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गंडमूल दोष निवारण अनुष्ठान

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mool shanti-मूल दोष क्या है और यह आपके जीवन को कैसे प्रभावित करता है? मूल शांति पूजा के माध्यम से इस दोष को दूर करें और पायें जीवन की रूकावट में...

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गंडमूल दोष क्या है और इसे कैसे दूर करें

वैदिक ज्योतिष में नक्षत्रों का विशेष महत्व होता है। जब किसी बालक का जन्म विशेष नक्षत्रों में होता है, तो उसे गंडमूल दोष (Mool Dosh) कहा जाता है। आइए जानते हैं कि यह क्या होता है और इसके निवारण हेतु mool shanti पूजा क्यों आवश्यक है।

क्या होता है गंडमूल दोष?

अश्विनी, अशलेखा, मघा, ज्येष्ठा, मूल व रेवती—इन छः नक्षत्रों को मूल नक्षत्र कहा जाता है। इसमें अश्लेषा, ज्येष्ठा व मूल को 'बड़े मूल' और अश्विनी, मघा व रेवती को 'छोटे मूल' कहते हैं। इन नक्षत्रों में जन्म लेने वाले जातकों के mool shanti (मूल शांति) के लिए उपर्युक्त नक्षत्रों के मन्त्र का जप करवाना अत्यंत अनिवार्य माना गया है।

नक्षत्र शांति पूजा का उद्देश्य

नक्षत्र शांति पूजा का मुख्य उद्देश्य किसी व्यक्ति के जन्म के समय के अशुभ नक्षत्रों के प्रभावों को दूर करना होता है। जब व्यक्ति को अशुभ नक्षत्र इस हद तक प्रभावित करता है कि वह इसके प्रभाव को सहन करने में असमर्थ हो जाता है, उस समय नक्षत्र शांति पूजा अवश्य कराना चाहिए। शास्त्रों में उल्लेख है कि नक्षत्र शांति पूजा के माध्यम से नक्षत्रों के अध्यक्ष देवताओं को शांत किया जाता है, जिससे नक्षत्र के दुष्प्रभाव कम होने लगते हैं।

मूल दोष के प्रभाव (Mool Shanti)

गंडमूल नक्षत्र के विभिन्न चरणों में जन्म लेने के अलग-अलग प्रभाव देखे जाते हैं:

  • मूल नक्षत्र: जिसका जन्म मूल के प्रथम चरण में होता है वह पिता का, दूसरे चरण में माता का, तीसरे चरण में धन का नाश व चौथे चरण में खुद के लिए हानिकारक होता है।
  • अश्लेषा नक्षत्र: इसी प्रकार अश्लेषा का चौथा चरण पिता का, तीसरा चरण माता का, दूसरा चरण धन का तथा प्रथम चरण खुद के लिए हानिकारक होता है।

मूल पूजा (Mool Shanti) के लाभ

  • मूल पूजा कराने से व्यक्ति अपने जीवन में सफलता प्राप्त करता है।
  • उसके बिगड़ते काम आसानी से बनने लगते हैं।
  • स्वास्थ्य अच्छा रहने लगता है और शारीरिक बाधाएं दूर होती हैं।
  • मानसिक अशांति और बुरे स्वप्न आना बंद हो जाते हैं।
  • व्यापार तथा आजीविका में आने वाली बाधाएं समाप्त होती हैं।

मूलों के दुष्प्रभावों से बचने के लिए मूल दोष शान्ति पूजा अवश्य करानी चाहिए।

आपके द्वारा प्राप्त जानकारी

जिस व्यक्ति के नाम से अनुष्ठान होना हो, उनका नाम, पिता/पति का नाम, गोत्र तथा स्थान की आवश्यकता होती है। आप अपना पोस्टल एड्रेस नीचे दिए गए WhatsApp नम्बर पर भेजें, जिसके माध्यम से आपके पास अनुष्ठान उपरांत सिद्ध यन्त्र भेजा जा सके।

कैसे कराएँ यह पूजन?

आप राजगुरु ज्योतिष अनुसन्धान केंद्र में फोन +91 7470934089 कर या WhatsApp नम्बर 7470934089 पर संपर्क कर पूजन करवाने के लिए समय ले सकते हैं। यह पूजन शुभ मुहूर्त देखकर ही आरम्भ की जाएगी, जिसके फलस्वरूप आपको पूरा लाभ प्राप्त हो सके।

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