जन्म कुंडली: ग्रहों का प्रभाव और जीवन पर उनका असर
Janam Kundli (जन्म पत्रिका) आपके जीवन का एक संपूर्ण मार्गदर्शक है। इसमें प्रथम लग्न फल तथा स्वास्थ्य के बारे में विस्तार से विचार किया जाता है। उदाहरण के लिए, यदि आपकी लग्न मेष आई है, तो मेष लग्न में जन्म लेने वाले जातकों के गुण, व्यवहार, कार्य कुशलता, शारीरिक बनावट एवं जातक के स्वभाव आदि के बारे में संक्षिप्त व सटीक रूप से लिखा जाता है।
विद्या एवं शिक्षा का विचार
विद्या अध्ययन के बारे में विचार करते समय यह देखा जाता है कि विद्या पूर्ण होगी या नहीं तथा किस विषय से शिक्षा प्राप्त करना श्रेयस्कर रहेगा। विद्या का विचार पंचम भाव से किया जाता है, इसलिए पंचमेश की क्या स्थिति है, पंचमेश कौन सा ग्रह है और षडबल में उसे कितना बल प्राप्त है—इस आधार पर शिक्षा के विषय का चयन कर लिखा जाता है।
व्यवसाय एवं आजीविका विचार
व्यवसाय विचार के अंतर्गत सरकारी या प्राइवेट नौकरी के योग, अथवा यदि व्यापार करें तो कौनसा व्यापार लाभ देगा—इन सभी का गहन विश्लेषण किया जाता है। व्यापार के कारक ग्रह की स्थिति तथा व्यापार भाव के स्वामी के अनुसार आपके लिए उपयुक्त व्यवसाय का चयन किया जाता है।
विवाह संस्कार एवं वैवाहिक सुख
विवाह का सही समय तथा वैवाहिक सुख के बारे में विस्तार से लिखा जाता है। जीवनसाथी कैसा होगा, दाम्पत्य सुख कैसा रहेगा तथा संतान सुख आदि की संपूर्ण जानकारी इसमें सम्मिलित होती है।
संतान विचार
संतान उत्पत्ति का सही समय तथा संतान सुख का आंकलन किया जाता है। यदि संतान सुख में किसी प्रकार की बाधा समझ में आ रही हो, तो उसके लिए उचित एवं शास्त्रोक्त उपाय बताए जाते हैं।
धन संचय एवं आर्थिक स्थिति
आप धन संचय कर पाएंगे या नहीं, यदि नहीं तो उसके लिए क्या उपाय करने चाहिए? यदि धन आएगा परन्तु रुकेगा नहीं, तो उसकी स्थिरता के लिए क्या उपाय किए जाएं—इन सभी आर्थिक पहलुओं पर मार्गदर्शन दिया जाता है।
वृद्धावस्था, आयु एवं स्वास्थ्य विचार
वृद्धावस्था के सुख-दुख तथा आयु का विचार किया जाता है। आयु के अंत में किस प्रकार की परेशानियों या रोगों का सामना करना पड़ सकता है और उनके निवारण के लिए क्या उपाय करने चाहिए, इसकी पूरी जानकारी दी जाती है।
विशेष विवरण एवं रत्न सलाह
इस जन्म कुंडली (Janam Kundli) में संक्षिप्त विवरण के साथ सरल तथा सुगम उपाय (Upay) भी दिए जाएंगे। इसके अतिरिक्त कुछ खास समय के बारे में—जैसे अच्छा समय कब रहेगा, धन आगमन का समय, संतान उत्पत्ति का समय और स्वास्थ्य के प्रति कब सतर्क रहना है—विस्तार से बताया जाएगा। साथ ही आपको कौन से रत्न धारण करने चाहिए, इसकी सटीक रत्न सलाह भी प्रदान की जाएगी।
विशेष सुविधा: यह हस्तलिखित सप्तवर्गीय जन्म कुंडली निर्माण ऊपर दिए गए सभी बिंदुओं पर तैयार किया जाता है। इसमें सप्तवर्गीय गणित के साथ विंशोत्तरी महादशा तथा अंतरदशा का पूर्ण विवरण रहेगा। यह ऑर्डर करने के 15 दिन के अंदर आपके डाक पते पर भेज दी जाएगी।