असली कमल गट्टा की माला पूर्णतः प्राणप्रतिष्ठित (Kamal Gatta Mala Original)
हमारे वेद शास्त्रों में धन की देवी माता लक्ष्मी को माना जाता है। जिस प्रकार जिस वस्तु की आवश्यकता होती है, हम उसी देवता की आराधना करते हैं। इसलिए धन पूर्ति और आर्थिक समृद्धि के लिए माता लक्ष्मी को प्रसन्न किया जाता है। माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए भक्त फल, फूल आदि अर्पण करते हैं; इसी श्रेणी में कमल के फूल आते हैं जो माता लक्ष्मी जी को सर्वाधिक प्रिय हैं। जिस प्रकार माता लक्ष्मी को कमल के पुष्प प्रिय हैं, उसी प्रकार कमल के फल (कमल गट्टा) भी अत्यंत प्रिय हैं।
हमारे तंत्र शास्त्र में माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए अनेक मंत्र वर्णित हैं, और प्रायः सभी लक्ष्मी मंत्रों में Kamal Gatta Mala Original से जाप करने का स्पष्ट विधान मिलता है। किन्तु जाप में प्रयुक्त होने वाली माला यदि शुभ मुहूर्त में उचित वैदिक मंत्रों से प्राण-प्रतिष्ठित हो, तो मंत्र की सिद्धि अति शीघ्र प्राप्त होती है।
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माता लक्ष्मी धन की देवी हैं और संसार में धन के बिना कार्य संभव नहीं है। पूरे वर्ष में तीन विशेष कालरात्रि आती हैं—दीपावली की रात्रि, शिवरात्रि और होली की रात्रि। तंत्र शास्त्र के अनुसार इन तीनों कालरात्रियों में विधिवत लक्ष्मी मंत्रों का जाप किया जाए तो सिद्धि अवश्य प्राप्त होती है।
इन कालरात्रियों के अलावा अक्षय तृतीया या सूर्य-चंद्र ग्रहण की अवधि में भी यदि प्राण-प्रतिष्ठित कमल गट्टे की माला से मंत्र जाप किया जाए तो सफलता शीघ्र मिलती है। माता लक्ष्मी के किसी भी सिद्ध मंत्र का जाप कमल गट्टे की माला से ही किया जाना श्रेष्ठ माना गया है।
राजगुरु ज्योतिष अनुसंधान केंद्र द्वारा प्राण-प्रतिष्ठा
हमारे राजगुरु ज्योतिष अनुसंधान केंद्र में तंत्र शास्त्र एवं वैदिक रीती-रिवाज के अनुसार माला एवं यंत्रों को पूर्णतः प्राण-प्रतिष्ठित किया जाता है। प्राण-प्रतिष्ठित सामग्री में दिव्य ऊर्जा और प्राण का संचार होता है, जिससे इसका उपयोग साधक को शीघ्र और सकारात्मक फल प्रदान करता है।
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