27 nakshatra faladesh-नक्षत्रों का चरणानुसार फल

नक्षत्रों का चरण अनुसार फल

27 nakshatra faladesh – जन्म के समय चन्द्रमा जिस नक्षत्र के जिस चरण में होता है वही जातक का जन्म नक्षत्र चरण माना जाता है | इसी चरण अक्षर से जातक का नाम करण भी होता है | यहाँ संक्षिप्त में नक्षत्रों के चरणानुसार फल दिया गया है |  

27 nakshatra faladesh
27 nakshatra faladesh

अश्वनी के प्रथम चरण में जिन जातकों का जन्म होता है, उनकी प्रवृत्ति पराया धन हड़पने वाली होती है |

अश्वनी नक्षत्र के द्वितीय चरण में जन्म लेने से जातक अल्प कर्म करने वाले होता है अल्प कर्म से यहां तात्पर्य शूद्र कर्म से नहीं है |

अश्वनी नक्षत्र के तृतीय चरण में जन्म लेने से जातक बहुत ही एश्वर्यशाली होते हैं |  

अश्वनी नक्षत्र के चतुर्थ चरण में जिन जातकों का जन्म होता है वे मनुष्य भोगी और दीर्घायु वाले होते हैं |

भरणी नक्षत्र के प्रथम चरण में जिन जातकों का जन्म होता है वे जातक सात्विक प्रवृत्ति के होते हैं |

भरणी नक्षत्र के द्वितीय चरण में जिन जातकों का जन्म होता है वे मनुष्य धनी और सुखी होते हैं |

भरणी नक्षत्र के तृतीय चरण में जिन जातकों का जन्म होता है ऐसे मनुष्य क्रूर कर्म करने वाले होते हैं |

भरणी नक्षत्र के चतुर्थ चरण में जन्म लेने वाले जातक दरिद्री अर्थात निर्धन होते हैं |

नक्षत्र एवं उनकी विशेषताएं

कृतिका नक्षत्र के प्रथम चरण में जिन जातकों का जन्म होता हैं वे मनुष्य सुंदर गुणों से युक्त होते हैं |  

कृतिका नक्षत्र के द्वितीय चरण में यदि जन्म हो तो व्यक्ति शास्त्र का ज्ञान रखने वाले होता है |

कृतिका नक्षत्र के तृतीय चरण में यदि व्यक्ति का जन्म होता है तो जातक शूरवीर होता है |

कृतिका नक्षत्र के चतुर्थ चरण में जिन व्यक्तियों का जन्म होता है तो वे मनुष्य दीर्घायु अर्थात लम्बी आयु वाले और बहुत पुत्रों वाले होते है |

रोहिणी नक्षत्र के प्रथम चरण में जिन जातकों का जन्म होता है वह जातक सौभाग्यशाली होते हैं |

रोहिणी नक्षत्र के द्वितीय चरण में जन्म लेने से व्यक्ति को जीवन में अनेक कष्टों का सामना करना पड़ता है |

रोहिणी नक्षत्र के तृतीय चरण में जातक का जन्म होता है तो जातक धीरू अर्थात कुछ डरपोक स्वभाव का होता है |

रोहिणी नक्षत्र के चतुर्थ चरण में जन्म लेने वाले जातक सत्य वचन वोलने वाले होते हैं |

मृगशिरा नक्षत्र के प्रथम चरण में व्यक्ति का जन्म होता है तो मनुष्य राजा के तुल्य होता है |

मृगशिरा के द्वितीय चरण में यदि व्यक्ति का जन्म होता है तो ऐसे व्यक्ति चोर प्रवृत्ति के होते हैं |

मृगशिरा नक्षत्र के तृतीय चरण में यदि व्यक्ति का जन्म होता है तो व्यक्ति भोगी होता है |

मृगशिरा नक्षत्र के चतुर्थ चरण में जन्म लेने वाले जातक धन-धान्य से युक्त और सुखी होते हैं |  

