4 graho ki yuti- चार ग्रहों की युति का फल

चार ग्रहों की युति का फल-

सूर्य, चन्द्र, मंगल, बुध युति का फल-

(4 graho ki yuti) – यदि कुण्डली के किसी भी भाव में सूर्य, चंद्र, मंगल और बुध एक साथ हो तो ऐसे व्यक्ति कुशल लेखक होते हैं | किन्तु अत्यधिक मोह में पड़कर रोग के शिकार हो जाते हैं | ऐसे जातक प्रत्येक कार्य में कुशल एवं चतुर होते हैं |

4 graho ki yuti

4 graho ki yuti

सूर्य, चन्द्र, मंगल, गुरु युति का फल-  

जन्म पत्रिका में सूर्य, चंद्र, मंगल और गुरु एक साथ हो तो ऐसे व्यक्ति भूपति अर्थात अनेक भूसंपत्तियों के मालिक होते हैं | ऐसे जातक नीतिवान और कुशल नेता होते हैं | इनके पास धन-संपत्ति की कमी नहीं रहती |

सूर्य, चन्द्र, मंगल, शुक्र युति का फल-  (4 graho ki yuti)

जब एक ही भाव में सूर्य, चंद्र, मंगल और शुक्र एक साथ हो तो ऐसे व्यक्ति धनवान और तेजस्वी होते हैं | ये नीतिवान तथा प्रत्येक कार्य में दक्ष भी होते हैं | ऐसे जातक विनोदी स्वभाव के और गुणी भी होते हैं |

सूर्य, चंद्र, मंगल, शनि युति का फल-  (4 graho ki yuti)

यदि एक ही भाव में सूर्य, चंद्र, मंगल तथा शनि एक साथ हो तो ऐसे व्यक्तिओं को नेत्र रोग होने का भय रहता हैं | जबकि ऐसे जातक कुशल शिल्पकार, स्वर्णकार और शास्त्र के जानने वाले भी होता हैं | ये धैर्य धारण करने वाले और धनवान भी होते हैं |

सूर्य, चन्द्र, बुध, गुरु युति का फल-

जिनकी कुण्डली में सूर्य, चंद्र, बुध एवं गुरु एक साथ हो तो ऐसे व्यक्ति बहुत सुखी तथा सदाचारी होते हैं | ऐसे जातक प्रख्यात पंडित एवं मध्यम चित्त वाले होते हैं |

सूर्य, चन्द्र, बुध, शुक्र युति का फल- (4 graho ki yuti)

यदि सूर्य, चंद्र, बुध और शुक्र एक साथ हो तो ऐसे व्यक्ति कुछ आलसी स्वभाव के होने के कारण अल्प धनी होते हैं | ऐसे जातका दुखी और क्षीण शक्ति वाले होते हैं | किन्तु ये बहुत ही विद्वान भी होते हैं |

सूर्य, चन्द्र, बुध शनि युति का फल-  (4 graho ki yuti in hindi)

कुण्डली में सूर्य, चंद्र, बुध और शनि एक साथ हो तो ऐसे व्यक्ति विकलदेही अर्थात शारीरिक कष्ट भोगने वाले होते हैं | ऐसे जातक वाक्पटु, शीलवान और चंचल भी होते हैं | ये प्रत्येक कार्य में कुशल एवं मन्त्र विद्या के जानने वाले होते हैं |

सूर्य, चंद्र, गुरु, शुक्र युति का फल-

यदि सूर्य, चंद्र, गुरु और शुक्र एक साथ हो तो ऐसे व्यक्ति बड़े परोपकारी, धार्मिक और शास्त्र के ज्ञाता होते हैं | ऐसे जातक धर्मशाला तथा तलाव आदि के निर्माता होते हैं | ये बहुत ही सज्जन, मिलनसार एवं उच्चाभिलाषी होते हैं |

सूर्य, चन्द्र, गुरु, शनि युति का फल-  

कुण्डली में सूर्य, चंद्र, गुरु और शनि एक साथ हो तो ऐसे व्यक्ति तामसी प्रवृत्ति के तथा हठी होते हैं | ऐसे जातक कुलीन, सुखी तथा व्यवसाय हीन होते हैं | ये दूसरों की निंदा करते-करते स्वयं निंदक हो जाते हैं |

