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कुंडली देखने का आसान तरीका भाग 1

कुंडली देखने का आसान तरीका भाग 1

✍️ Pandit Rajkumar Dubey  |  🕒 05 Aug 2019  |  📂 ज्योतिष  |  ⏱ 4 मिनट पढ़ें

free janam kundali analysis part 1 (कुण्डली कैसे देखें भाग 1)

अपनी कुंडली देखने का सबसे आसान तरीका:

हमारे इस (free janam kundali analysis part 1) कुण्डली कैसे देखें कार्यक्रम में आपको गणित नहीं पढ़ना है। इसमें सिर्फ आपको अपनी कुण्डली सामने रखना है और देखना है कि आपके ग्रह क्या कहते हैं। यह कैसे संभव होगा? इसलिए संभव होगा कि गणित के लिए हम सॉफ्टवेयर की मदद लेंगे। किन्तु फलादेश में ज्योतिष शास्त्र के नियम तथा 35 वर्षों का अनुभव सम्मिलित करेंगे।

कुण्डली देखने के लिए हमें जितना ज्ञान होना चाहिए पहले उसकी बात करते हैं। व्यक्ति को ग्रहों के नाम, राशि नाम, राशियों के स्वामी, नक्षत्रों के नाम, नक्षत्रों के स्वामी, ग्रहों की परस्पर शत्रुता-मित्रता, ग्रहों का उच्च-नीच होना आदि की मामूली जानकारी होने पर आप आसानी से कुण्डली का निरीक्षण कर सकते हैं।

9 ग्रह, 12 राशियाँ तथा 27 नक्षत्र ये आपको किसी भी कैलेंडर अथवा पंचांग में उपलब्ध हो जायेंगे। वैसे आपकी सुविधा के लिए नीचे सभी का चार्ट दिया गया है, जिससे आप आसानी से देख सकते हैं।

कुण्डली किसे कहते हैं :- (free janam kundali analysis)

कुण्डली अर्थात आपके जन्म के समय आकाश में ग्रहों की जो स्थिति रही होगी, वही स्थिति आपकी कुण्डली में होगी — ठीक उसी तरह जैसी आकाश में है।

इसे आप ऐसे समझ सकते हैं, जैसे कि पूर्व दिशा अर्थात लग्न या प्रथम भाव, ठीक इसी तरह कुण्डली की दिशाओं को भी समझें। आपके जन्म के समय जिस लग्न का उदय होगा, वही लग्न (अंक) आपके प्रथम भाव में आएगा। आगे किस प्रकार ग्रह और राशियों की स्थापना होती है, इसे हम आगे के अध्यायों में समझेंगे।

ज्योतिष विश्लेषण के 8 मुख्य विभाग

ज्योतिष को और भी आसान बनाने के लिए हमने इसके आठ विभाग किये हैं। जिसके कारण हमें ज्योतिष जानने में आसानी होगी:

  1. पहला — बाल्यकाल
  2. दूसरा — शिक्षा
  3. तीसरा — रोजगार
  4. चौथा — विवाह
  5. पांचवां — संतान
  6. छटवां — धन सुख
  7. सातवाँ — स्वास्थ्य
  8. आठवां — आयु विचार

उपरोक्त सभी विभागों को हम क्रमशः विस्तार से जानेंगे।

9 ग्रह (Nine Planets)

सूर्य चन्द्र मंगल
बुध गुरु शुक्र
शनि राहु केतु

12 राशियाँ (Twelve Zodiac Signs)

1- मेष 2- वृषभ 3- मिथुन
4- कर्क 5- सिंह 6- कन्या
7- तुला 8- वृश्चिक 9- धनु
10- मकर 11- कुंभ 12- मीन

27 नक्षत्र (27 Nakshatras)

1- अश्विनी 2- भरणी 3- कृतिका
4- रोहिणी 5- मृगशिरा 6- आर्द्रा
7- पुनर्वसु 8- पुष्य 9- आश्लेषा
10- मघा 11- पूर्वा फाल्गुनी 12- उत्तरा फाल्गुनी
13- हस्त 14- चित्रा 15- स्वाती
16- विशाखा 17- अनुराधा 18- ज्येष्ठा
19- मूल 20- पूर्वाषाढ़ा 21- उत्तराषाढ़ा
22- श्रवण 23- धनिष्ठा 24- शतभिषा
25- पूर्वा भाद्रपद 26- उत्तरा भाद्रपद 27- रेवती

कुण्डली कैसे देखें भाग 1 को यहीं समाप्त करते हैं। भाग दो में नयी जानकारियाँ लेकर पुनः उपस्थित होंगे। दूसरे भाग में राशियों के स्वामी, नक्षत्रों के स्वामी, ग्रहों की मित्रता-शत्रुता के बारे में और ग्रहों का उच्च-नीच आदि के बारे में सम्पूर्ण जानकारी लेकर उपस्थित होंगे। धन्यवाद!


इन्हें भी देखें :-

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