मेष लग्न की कुंडली के अष्टम भाव में स्थित सूर्य
sun in 8th house – आठवें भाव में मित्र मंगल की राशि पर स्थित सूर्य के प्रभाव से जातक को लम्बी आयु की प्राप्ति होगी। ऐसे व्यक्ति यदि पुरातत्व विभाग में नौकरी करते हैं तो बहुत ही सफल रहते हैं।
मंगल का पृथ्वी तत्व का होने के कारण ऐसे जातकों को भूमि में गड़ा धन प्राप्त होता है। परन्तु आठवां भाव कष्ट का भवन होने के कारण यह लाभ बड़े ही संघर्ष और कष्ट के बाद प्राप्त होता है।
सप्तम भाव का धन भाव होने के कारण व्यक्ति को पत्नी से (स्त्री है तो पति से) धन लाभ होता है। किन्तु ऐसा धन ज्यादा दिनों तक ठहरता नहीं है। ऐसे जातकों को शिक्षा के क्षेत्र में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
संतान एवं पारिवारिक जीवन पर प्रभाव
सूर्य का पंचमेश होने के कारण संतान उत्पत्ति में कष्टों का अनुभव होगा। कभी-कभी अनुभव में आया है कि ऐसे जातकों की संतान बहुत ही कष्ट देने वाली होती है।
सातवीं दृष्टि से शत्रु के द्वितीय भाव को देखने के कारण धन संचय करने में बड़ी कठिनाई आती है। पैतृक संपत्ति को लेकर विवाद होता है, यहाँ तक कि मामला कोर्ट-कचहरी तक पहुँचता है।
कुटुम्ब विषयक असंतोष बना रहता है। पत्नी को लेकर कुटुम्ब के व्यक्तियों से अनबन होती रहेगी, जिसके प्रभाव से आपके दाम्पत्य जीवन में भी तनाव की स्थिति रहेगी।
कुल मिलाकर अष्टम भाव में सूर्य की उपस्थिति व्यक्ति को जीवन भर संघर्ष करने के लिए विवश कर देती है। परन्तु ऐसे जातकों का भाग्य अंततः साथ नहीं छोड़ता।
अष्टम भाव में स्थित सूर्य के उपाय (Sun in 8th House Remedies)
- भवन का निर्माण वास्तु के अनुसार होना अत्यंत आवश्यक है।
- किसी भी शुक्ल पक्ष के रविवार से गुड़ डालकर मीठी पूड़ी (इन्हें पुआ भी कहते हैं) बनाकर सूर्यदेव को भोग लगाकर बालकों में बांटें।
- बड़े-बुजुर्ग व्यक्तियों की सेवा करें और कोई कार्य आरंभ करने से पहले बुजुर्गों का आशीर्वाद अवश्य लें।
- रविवार को ब्राह्मण को मीठा भोजन कराकर दक्षिणा देकर विदा करें।