सूर्य, चंद्र, शुक्र, शनि युति का फल-  

यदि एक ही भाव में सूर्य, चंद्र, शुक्र और शनि एक साथ हो तो ऐसे जातक दुर्बल शरीर वाले, स्त्रीरत एवं कामी प्रवृत्ति के होते हैं | ऐसे व्यक्तियों का मन सदा ही व्यभिचार की और ही अग्रसर रहता हैं |

सूर्य, मंगल, बुध, गुरु युति का फल-

कुण्डली में सूर्य, मंगल, बुध और गुरु एक साथ हो तो ऐसे व्यक्ति परस्त्रीगामी और अपमानित जीवन जीने वाले होते हैं | ऐसे जातक समाज में तो निंदक रहते हैं किन्तु व्यापार द्वारा धन कमाने वाले भी होते हैं |

सूर्य, मंगल, बुध, शनि युति का फल-

यदि सूर्य, मंगल, बुध तथा शनि एक साथ हो तो ऐसे जातक कुशल कवि, मन्त्री आदि पद पर नियुक्त बहुत ही सज्जन होते हैं | ऐसे व्यक्ति लब्धप्रतिष्ठित, सुखी एवं सम्मान पाने वाले होते हैं |

सूर्य, मंगल, गुरु, शुक्र युति का फल- (4 graho ki yuti)  

जन्म कुण्डली में सूर्य, मंगल, गुरु और शुक्र एक साथ हो तो ऐसे व्यक्ति  लोकमान्य एवं कीर्तिवान होते हैं | ऐसे जातक प्रत्येक कार्य में कुशल, सर्वप्रिय और ऐश्वर्यवान होते हैं |

सूर्य, मंगल, गुरु, शनि युति का फल-

यदि सूर्य, मंगल, गुरु और शनि एक साथ हो तो ऐसे जातक राजमान्य, कुटुम्ब सेवी एवं साधुओं की सेवा करने वाले होते हैं | प्रत्येक कार्य में कुशल और सफल व्यापारी होते हैं | ऐसे व्यक्ति मिल संस्थापक, शिक्षक एवं कुशलता पूर्वक शासन करने वाले होते हैं |

सूर्य, मंगल, शुक्र, शनि युति का फल-  

जिनकी कुण्डली में सूर्य, मंगल, शुक्र तथा शनि एक साथ हो तो ऐसे व्यक्ति बंधू-बांधवों से द्वेष रखने वाले, मलीन मन के और अपयशी होते हैं | ऐसे जातक दुराचार में प्रवृत्त रहने वाले और निम्न कार्य करें वाले होते हैं |

सूर्य, बुध, गुरु, शुक्र युति का फल-  (char graho ka yog)

यदि सूर्य, बुध, गुरु और शुक्र एक साथ हो तो ऐसे व्यक्ति धनवान, बंधू-बांधवों से संपन्न तथा सुखी रहते हैं | ऐसे जातक सफल कार्यकर्ता, सभापति, सभा को जीतने वाले, लोकमान्य एवं नीतिवान होते हैं |

सूर्य, बुध, गुरु, शनि युति का फल-

जिनकी कुण्डली में सूर्य, बुध, गुरु एवं शनि एक साथ हो तो ऐसे व्यक्ति कुछ अभिमानी प्रवृत्ति के और झगड़ालू किस्म के होते हैं | किन्तु ऐसे जातक कुशल संशोधक, कवि, साहित्यिक एवं सम्पादक आदि होते हैं | किन्तु इन्हें वीर्य से सम्बंधित रोग होने का डर रहता हैं |

सूर्य, बुध, शुक्र, शनि युति का फल-

कुण्डली में सूर्य, बुध, शुक्र एवं शनि एक साथ हो तो ऐसे व्यक्ति श्रेष्ठ वाचाल तथा सदाचारी होते हैं | ऐसे जातक साधन संपन्न होते हुए भी अल्प सुखी होते हैं | किन्तु इनको वन प्रदेश में घूमना बहुत अच्छा लगता है |

