Welcome To Pandit Raj kumar dubey

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Astrology works in itself. It is capable to solve various queries and help you enjoy life in the best way possible if it is performed better. Learning a few prayers and mantras is not enough. Pandit Rajkumar Dubey has studied Astrology and learned it deeply. If you prefer him as your best lifestyle counselor, your life and your future will be in safe hands.

He has complete knowledge in Vedic principles and he is capable to solve several problems in your life.

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यंत्र

केतु यंत्र

1)सफेद दाग.

2)कुष्ठ रोग.

3)त्वचा रोग.

4)मन सदा उदास रहना.

गुरु यंत्र

1)लीवर से सम्बंधित परेशानी.

2)पीलिया.

3)सूजन.

4)बड़े फोड़े.

चंद्र यंत्र

1)मनोबल कमजोर है.

2)अस्थिर चित्त रहता है.

3)सर्दी जुखाम की सिकायत बनी

4)उक्त रक्तचाप

बुध यंत्र

1)अस्थमा या स्वश्न सम्बंधी परेशानी

2)बदहजमी(Indigestion).

3)कान से सम्बंधित रोग.

4)तुतलाना या रुक रुक के बोलने पर.

मंगल यंत्र

1)रक्त प्रदर.

2)रक्त दोष.

3)बुखार.

4)खुजली.

5)बार बार जख्म होना.

राहु यंत्र

1)त्वचा का रूखापन.

2)निम्न सोच.

3)पागलों जैसा वर्ताव.

4)पिशाच बाधा से पीड़ा.

5)पितृदोष.

शनि यंत्र

1)लकवा (Paralysis).

2)दाँतों के रोग.

3)बेवक्त बुढ़ापा.

4)रूखी त्वचा.

5)हड्डियों का कमजोर होना.

सूर्य यंत्र

1)सिर दर्द.

2)आँखों की समस्या.

3)नीद न आना.

4)मुँह से लार गिरना.

5)घबराहट होना.

शुक्र यंत्र

1)गले से सम्बंधित परेशानी.

2)शराब की लत हो.

3)गुप्तरोग (gupt rog).

4)गर्भाशय की समस्या.

5)मूत्राशय की तकलीफ.

रुद्राक्ष

एक मुखी रुद्राक्ष

1)सिर दर्द.

2)आँखों की समस्या.

3)नीद न आना.

4)सोते समय मुँह से लार गिरना.

5)घबराहट होना

दो मुखी रुद्राक्ष

1)मनोबल (confidence level ) कमजोर है.

2)अस्थिर चित्त रहता है.

3)सर्दी जुखाम की सिकायत

4)उक्त रक्तचाप

तीन मुखी रुद्राक्ष

1)रक्त प्रदर.

2)रक्त दोष.

3)किसी भी प्रकार का बुखार.

4)खुजली.

5)बार बार जख्म होना.

चार मुखी रुद्राक्ष

1)अस्थमा या स्वश्न सम्बंधी परेशानी

2)बदहजमी.

3)कान से सम्बंधित रोग.

4)तुतलाना या रुक रुक के बोलने

5)याददाशत कमजोर होने पर.

पाँच मुखी रुद्राक्ष

1)लीवर (Lever) से सम्बंधित परेशानी.

2)पीलिया.

3)सूजन.

4)बड़े फोड़े.

छः मुखी रुद्राक्ष

1)गले से सम्बंधित परेशानी.

2)शराब की लत हो.

3)गुप्तरोग (gupt rog).

4)गर्भाशय की समस्या.

5)मूत्राशय की तकलीफ.

सात मुखी रुद्राक्ष

1)लकवा (Paralysis).

2)दाँतों के रोग.

3)बेवक्त बुढ़ापा.

4)रूखी त्वचा.

5)हड्डियों का कमजोर होना.

आठ मुखी रुद्राक्ष

1)त्वचा का रूखापन.

2)निम्न सोच.

3)पागलों जैसा वर्ताव.

4)पिशाच बाधा से पीड़ा.

5)पितृदोष.

नौं मुखी रुद्राक्ष

1)सफेद दाग.

2)कुष्ठ रोग.

3)त्वचा रोग.

4)मन सदा उदास रहना.

 

ज्योतिष-रिपोर्ट

केतु गोचर रिपोर्ट

केतु प्रत्येक राशि में लगभग डेड़ (1-1/2) वर्ष तक रहता है। केतु एक छाया ग्रह है किंतु इसके अच्छे या बुरे प्रभाव बहुत ही प्रबल होते हैं। केतु जिस भाव में तथा उसमें स्थित राशि गोचर वश आयेगा उससे जातक पर क्या प्रभाव पड़ेगा तथा उसके शुभ अशुभ प्रभावों..

जन्म पत्रिका निर्माण

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राहु गोचर रिपोर्ट

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गुरु ग्रहों में बहुत ही शुभ माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र में गुरु से ब्यक्ति के ज्ञान, भगवान के प्रति लगाव, संतान का सुख, बुजुर्गों का आशीर्बाद जैसी बहुत सी बातों का विचार करते हैं। आपकी कुण्डली में गुरु की क्या स्थिति है तथा गोचर में गुरु आपको क्या परिणाम देगा।

वार्षिक रिपोर्ट

वार्षिक रिपोर्ट में – आने वाला वर्ष कैसा रहेगा। यह विचार प्रत्येक ब्यक्ति के मन में आता है। चाहे वह विद्यार्थी हो या नौकरी वाला, व्यापारी हो संघर्षरत, हाउस वाइफ से लेकर नेता तक सभी के मन में आने वाले समय के बारे में जानने की प्रबल इच्छा होती है। ज्योतिष इसमें..

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विवाह जीवन का बड़ा ही महत्वपूर्ण निर्णय होता है। जरा सी गल्ती जीवन भर रुलाती है। वैवाहिक रिपोर्ट में विवाह कब होगा, लव मैरिज होगी या अरेंज मैरिज होगी, वैहाविक जीवन..

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आज के काम्पटीशन के दौर में व्यवसाय को लेकर मन में उथलपुथल मची रहती है। कौन सा व्यवसाय करें किस व्यापार में सफलता मिलेगी चाहे छोटा हो या बड़ा व्यापार करने से पहले यह व्यवसाय रिपोर्ट अवश्य पढ़ें।

शनि गोचर विचार

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विवाह के थोड़े समय बाद ही संतान उत्पत्ती की चिंता होने लगती है। संतान कब होगी इस रिपोर्ट में संतान योग तथा समय, और संतान उतपत्ती में यदि कोई वाधा है तो उसके सरल..