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pitru tarpan vidhi

Pitru Tarpan Vidhi-पितृ तर्पण विधि एवं मन्त्र

पितृ तर्पण की सम्पूर्ण विधि मन्त्रों सहित Pitru Tarpan Vidhi – भाद्रपद पूर्णिमा से लेकर अश्वनि अमावस्या तक पितर पक्ष 16 दिन का होता है इस अवधि में लोग अपने पितरों का श्रद्धा पूर्वक स्मरण करते हैं | और उनके लिए पिण्ड दान करते हैं | इसे सोलह श्राद्ध भी कहा जाता है | पितर

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anant chaturdashi

Anant chaturdashi-अनंत चतुर्दशी व्रत कथा

अनंत चतुर्दशी व्रत विधि एवं कथा Anant chaturdashi vrat – इस व्रत को प्रातः काल अर्थात उदया तिथि लेना चाहिए, क्योंकि प्रातः काल का सही पूजन का समय रहता है | क्योंकि ब्रह्म पुराण में लिखा है कि जो एकाग्र चित्त से प्रातः काल अनंत का पूजन करता है वह भगवान की कृपा से अनंत

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bhavanusar surya mahadasha fal

bhavanusar surya mahadasha fal-भावानुसार सूर्य महादशा फल

भावानुसार सूर्य दशा फल bhavanusar surya mahadasha fal – अलग-अलग भाव में स्थित सूर्य अपनी महादशा में क्या फल देता है इस बारे में जानते हैं | सूर्य यदि लग्न में हो अर्थात प्रथम भाव में हो तो उसकी दशा में जातक को नेत्र रोग, धन हानि, और राज्य से भय होता है | सूर्य

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surya mahadasha fal

Surya Mahadasha fal-सूर्य महादशा का फल

सूर्य की महादशा का फल Surya Mahadasha fal-सूर्य की महादशा में कभी-कभी परदेश वास होता है, और पृथ्वी, राजद्वार, ब्राह्मण, अग्नि, शस्त्र तथा औषधी से धन की प्राप्ति होती है | इस समय जातक की रुचि यंत्र-मंत्र आदि में बढ़ जाति है, और राजाओं से अर्थात बड़े अधिकारियों से मित्रता होती है | भाई बंधुओं

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mahadasha fal

Mahadasha fal-महादशा फल

ग्रहों की महादशा फल विधि Mahadasha fal – महादशा फल के साधारण नियम जिस ग्रह की महादशा चल रही है और जन्म कुंडली में वह ग्रह बली हो तो वह उत्तम फल देने वाला होता हैं | जो ग्रह उच्चाभिलाषी हो अर्थात अपनी राशि से उच्च राशि में जाने वाले ग्रह को उच्चाभिलाषी कहते हैं

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sri suktam benefits

sri suktam benefits-श्री सूक्त पाठ एवं फायदे

श्री सूक्त पाठ की सही विधि एवं फायदे sri suktam benefits – धन वृद्धि के उपाय में सर्वप्रथम यदि कोई उपाय में सबसे पहले आता है तो वह है श्रीसूक्त का पाठ करना | श्री सूक्त भी दो प्रकार के होते हैं | एक पुराणोक्त श्री सूक्त और दूसरा वेदोक्त श्री सूक्त | पुराणोक्त श्री

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