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सूर्य का दशम भाव में फल

✍️ pt.rajguru@gmail.com  |  🕒 August 30, 2019  |  ⏱ 0 मिनट पढ़ें

जन्मकुंडली का दशम भाव कर्म, व्यवसाय, पिता, राजकीय मान-सम्मान और पद-प्रतिष्ठा का स्थान माना गया है। जब पंचमेश सूर्य दशम भाव में प्रवेश करते हैं, तो व्यक्ति के स्वाभिमान, करियर तथा पिता के संबंधों पर विशेष प्रभाव डालते हैं।

मेष लग्न की कुंडली के दशम भाव में स्थित सूर्य (sun in 10th house)

दसवें भाव में अपने शत्रु शनि की राशि पर स्थित सूर्य के प्रभाव से जातक की अपने पिताजी से वैमनस्यता रहेगी, अर्थात विचारों में मत-भेद रहेगा। जिसके कारण पिताजी के सुख तथा सहयोग की प्राप्ति कम ही होगी।

दशम भाव से व्यवसाय का भी विचार करते हैं, इसलिए व्यक्ति को व्यवसाय के क्षेत्र में अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। यदि सूर्य शुभ ग्रहों से दृष्ट होगा तो बाधाओं को पार कर सफ़लता प्राप्त करेंगे।

राजकीय क्षेत्र, नौकरी तथा स्वाभिमान

ऐसे जातकों को राजकीय कार्यों में भी बहुत बाधायें आतीं हैं। और यदि व्यक्ति सरकारी नौकरी करता है तो, उसे अनेक उलझनों का सामना करना ही पड़ेगा। पदोन्नति के लिए अथक परिश्रम करना पड़ेगा। उसके आये दिन स्थानान्तरण होते रहेंगे।

पंचमेश सूर्य की दशम भाव में उपस्थिति व्यक्ति के मान-सम्मान को ठेश पहुचाने वाली होती है। और ऐसे जातक स्वाभिमानी होने के कारण अपमान सहन नहीं करते। यहाँ तक कि मान सम्मान की खातिर नौकरी तक छोड़ देते हैं।

सूर्य की शनि की राशि में स्थिति विदेशी भाषाओं का जानकार बनाती है। और पंचमेश होने के कारण व्यक्ति दूसरी भाषाएँ अच्छी तरह से और जल्दी सीख जाता है।

माता, भूमि-भवन तथा बुद्धिबल का प्रभाव

सातवीं दृष्टि से अपने मित्र चंद्रमा की राशि से चौथे भाव को देखने से माताजी का पूर्ण सुख तथा सहयोग प्राप्त करता है। ऐसे जातकों पर माताजी का विशेष प्रेम रहता है।

चतुर्थ भाव से भूमि भवन का भी विचार करते हैं। इसलिए ऐसे व्यक्तियों को भूमि, भवन का श्रेष्ठ सुख प्राप्त होता है। किन्तु वाहन का सुख होते हुए भी दुर्घटनायें भी बहुत होतीं हैं।

हाँलाकि ऐसे जातक बुद्धिमान होते हैं। इसलिए ये अपने बुद्धि बल से राज्य तथा व्यवसाय के क्षेत्रों में सफलताएं प्राप्त कर ही लेते हैं।

दशम भाव में स्थित सूर्य के उपाय (sun in 10th house)

  • ऐसे व्यक्तियों को बिना सर ढके पूजन नहीं करना चाहिए।
  • किसी मंदिर के निकट पानी की व्यवस्था करनी चाहिए।
  • तांवे के वर्तन में पानी पीना अच्छा रहता है।
  • शनिवार को काले वस्त्र धारण न करें। हो सके तो काले रंग से परहेज करें।

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