बारहवें भाव में स्थित चंद्रमा का फल (moon in 12th house) – जन्मकुंडली के बारहवें भाव में अपने मित्र गुरु की राशि में स्थित चंद्रमा के प्रभाव से जातक, शुभ कार्यों में रुचि रखने वाले होते हैं। ऐसे व्यक्ति धार्मिक कार्यों में धन खर्च करने में भी पीछे नहीं रहते बल्कि बढ़-चढ़कर भाग लेते हैं।
ऐसे व्यक्ति अपने शान-शौकत (श्रंगार) आदि पूरा करने के लिए पैसों की परवाह नहीं करते। ऐसे व्यक्तियों को अपनी प्रशंसा सुनने में बड़े आनंद की अनुभूति होती है। और जो इनकी प्रशंसा करते हैं, वे इनके मित्र भी हो जाते हैं।
ऐसे जातकों को बाहरी क्षेत्रों से लाभ अच्छा मिलता है। इनके बाहरी स्थानों से संबंध बहुत ही मधुर होते हैं, क्योंकि ऐसे व्यक्ति स्वभाव से बहुत ही मिलनसार होते हैं।
दृष्टि प्रभाव एवं व्यक्तित्व
सातवीं दृष्टि से चंद्रमा अपने मित्र बुध की राशि वाले षष्ठभाव को देखने के कारण जातक शत्रु पक्ष पर शांति से विजय प्राप्त कर लेते हैं। तथा अपनी बुद्धिमत्ता से हर प्रकार के झगड़ों को निपटाने में सफल हुआ करते हैं। ऐसी ग्रह स्थिति के व्यक्ति सुखी तथा संतुष्ट जीवन बिताने वाले होते हैं एवं शत्रु पक्ष पर अपनी शालीनता से विजय पाने वाले होते हैं।
बारहवें भाव में स्थित चन्द्रमा के सरल उपाय
यदि आपकी कुंडली के बारहवें भाव में चंद्रमा स्थित है, तो शुभ फलों की वृद्धि और अशुभ प्रभावों के निवारण हेतु निम्नलिखित उपाय अवश्य करें:
- धार्मिक आयोजनों में दूध या दूध से बने पकवानों का दान करना चाहिए।
- साधु-संतजनों को बिना दक्षिणा के न भेजें। अपनी सामर्थ्य अनुसार भोजनादि का दान अवश्य करना चाहिए।
- एक सोने का आभूषण अवश्य धारण करना चाहिए। सामर्थ्य हो तो किसी कन्या के विवाह आदि शुभ कार्य में सोना दान करना चाहिए।
- धार्मिक स्थलों की यात्रा पर जाते समय कुछ अनाज दान के लिए घर से ले जाना चाहिए। वहां अनाज खरीदकर उसमें घर से लाया हुआ अनाज मिलाकर ही दान करना चाहिए।
- निशुल्क शिक्षा देने वाले विद्यालयों में दान देना चाहिए।
- गरीब बच्चों की यथाशक्ति मदद करना चाहिए।


