कन्या राशि का स्वभाव और प्रभाव (kanya rashi yantra)
कन्या राशि कुदरती कुंडली की छठी राशि मानी जाती है। यह राशि भूमि तत्व वाली है। इस राशि वाले जातक बातूनी स्वभाव, भुलक्कड़ और बेवजह बढ़ा-चढ़ाकर बातें करने वाले, किताबी बातों पर निर्भर रहने वाले तथा शीत वृत्ति वाले होते हैं। इनमें प्रयोगशीलता का अभाव, ठोस सोच की कमी, बेवजह अधिक जानकारी की चाह तथा किसी भी काम को जिम्मेदारी से पूरा न करने की प्रवृत्ति देखी जाती है। बातों-बातों में अपने ही विचारों को भूल जाना, दूसरों के अधिकार में रहकर काम करना, शरीर से हट्टे-कट्टे होने पर भी कोमल दिल का होना तथा सोच बदलते रहना इनकी पहचान है। एक साथ अनेक कार्य शुरू करना और बाद में सभी काम अधूरे छोड़ देना इनकी आदत होती है।
कन्या राशि और स्वास्थ्य (kanya rashi yantra)
ऐसे जातकों को अक्सर पेट की खराबी, हाजमे की शिकायत तथा पाचक रसों के असंतुलन के कारण होने वाली बीमारियाँ जैसे एसिडिटी, डिहाइड्रेशन, मज्जातंतु की बीमारियाँ व मनोविकार आदि रोगों से परेशानी का सामना करना पड़ता है।
कन्या राशि वालों के गुण
इस राशि वाले जातक कुटुम्ब और मित्रों को आनंद देने वाले, धनी, और अनेक कलाओं के जानकार होते हैं। इनके बहुत सारे सेवक होते हैं। ये प्रदेश वासी, कुशल, गुरुजनों के सेवक, प्रियभाषी (मीठा बोलने वाले), देव-ब्राह्मण भक्त, धर्म-कर्म परायण, शीलवान, लज्जावान, सत्यवादी, शास्त्रज्ञ, बुद्धिमान, मेधावी तथा विद्या अध्ययन में कुशल होते हैं। हालाँकि, इनके अनेक शत्रु भी होते हैं। इनका शरीर उन्नत और कुछ गौरवर्ण होता है। ये स्त्री से बहुत प्रेम करने वाले होते हैं तथा इनके अनेक मित्र होते हैं। विशेषकर ऐसे जातक दूसरों की संपत्ति का उपभोग करने वाले होते हैं और इनके अधीन व्यक्तियों से इन्हें यथेष्ठ धन की प्राप्ति होती है।
कन्या राशि यंत्र क्यों धारण करें?
यदि आपका पढ़ाई में मन नहीं लगता, आप पढ़ाई तो बहुत करते हैं परन्तु याद नहीं रहता, मन में बुरे विचार आते हैं, स्त्री सुख में कमी आ रही है, मित्रों से धोखा मिल रहा है, या शारीरिक श्रम नहीं कर पाते हैं तो आपको यह यंत्र लाभ पहुँचाता है। इसके अलावा, कफ से संबंधित समस्या, पेट से संबंधित कोई बीमारी, चर्मरोग आदि की शिकायत होने पर, व्यापार में उतार-चढ़ाव बना रहने पर, मन स्थिर न रहने पर तथा मंगलवार के दिन अक्सर आपके काम बिगड़ते हों—यदि उपरोक्त में से कोई भी समस्या हो तो आपको कन्या राशि यंत्र (kanya rashi yantra) अवश्य धारण करना चाहिए।
यह यंत्र किसे धारण करना चाहिए? (kanya rashi yantra)
यदि आपका जन्म कन्या राशि में हुआ है और ऊपर बताए गए शुभ गुण आपमें परिलक्षित नहीं हो रहे हैं, अर्थात आपके ऊपर ये सकारात्मक बातें लागू नहीं होतीं, तो निश्चित है कि आपको अपनी राशि के शुभ फल प्राप्त नहीं हो रहे हैं। ऊपर बताए गए सभी सुख और शुभ फल आपको प्राप्त हों, इसीलिए आप सभी कन्या राशि वालों के लिए भोजपत्र पर निर्मित यह कन्या राशि यंत्र धारण करना अत्यंत लाभकारी रहता है।
कन्या राशि कवच कैसे बनाया जाता है?
इस यंत्र का निर्माण शुभ मुहूर्त में धारण करने वाले जातक के नाम, गोत्र, स्थान आदि के उच्चारण के साथ शुभ होरा व शुभ घड़ी में तैयार किया जाता है। इसमें प्रयुक्त होने वाले द्रव्य—चंदन, गौलोचन, केशर तथा दूब के रस की स्याही से अनार की कलम द्वारा भोजपत्र पर निर्माण किया जाता है। तत्पश्चात प्राण-प्रतिष्ठा कर कन्या राशि कवच की विधिवत पूजा-अर्चना करने के बाद तांत्रिक मंत्र का जाप और हवन किया जाता है। हवनोपरांत यंत्र को सुरक्षा हेतु ताबीज में वेष्टित किया जाता है।
यंत्र मंगाने की विधि
जिस व्यक्ति के लिए यंत्र धारण करना है, उस व्यक्ति का नाम, पिता/पति का नाम, गोत्र, वर्तमान स्थान तथा अपना पोस्टल एड्रेस हमारे WhatsApp नंबर (+91 7470934089) पर भेजें। यंत्र निर्माण के बाद आपके दिए गए पते पर पोस्ट ऑफिस/कूरियर द्वारा भेज दिया जाएगा।
नोट: यह यंत्र यदि आप धारण नहीं कर सकते हैं तो आप इसे अपने पर्स में या व्यापार स्थल में भी रख सकते हैं।