कुंडली में केतु का प्रभाव और समाधान
ketu shanti puja: केतु एक छाया ग्रह है। अशुभ छाया ग्रह का प्रभाव बहुत ही हानिकारक होता है। केतु के अशुभ होने पर व्यक्ति निराशावादी हो जाता है। उसमें नकारात्मकता (Negativity) का संचार होता है। वह हर समय निराश बना रहता है। किसी काम में मन नहीं लगता। वाणी में नीरसता आ जाती है, जिसके कारण व्यक्ति सबको अप्रिय लगने लगता है।
केतु छाया ग्रह होने के कारण कुछ अलग ही प्रकार की समस्याएं उत्पन्न करता है, जैसे—गुप्त शत्रु। केतु पीड़ित व्यक्ति के ऊपर अदृश्य शक्तियां शीघ्र ही अपना प्रभाव दिखाती हैं जो दिखाई नहीं देतीं या आसानी से समझ में नहीं आतीं। उपरोक्त सभी समस्याओं के निवारण के लिए केतु शान्ति अनुष्ठान कराया जाता है।
केतु अनुष्ठान के लाभ (Ketu Shanti Puja Benefits)
- मानसिक प्रसन्नता व स्फूर्ति: व्यक्ति का मन प्रसन्न रहेगा, शरीर में स्फूर्ति बनी रहेगी तथा अपने मधुर भाषण से वह सभी का मन जीत लेगा।
- आकर्षण में वृद्धि: व्यक्ति की आकर्षण शक्ति बढ़ जाती है।
- त्वचा व बालों की समस्या में राहत: चेहरे की झाइयां ठीक होने लगती हैं और समय से पहले बाल गिरने की समस्या नियंत्रित होती है।
- कार्य बाधाओं से मुक्ति: केतु की अशुभता लगभग समाप्त हो जाती है, जिसके प्रभाव से व्यक्ति के कार्यों में आ रही रुकावटें दूर होती हैं।
अनुष्ठान का प्रभाव की अवधि
इस अनुष्ठान का प्रभाव व्यक्ति के ऊपर सात वर्ष तक रहता है। सात वर्ष के बाद पुनः ketu shanti अनुष्ठान कराना चाहिए। सात वर्षों तक उपरोक्त किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो सकती।
आपके द्वारा प्राप्त जानकारी
जिस व्यक्ति के नाम से अनुष्ठान होना हो, उन्हें निम्नलिखित विवरण प्रदान करना होगा:
- यजमान का नाम
- पिता या पति का नाम
- गोत्र एवं वर्तमान स्थान
- पोस्टल एड्रेस (नीचे दिए गए WhatsApp नंबर पर भेजें ताकि अनुष्ठान के बाद सिद्ध यंत्र आपके पास भेजा जा सके)
कैसे कराएँ यह पूजन?
आप राजगुरु ज्योतिष अनुसंधान केंद्र में फोन +91 7470934089 पर कॉल करके या WhatsApp नंबर 7470934089 पर संपर्क कर पूजन करवाने के लिए समय ले सकते हैं। यह पूजन शुभ मुहूर्त देखकर ही आरम्भ की जाएगी, जिसके फलस्वरूप आपको इसका पूरा लाभ प्राप्त हो सके।