ज्योतिष में सूर्य का महत्व

आद्रा नक्षत्र के प्रथम चरण में जन्म लेने से जातक बहुत व्यय करने वाला अर्थात खर्चीले स्वभाव का होता है |

आद्रा नक्षत्र के द्वितीय चरण में जिन जातकों का जन्म होता है वे जातक धना भाव में जीवन व्यतीत करते हैं |

आद्रा नक्षत्र के तृतीय चरण में जन्म होने से व्यक्ति बहुत थोड़ी आयु पाता है और यदि लम्बी आयु भोगते हैं तो बहुत ही कष्टप्रद रहती है |

आद्रा नक्षत्र के चतुर्थ चरण में जन्म लेने से मनुष्य कुछ कंजूस प्रवृत्ति का और पराया धन हड़पने वाले होते हैं |

पुनर्वसु नक्षत्र के प्रथम चरण में जिन जातकों का जन्म होता है वे जातक बहुत सुखी होते हैं |

पुनर्वसु नक्षत्र के द्वितीय चरण में जन्म लेने से मनुष्य विद्वान और सम्मान प्राप्त करने वाला होता है |

पुनर्वसु नक्षत्र के तृतीय चरण में जन्म लेने से जातक रूप युक्त रहता है और अधिक उम्र हो जाने पर भी कम उम्र का दिखाई देता है |  

पुनर्वसु नक्षत्र के चतुर्थ चरण में जन्म लेने से जातक मृदुभाषी अर्थात नरम जुबान वाला होता है |

पुष्य नक्षत्र के प्रथम चरण में जिन जातकों का जन्म होता है वह जातक लंबी आयु वाले होते हैं |

पुष्य नक्षत्र के द्वितीय चरण में जन्म लेने से व्यक्ति पराए धन को हड़पने वाले होते हैं और उसी धन से अपना जीवन यापन करते हैं |  

पुष्य नक्षत्र के तृतीय चरण में जन्म होने से जातक भोगी होता है यहाँ भोगने से अर्थ स्त्री भोग से है |  

पुष्य नक्षत्र के चतुर्थ चरण में जन्म लेने से जातक बुद्धिमान होता है जिसके प्रभाव से सभी जगह मान-सम्मान पाता है |

ज्योतिष में चन्द्रमा का महत्व

अश्लेषा नक्षत्र के प्रथम चरण में जिन जातकों का जन्म होता है वे मनुष्य संतान सुख से वंचित रहते हैं और यदि संतान हो तो उससे सुख प्राप्त नहीं होता |  

अश्लेषा नक्षत्र के द्वितीय चरण में जिन जातकों का जन्म होता है वे मनुष्य पर कार्य करने वाले होते हैं अर्थात दास प्रवृत्ति के होते हैं |  

अश्लेषा नक्षत्र के तृतीय चरण में जन्म होने से व्यक्ति का जीवन रोगों से ग्रस्त रहता है |  

अशलेषा नक्षत्र के चतुर्थ चरण में जन्म लेने से मनुष्य बहुत ही भाग्यशाली होता है | ऐसे जातक अल्प परिश्रम में ही पर्याप्त धन प्राप्त करने वाले होते हैं |

मघा नक्षत्र के प्रथम चरण में जिन जातकों का जन्म होता है वह व्यक्ति पुत्र सुख से वंचित रहते हैं |

मघा नक्षत्र के द्वितीय चरण में जिन जातकों का जन्म होता है वह जातक पुत्रवान होता है |

मघा नक्षत्र के तृतीय चरण में यदि जातक का जन्म होता है तो मनुष्य तीव्र रोगी होता है अर्थात शीघ्र ही रोग को पकड़ लेने वाला होता है |

मघा नक्षत्र के चतुर्थ चरण में जन्म लेने से व्यक्ति विद्वान होता है और अपनी विद्वता से नाम रोशन करता है |  

पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र के प्रथम चरण में जिन जातकों का जन्म होता है वे जातक राजा के समान समर्थ होते हैं |

पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र के द्वितीय चरण में जिन जातकों का जन्म होता है वह जातक रोगी होते हैं |

पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र के तृतीय चरण में जन्म लेने वाले जातक कुछ क्रूर स्वभाव के होते हैं |

पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र के चतुर्थ चरण में जिन जातकों का जन्म होता है बे थोड़ी आयु वाले होते हैं |

उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र के प्रथम चरण में जन्म लेने वाले जातक बहुत ही विद्वान होते हैं |

ग्रहों की रश्मियों का फल (27 nakshatra faladesh)

उत्तराफाल्गुनी के द्वितीय चरण में जन्म लेने वाले जातक राजा के तुल्य होते हैं | इनका रहन सहन राजा के समान होता है |  

उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र के तृतीय चरण में जन्म लेने वाले जातक प्रत्येक क्षेत्र में विजय प्राप्त करने वाले होते हैं |

उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र के चतुर्थ चरण में जिन जातकों का जन्म होता है वह जातक  धार्मिक प्रवृत्ति के होते हैं |

हस्त नक्षत्र के प्रथम चरण में जन्म लेने वाले जातक सूरवीर तथा झगड़ालू स्वभाव के होते हैं |  

हस्त नक्षत्र के द्वितीय चरण में जिन जातकों का जन्म होता है वे जातक अधिक समय तक रोगी बने रहते हैं |

हस्त नक्षत्र के तृतीय चरण में जिन जातकों का जन्म होता है वे जातक धन धान्य से युक्त होते हैं |  

हस्त नक्षत्र के चतुर्थ चरण में जन्म लेने वाले जातक श्रीमान होते हैं अर्थात सम्मानीय होते हैं |

चित्रा नक्षत्र के प्रथम चरण में जन्म लेने वाले जातकों की बुद्धि पराये धन को चोरी से हड़पने में बहुत ही तीव्र होती है |  

चित्रा नक्षत्र के द्वितीय चरण में जन्म लेने वाले जातक बहुत ही अच्छे चित्रकार  होते हैं |

चित्रा नक्षत्र के तृतीय चरण में जिन जातकों का जन्म होता है वे जातक परस्त्री को भोगने में रूचि रखने वाले होते हैं |  

चित्रा नक्षत्र के चतुर्थ चरण में जिन जातकों का जन्म होता है वे जातक हमेशा किसी न किसी प्रकार पीड़ित रहते हैं और इन्हें अधिकतर चोट भी लगती रहती है | 

कुंडली में शिक्षा योग (27 nakshatra faladesh)

स्वाति नक्षत्र के प्रथम चरण में जिन जातकों का जन्म होता है वे व्यक्ति कुछ चोर प्रवृत्ति के होते हैं |

स्वाति नक्षत्र के द्वितीय चरण में जन्म लेने वाले जातक की आयु बहुत ही कष्टप्रद रहती है |

स्वाति नक्षत्र के तृतीय चरण में जन्म लेने से मनुष्य धार्मिक प्रवृत्ति का होता है और तीर्थगामी भी होता है |

स्वाति नक्षत्र के चतुर्थ चरण में जन्म लेने वाले जातक राजा के समान ऐश्वर्यवान   होते हैं |

विशाखा नक्षत्र के प्रथम चरण में जिन जातकों का जन्म होता है वे जातक नीति को मानने वाले होते हैं |

विशाखा नक्षत्र के द्वितीय चरण में जन्म लेने वाले जातक शास्त्र वेत्ता अर्थात शास्त्रों को जानने वाले होते हैं |

विशाखा नक्षत्र के तृतीय चरण में जन्म लेने वाले जातक वाद-विवाद करने में सक्षम होते हैं |

विशाखा नक्षत्र के चतुर्थ चरण में जन्म लेने वाले जातक लंबी आयु भोगने वाले होते हैं |

