वृश्चिक लग्न (vrischika lagna) के जातकों का शारीरिक गठन
vrischika lagna – जन्म कुंडली का पहला खाना जिसे हम प्रथम भाव या लग्न के नाम से जानते हैं। ज्योतिषी किसी की भी जन्म कुंडली एवं लग्न के स्वामी की स्थिति देखकर उस लग्न के जातक के रंग-रूप, शारीरिक गठन, आचरण, स्वभाव एवं स्वास्थ्य आदि के बारे में विवेचना करते हैं।
किसी भी जातक की कुंडली का प्रथम फलादेश जातक की लग्न, लग्नेश तथा उसकी राशि देखकर अधिकतम किया जाता है। तत्पश्चात भावानुसार एवं भावेश के अनुसार फलादेश किया जाता है।
यदि आपका जन्म वृश्चिक लग्न (vrischika lagna) में हुआ है तो आप देखने में सुंदर, जंघा तथा पैर गोल आकृति के होंगे।
वृश्चिक लग्न के जातकों का स्वभाव
आप बहुत सतर्क परन्तु झगड़ालू किस्म के होंगे। विवाद में आप पक्ष-विपक्ष की बात तथा अपनी हानि का भी विचार न करते हुए दृढ़ता व संलग्नता पूर्वक झगड़े में लग जाएंगे।
आपका स्वभाव कुछ बिगड़ैल, झगड़े में तत्पर तथा शीघ्र ही क्रोधित हो जाने वाला होगा। आप सच्ची बात को स्पष्ट रूप से कहने वाले अर्थात काने को काना कहने में आपको तनिक भी हिचकिचाहट नहीं होगी।
आपके मन में बदला चुकाने की प्रबल भावना रहेगी। अपने उचित अथवा अनुचित ध्येय के लिए अथक परिश्रम करेंगे। आपकी अपने मित्रों से तथा कुटुंबियों से अधिक नहीं पटेगी।
हठी होने के कारण आप अपने बुजुर्गों तथा गुरुजनों से भी विवाद कर बैठेंगे। कुसंयम तथा अपनी बुरी आदतों के कारण आप अपने स्वास्थ्य को बिगाड़ लेंगे।
वैसे आप उच्च स्तर के व्यक्ति होंगे परन्तु कभी-कभी आपका व्यवहार बड़ा ही भयावह रहेगा। आप बहुत ही जोशीले होंगे; आपके विरुद्ध यदि कोई अपने विचार प्रकट करता है तो आप उसे अपना शत्रु मान बैठते हैं।
ध्यान रखना, आपके मित्रों में से ही आपके शत्रु होंगे। आप अत्यंत स्त्री-प्रिय होंगे और आपकी संतान विद्वान होगी।
कन्या जन्म के कुछ विशेष फल
यदि इस लग्न में कन्या का जन्म होता है तो वह सुंदर, आज्ञाकारिणी, भाग्यवती, सुशीला, सच्ची, आनंदप्रिया और अच्छे आचरण की होगी।
सावधानी एवं स्वास्थ्य सलाह
आपको कंठ और छाती को रोगों से बचाना अनिवार्य है। मल-मूत्रादि की सफाई पर पूर्ण ध्यान रखना चाहिए। छूत-छात की बीमारी से बचने का पूरा प्रबंध रखना चाहिए। नशीले पदार्थों का सेवन भूल कर भी नहीं करना चाहिए।
नोट: ध्यान रखें यह स्थूल फलादेश है। जब तक किसी व्यक्ति की कुंडली का संपूर्ण निरीक्षण नहीं किया जाता तब तक सही फलादेश नहीं किया जा सकता। सटीक फलादेश जानने के लिए व्यक्ति की जन्म तारीख, जन्म समय और जन्म स्थान सही होना आवश्यक है।