सूर्य, गुरु, शुक्र, शनि युति का फल- (4 graho ki yuti)

यदि सूर्य, गुरु, शुक्र और शनि एक साथ हो तो ऐसे व्यक्ति कुशल कवि तथा प्रधान नेता होते हैं | ऐसे जात अब्दे ही स्वार्थी और बहुत ही चतुर होते हैं |  परन्तु अच्छी ख्याति प्राप्त करते हैं |

चन्द्र, मंगल, बुध, गुरु युति का फल- (char graho ki yuti ka fal)

जन्म पत्रिका में चंद्र, मंगल, बुध तथा गुरु एक साथ हो तो ऐसे व्यक्ति बहुत ही बुद्धिमान तथा सदाचारी होते हैं | ऐसे जातक शास्त्र के जानने वाले और सुखी होते हैं | ये अपने परिवार के पालक एवं शिल्प कला के अच्छे जानकार होते हैं |

चन्द्र, मंगल, बुध, शुक्र युति का फल-  

यदि चंद्र, मंगल, बुध और शुक्र एक साथ हो तो ऐसे जातक कुछ आलसी प्रवृत्ति के तथा झगड़ालू भी होते हैं | ऐसे व्यक्ति किसी का सहयोग कभी नहीं करते केवल अपना सुख ही ढूँढते हैं |

चन्द्र, मंगल, बुध शनि युति का फल-  

कुण्डली में चंद्रमा, मंगल, बुध एवं शनि एक साथ हो तो ऐसे व्यक्ति शूरवीर एवं वहुपुत्रावन होते हैं | ऐसे जातक बहुत ही गुणवान और इनकी पत्नि बड़ी ही शुसीला होती हैं | किन्तु इनका शरीर हमेशा विकल रहता है |

चन्द्र, मंगल, गुरु, शुक्र युति का फल-

जन्म पत्रिका में चंद्र, मंगल, गुरु और शुक्र एक साथ हो तो ऐसे व्यक्ति माननीय तथा धनी होते हैं | ऐसे जातक स्त्री से सुखी, निर्मल चित वाले और बड़े ही धर्मात्मा होते हैं | ये समाजसेवा करने में हमेशा तत्पर रहते हैं | 

चन्द्र, मंगल, गुरु, शनि युति का फल-  

यदि चंद्र, मंगल, गुरु तथा शनि एक साथ हो तो ऐसे व्यक्ति धीर, पराक्रम शाली और धनवान होते हैं | ऐसे जातक काफी परिश्रमी एवं शस्त्र और शास्त्र कला के जानने वाले होते हैं |

चन्द्र, मंगल, शुक्र, शनि युति का फल-  

कुण्डली में चंद्र, मंगल, शुक्र और शनि एक साथ हो तो ऐसे व्यक्ति गुरुजनहीन अर्थात किसी की न मानने वाले तथा दुखी जीवन व्यतीत करने वाले होते हैं | ऐसे जातक कटु बोलने वाले और निम्न कार्य करने वाले होते हैं |

चन्द्र, बुध, गुरु, शुक्र युति का फल-

जन्म पत्रिका में चंद्र, बुध, गुरु एवं शुक्र एक साथ हो तो ऐसे व्यक्ति बड़े ही आस्थावान और मातृ-पितृ के भक्त होते हैं | ऐसे जातक बड़े ही विद्वान, धनवान तथा सुखी होते हैं | ये प्रत्येक कार्य को बडे ही कुशलता पूर्वक करते हैं |

चन्द्र, बुध, गुरु, शनि युति का फल-

यदि चंद्र, बुध, गुरु और शनि एक साथ हो तो ऐसे व्यक्ति बड़े ही कीर्तिमान और तेजस्वी होते हैं | ऐसे जातक बंधु बांधवों से प्रेम करने वाले, प्रसिद्ध कवि एवं सामान्य जीवन व्यतीत करने वाले होते हैं |

चन्द्र, बुध, शुक्र, शनि युति का फल- (4 graho ki yuti)   