अनुराधा नक्षत्र के प्रथम चरण में जिन जातकों का जन्म होता है वह मनुष्य तीव्र स्वभाव के होते हैं |

अनुराधा नक्षत्र के द्वितीय चरण में जिन जातकों का जन्म होता है वे मनुष्य धर्म कार्यों में लगे रहने वाले होते हैं |

अनुराधा नक्षत्र के तृतीय चरण में जिन जातकों का जन्म होता है ऐसे व्यक्ति लंबी आयु भोगने वाले होते हैं  |

अनुराधा नक्षत्र के चतुर्थ चरण में जिन जातकों का जन्म होता है ऐसे जातक स्त्री सम्भोग में अक्षम रहते हैं |

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ज्येष्ठा नक्षत्र के प्रथम चरण में जन्म लेने वाले जातक कुछ क्रूर स्वभाव वाले होते हैं |

ज्येष्ठा नक्षत्र के द्वितीय चरण में जिन जातकों का जन्म होता है वे व्यक्ति भोगी स्वभाव के होते हैं  |

ज्येष्ठा नक्षत्र के तृतीय चरण में जिन जातकों का जन्म होता है तो ऐसे जातक  पुत्र सुख से युक्त होते हैं |

ज्येष्ठा नक्षत्र के चतुर्थ चरण में जिन जातकों का जन्म होता है वे जातक त्यागी स्वभाव वाले होते हैं |

मूल नक्षत्र के प्रथम चरण में जन्म लेने वाले जातक भोगी होते |

मूल नक्षत्र के द्वितीय चरण में जिन जातकों का जन्म होता है वे मनुष्य त्यागी होते हैं |

मूल नक्षत्र के तृतीय चरण में जन्म लेने वाले मनुष्य अच्छे मित्रों वाले होते हैं और प्रत्येक क्षेत्र में सम्मान पाते हैं |  

मूल नक्षत्र के चतुर्थ चरण में यदि जन्म होता है तो व्यक्ति राजा के समान ऐश्वर्यवान होता है |

पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र के प्रथम चरण में जिन जातकों का जन्म होता है ऐसे व्यक्ति समाज में तथा अपने कुल में श्रेष्ठ होते हैं |

पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र के द्वितीय चरण में जन्म लेने वाले जातक राजा के समान शुख भोगने वाले होते हैं |

पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र के तृतीय चरण में जिन जातकों का जन्म होता है वे मनुष्य मीठा बोलने वाले होते हैं और सबके प्रिय होते हैं |  

पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र के चतुर्थ चरण में यदि जन्म लिया है तो व्यक्ति धनवान होगा और दान-पुन्य करने वाले होते हैं |  

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उत्तराषाढ़ा नक्षत्र के प्रथम चरण में जिन जातकों का जन्म होता है वे मनुष्य राजा के समान धनवान, ऐश्वर्यवान  होते हैं |

उत्तराषाढ़ा नक्षत्र के द्वितीय चरण में जिन जातकों का जन्म होता है वे व्यक्ति मित्रों के विरोधी होते हैं |

उत्तराषाढ़ा नक्षत्र के तृतीय चरण में जन्म लेने वाले मनुष्य मान-सम्मान प्राप्त करने वाले होते हैं |

उत्तराषाढ़ा नक्षत्र के चतुर्थ चरण में जिन मनुष्यों का जन्म होता है वे व्यक्ति धर्म में लगाव रखने वाले होते हैं |

श्रवण नक्षत्र के प्रथम चरण में जन्मे हुए मनुष्य शुभ मान-सम्मान को प्राप्त करने वाले होते हैं |

श्रवण नक्षत्र के द्वितीय चरण में जिन जातकों का जन्म होता है वे व्यक्ति शुभ गुणों से युक्त होते हैं |

श्रवण नक्षत्र के तृतीय चरण में जिन जातकों का जन्म होता है ऐसे मनुष्य बहुत ही विद्द्वान होते हैं |

