पितृदोष निवारण पूजा कराने से पहले यह जरूर जांच लें कि यथार्थ में आपकी कुंडली में पितृदोष है भी या नहीं। पितृदोष जांचने के लिए आप हमें अपनी जन्म तारीख, जन्म समय तथा जन्म स्थान भेजकर मुफ्त परीक्षण (फ्री जांच) करा सकते हैं। यह निश्चित हो जाने पर कि जातक की कुंडली में पितृदोष है, तभी पूजन कराना चाहिए और pitra dosh ke upay करने चाहिए।
क्या हैं पितृदोष के प्रभाव?
पितृदोष एक ऐसा दोष है जो सब दुखों को एक साथ देने की क्षमता रखता है। इसके प्रभाव से व्यक्ति आजीविका के लिए तरसता है। विवाह में विलम्ब होता है, संतान सुख प्राप्त नहीं होता है तथा दाम्पत्य जीवन में नीरसता आ जाती है। कुछ योग इतने भयानक होते हैं जो वंश की वृद्धि ही नहीं होने देते।
पितृदोष निवारण के लिए सामान्य उपाय (Pitra Dosh Ke Upay)
किसी भी सोमवती अमावस्या को 108 मिश्री के दाने ले लें और थोड़ा सा माखन ले लें। "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" इस मंत्र को बोलते हुए पीपल की 108 परिक्रमा लगाएं। प्रत्येक परिक्रमा पर माखन लगी हुई एक मिश्री के दाने को पीपल की जड़ में रखते जाएं। इस प्रयोग से आपको कुछ राहत अवश्य मिलेगी, उपरोक्त समस्याओं से छुटकारा मिलेगा तथा पितरों का उद्धार होगा।
अनुष्ठान हेतु आवश्यक जानकारी
जिस व्यक्ति के नाम से अनुष्ठान होना हो, उनकी निम्नलिखित जानकारी आवश्यक होती है:
- यजमान का नाम
- पिता या पति का नाम
- गोत्र
- स्थान / शहर
- पोस्टल एड्रेस (नीचे दिए गए व्हाट्सएप नंबर पर भेजें, जिसके माध्यम से आपके पास सिद्ध यंत्र भेजा जा सके)
कैसे कराएं यह पूजन?
आप राजगुरु ज्योतिष अनुसंधान केंद्र में फोन करके या व्हाट्सएप नंबर पर संपर्क करके पूजन करवाने के लिए समय ले सकते हैं। यह पूजन शुभ मुहूर्त देखकर ही आरंभ की जाएगी, जिसके फलस्वरूप आपको पूरा लाभ प्राप्त हो सके।
संपर्क सूत्र: +91 7470934089 | WhatsApp: 7470934089