटनाएं करवाता है।
खराब राहु से बचने के उपाय (Rahu Yantra Benefits in Hindi)
- यदि कुंडली में राहु खराब है तो शनिवार का व्रत करें तथा गले में सिद्ध राहु यंत्र धारण करें।
- चांदी के 2 छोटे-छोटे सांप बनवाकर बहते जल में प्रवाहित करने से राहु दोष से निजात मिलती है।
- राहु की शांति के लिए बीजमंत्र: "ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः" का 18,000 बार जाप करें। यह जाप शिव मंदिर में या बहती नदी के किनारे करें।
- शनिवार के दिन कौए को रोटी खिलाएं और ब्राह्मणों अथवा गरीबों को चावल का दान करें।
- राहु की दशा में कुष्ठ रोगियों की सहायता करें और गरीब कन्या के विवाह में सहयोग करें।
- सोते समय अपने सिरहाने जौ रखें और सुबह इनका दान कर दें।
- तांबे के बर्तन में गुड़ और गेहूं भरकर बहते जल में प्रवाहित करें।
- भोजन में लहसुन, प्याज और मसूर की दाल का परहेज रखें।
- भगवान भैरव के मंदिर में रविवार को तेल का दीपक जलाएं तथा हर सोमवार शिवलिंग पर दूध मिश्रित जल चढ़ाएं।
- शराब का सेवन बिलकुल न करें तथा सिर में चोटी वाले स्थान पर बाल बांधकर रखें। ससुराल पक्ष से अच्छे संबंध रखें।
राहु के शुभ प्रभाव
राहु केवल अशुभ ही नहीं देता, बल्कि शुभ होने पर अद्भुत परिणाम भी देता है:
- कुंडली में शुभ राहु व्यक्ति को अपार मान-सम्मान और हाजिरजवाबी प्रदान करता है।
- जातक को विदेशों की यात्राएं और विदेश से धन लाभ कराता है।
- राजनीति में व्यक्ति को बहुत ऊंचे मुकाम पर ले जाता है।
- जातक कड़ा परिश्रम करने के बाद भी थकावट महसूस नहीं करता।
- अचानक से गुप्त धन लाभ या शेयर/लॉटरी से बड़ा लाभ प्राप्त करवाता है।
- राहु व्यक्ति के शक्तिवर्धन और शत्रुओं को मित्र बनाने में सहायक सिद्ध होता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
1. Rahu Yantra क्या है?
राहु यंत्र एक पवित्र ज्योतिषीय यंत्र है, जिसे राहु ग्रह की अशुभता को दूर करने और उसके शुभ फलों को बढ़ाने के लिए भोजपत्र पर निर्मित व स्थापित किया जाता है।
2. किन लोगों को राहु यंत्र धारण करना चाहिए?
जिनकी जन्म कुंडली में राहु अशुभ स्थान पर है, राहु की महादशा/अंतरदशा चल रही है, या जिन्हें बार-बार मानसिक तनाव, नशे की प्रवृत्ति, भ्रम, शत्रु पीड़ा और अचानक बाधाओं का सामना करना पड़ता है।
3. Rahu Yantra के मुख्य लाभ क्या हैं?
मानसिक शांति व स्थिरता मिलती है, शत्रु व बाधाओं से मुक्ति मिलती है, व्यसन और भ्रम कम होता है, व्यापार व नौकरी की रुकावटें दूर होती हैं तथा आत्मविश्वास बढ़ता है।
4. क्या राहु यंत्र धारण करने से तुरंत प्रभाव मिलता है?
कुछ लोगों को जल्दी लाभ दिखता है, जबकि कुछ को धीरे-धीरे परिणाम मिलते हैं। यह व्यक्ति की कुंडली और ग्रह स्थिति पर निर्भर करता है।
5. क्या यह केवल नकारात्मक प्रभाव को ही दूर करता है?
नहीं, यह राहु ग्रह के शुभ फलों को भी बढ़ाता है; जैसे राजनीति, विदेश यात्रा, रहस्यमय ज्ञान और शोध कार्यों में सफलता।
6. क्या राहु यंत्र बिना ज्योतिषीय परामर्श के लिया जा सकता है?
बेहतर है कि इसे किसी योग्य ज्योतिषी की सलाह और नाम-गोत्र के संकल्प के साथ ही धारण करें ताकि यह अधिकतम लाभ प्रदान करे।