श्रवण नक्षत्र के चतुर्थ चरण में जन्म लेने वाले जातक बहुत ही धार्मिक प्रवृत्ति के होते हैं और तीर्थसेवी भी होते हैं |   

धनिष्ठा नक्षत्र के प्रथम चरण में जिन मनुष्यों का जन्म होता है वे व्यक्ति लंबी आयु भोगने वाले होते हैं |

धनिष्ठा नक्षत्र के द्वतीय चरण में जन्म लेने वाले जातक बहुत ही ज्ञानवान होते हैं | और इन्हें बहुत ही सम्मान प्राप्त होता है |

धनिष्ठा नक्षत्र के तृतीय चरण में जिन जातकों का जन्म हुआ है ऐसे व्यक्ति भीरु अर्थात कुछ डरपोक स्वभाव के होते हैं |

धनिष्ठा नक्षत्र के चतुर्थ चरण में जिन जातकों का जन्म हुआ है वह मनुष्य किसी  महान स्त्री का पति होता है |

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शतभिषा नक्षत्र के प्रथम चरण में जिन जातकों का जन्म होता है वह जातक अच्छा बोलने (कुशल वक्ता) वाले होते हैं |

शतभिषा नक्षत्र के द्वितीय चरण में जन्म लेने वाले मनुष्य धनी होते हैं | अल्प परिश्रम में ही पर्याप्त धन अर्जित करते हैं |  

शतभिषा नक्षत्र के तृतीय चरण में जिन जातकों का जन्म होता है वे मनुष्य बहुत ही सुखी जीवन व्यतीत करते हैं |

शतभिषा नक्षत्र के चतुर्थ चरण में जन्म लेने वाले मनुष्य पुत्र युक्त होते हैं और इनके पुत्र इनका नाम रोशन करते हैं |  

पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र के प्रथम चरण में जन्म लेने वाले मनुष्य शूरवीर किंतु कुछ चोर प्रवृत्ति के भी होते हैं |

पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र के द्वितीय चरण में जिन जातकों का जन्म होता है ऐसे मनुष्य महान बुद्धि वाले होते हैं |

पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र के तृतीय चरण में जिन जातकों का जन्म होता है ऐसे व्यक्ति बहुत बड़े भवन के धनी होते हैं |

पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र के चतुर्थ चरण में जिन जातकों का जन्म होता है वे जातक भोगी होते हैं |

उत्तराभाद्रपद नक्षत्र के प्रथम चरण में जिन जातकों का जन्म होता है वे राजा के समान ऐश्वर्यवान होते हैं |

उत्तराभाद्रपद नक्षत्र के द्वितीय चरण में जिन जातकों का जन्म होता है वे मनुष्य दूसरों का धन हड़पने वाले होते हैं |

उत्तराभाद्रपद नक्षत्र के तृतीय चरण में जन्म लेने वाले मनुष्य पुत्रवान होते हैं और इनके पुत्र कर्मशील होते हैं |  

उत्तराभाद्रपद नक्षत्र के चतुर्थ चरण में जिन जातकों का जन्म होता है वे मनुष्य सुखमाय जीवन व्यतीत करने वाले होते हैं |

कैसे प्राप्त करें वार्षिक रिपोर्ट ? (27 nakshatra faladesh)

रेवती नक्षत्र के प्रथम चरण में जन्म लेने वाले मनुष्य ज्ञानवान तथा सम्मान प्राप्त करने वाले होते हैं |

रेवती नक्षत्र के द्वितीय चरण में जिन जातकों का जन्म होता है वे मनुष्य चोर प्रवृत्ति के होते हैं |

रेवती नक्षत्र के तृतीय चरण में जन्म लेने वाले मनुष्य युद्ध में विजय प्राप्त करने वाले होते हैं |  

रेवती नक्षत्र के चतुर्थ चरण में जिन जातकों का जन्म होता है वे मनुष्य क्लेश अर्थात कष्ट भोगने वाले होते हैं |

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