कुण्डली में चंद्र, बुध, शुक्र और शनि एक साथ हो तो ऐसे व्यक्तिओं का चरित्र बहुत अच्छा नहीं रहता | ऐसे जातक जनद्वेषी अर्थात सभी जनों से द्वेष रखने वाले होने के कारण सभी सुखों से वंचित रहते हैं |

चन्द्र, गुरु, शुक्र, शनि युति का फल-   

जिनकी कुण्डली में चंद्र, गुरु, शुक्र तथा शनि एक साथ हो तो ऐसे व्यक्तिओं को त्वचा से सम्बंधित रोग होने का भय रहता हैं | ऐसे जातक अक्सर प्रवास पर रहने वाले एवं बहुत बोलने वाले होते हैं | ये वाचाल तो बहुत होते हैं किन्तु निर्धन रहते हैं |

मंगल, बुध, गुरु, शुक्र युति का फल-

यदि मंगल, बुध, गुरु और शुक्र एक साथ हो तो ऐसे व्यक्ति लोकमान्य और विद्वान होते हैं | ऐसे जातक शूरवीर, चतुर एवं परिश्रमी होते हैं | किन्तु बहुत धनवान नहीं होते |

मंगल, बुध, शुक्र, शनि युति का फल-  

कुण्डली में मंगल, बुध, शुक्र एवं शनि एक साथ हो तो ऐसे व्यक्ति पुष्ट शरीर वाले, मल्ल योद्धा और युद्ध विजयी होते हैं | ऐसे जातक बहुत ही पराक्रमी होते हैं |

मंगल, गुरु, शुक्र, शनि युति का फल-(4 graho ki yuti)  

जिनकी जन्म पत्रिका में मंगल, गुरु, शुक्र और शनि एक साथ हो तो ऐसे व्यक्ति तेजस्वी और धनवान होते हैं | ऐसे जातक बड़े ही साहसी एवं चपल होते हैं | परन्तु स्त्री लोभी भी हिते हैं |

बुध, गुरु, शुक्र, शनि युति का फल-

कुण्डली में बुध, गुरु, शुक्र और शनि एक साथ हो तो ऐसे व्यक्ति बड़े ही विद्वान तथा सच्ची मित्रता निभाने वाले होते हैं | ऐसे जातक धर्मात्मा, सुखी, सच्चरित्र एवं अपने कार्य में दक्ष होते हैं |  

इन ग्रहों का पूर्ण फल उच्च के होने पर मध्यम फल मूलत्रिकोण में रहने पर और अधम फल अपना अपनी राशि या मित्र के गृह में रहने पर मिलता है |

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10 thoughts on “4 graho ki yuti- चार ग्रहों की युति का फल”

  1. Pandit Rajkumar Dubey

    Namaste Acharya ji!

    Kya aap bta skte he Surya Budh Shukra Rahu 6th house me kanya lagna me kya darshata he
    Dob 09/03/1989
    Indore mp
    Time 20:15 pm
    9340828378 watsapp

  2. Pandit Rajkumar Dubey

    आचार्य जी प्रणाम
    मेरा जन्म6जनवरी1973को 15:15 sitapur up मे हुआ है मेरी कुंडली मे चार ग्रहो की युति है सूर्य बुध गुरू राहू कृपया इसका प्रभाव बताये मेरी आर्थिक स्थित ठीक निछोह कृपया उपाय भी बताये
    उपेंद्र गुप्ता
    Whatsapp. 9129808666

    1. Pandit Rajkumar Dubey
      Pandit Rajkumar Dubey

      जी अवश्य आपके whatsaap पर सारी जानकारी भेज दी जाएगी

    1. Pandit Rajkumar Dubey
      Pandit Rajkumar Dubey

      आप अपनी जन्म तारीख, जन्म समय एवं जन्म स्थान भेज दीजिये |

    1. Pandit Rajkumar Dubey
      Pandit Rajkumar Dubey

      जी अवश्य जान सकतीं हैं | आप हमें अपनी जन्म तारीख़, जन्म समय एवं जन्म स्थान भेज दीजिये |

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