सूर्य यंत्र धारण करने के लाभ (Benefits of Surya Yantra)
जिन व्यक्तियों को अक्सर सिर दर्द होता रहता हो, आँखों से संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या हो, अनिद्रा (नींद न आना), सोते समय मुँह से लार गिरना, घबराहट होना, अपच (Indigestion) की शिकायत रहती हो, किसी भी कार्य को करने में उत्साह की कमी महसूस होती हो, रीढ़ की हड्डी में दर्द रहता हो, अकारण डर लगता हो, बार-बार बुखार आना, हृदय (Heart) से संबंधित बीमारियां, तथा आत्म-चेतना व आत्मविश्वास की कमी होना — उपरोक्त स्थितियों में आपको **सूर्य यंत्र (Surya Yantra)** धारण करना चाहिए, इससे अवश्य लाभ प्राप्त होता है।
सूर्य यंत्र किसे धारण करना चाहिए? (Who Should Wear Surya Yantra)
सिंह राशि वालों को, सिंह लग्न वाले व्यक्तियों को तथा जिनकी कुण्डली में सूर्य की महादशा या अंतरदशा चल रही हो, उन जातकों को यह यंत्र विशेष रूप से धारण करना चाहिए। यदि आपको उपरोक्त स्वास्थ्य या मानसिक समस्याओं में से किसी भी प्रकार की परेशानी है, तब भी यह यंत्र धारण करना अत्यंत लाभकारी सिद्ध होता है।
सूर्य यंत्र धारण करने की विधि (Wearing Method)
1. पुरुषों के लिए (Surya Yantra Locket for Men):
पुरुषों को सूर्य यंत्र ताबीज विशेष रूप से गले में धारण करना चाहिए। यदि किसी कारणवश आप गले में धारण नहीं कर सकते, तो इसे अपने दाहिने हाथ (Right Hand) की भुजा में बाँधना चाहिए।
2. महिलाओं के लिए (Surya Yantra Locket for Women):
महिलाओं के लिए भी सूर्य यंत्र ताबीज गले में धारण करना सर्वश्रेष्ठ होता है। यदि गले में धारण करने में असुविधा हो, तो वे इसे अपने बाएं हाथ (Left Hand) की भुजा में धारण कर सकती हैं।
3. अन्य वैकल्पिक तरीके:
महिलाएं या पुरुष, यदि किसी कारणवश यंत्र ताबीज गले या भुजा में धारण नहीं करना चाहते, तो वे इसे अपने पर्स या पॉकेट में रख सकते हैं। इसके अलावा यदि कोई व्यक्ति इसे धारण नहीं कर पा रहा है, तो वे सूर्य यंत्र को अपने बेड में सिरहाने की तरफ गद्दे या तकिया के नीचे भी रख सकते हैं।
घर के पूजा स्थान में स्थापना (Surya Yantra for Home)
यदि आप नियमित रूप से घर में पूजा-पाठ करते हैं, तो आप इस सूर्य यंत्र को अपने पूजा घर (मंदिर) में भी स्थापित कर सकते हैं। इसका नियमित पूजन एवं दर्शन करने से भी आपके जीवन से उपरोक्त सभी कष्ट एवं शारीरिक समस्याएं दूर होती हैं और घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।
सूर्य यंत्र का निर्माण एवं प्राण-प्रतिष्ठा (Construction of Surya Yantra)
इस यंत्र का निर्माण रविवार के दिन सूर्य की होरा में तांबे की कलम से गौलोचन, केशर तथा लाल चंदन की स्याही द्वारा भोजपत्र पर किया जाता है। तत्पश्चात यजमान के नाम व गोत्र से प्राण-प्रतिष्ठा कर नवग्रहों के राजा सूर्य देव के इस यंत्र का विधिवत पूजन, तांत्रिक मंत्र जाप एवं वैदिक हवन किया जाता है। सिद्ध होने के पश्चात इस यंत्र को ताबीज में सुरक्षित किया जाता है।
यंत्र मंगवाने की विधि (How to Order)
जिस व्यक्ति के लिए यंत्र धारण करना है, उस व्यक्ति का नाम, पिता/पति का नाम तथा गोत्र हमारे व्हाट्सएप नंबर (+91 7470934089) पर भेजें। यंत्र की संपूर्ण प्राण-प्रतिष्ठा के बाद इसे आपके दिए गए पते पर कूरियर या पोस्ट ऑफिस द्वारा सुरक्षित भेज दिया जाएगा।
सूर्य यंत्र से संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
1. सूर्य यंत्र क्या है?
सूर्य यंत्र एक पवित्र ज्योतिषीय यंत्र है जो नवग्रहों के राजा सूर्य देव की कृपा प्राप्त करने के लिए धारण किया जाता है। यह व्यक्ति में आत्मविश्वास, तेजस्विता, ऊर्जा और सफलता का संचार करता है।
2. सूर्य यंत्र किन लोगों को धारण करना चाहिए?
जिन लोगों की सिंह राशि या सिंह लग्न है, या जिनकी सूर्य महादशा या अंतरदशा चल रही है, उन्हें यह यंत्र अवश्य धारण करना चाहिए। इसके अतिरिक्त, जिन व्यक्तियों को सिर दर्द, नेत्र दोष, भय, आलस्य, हृदय रोग, या आत्मबल की कमी हो — वे भी इसे धारण कर सकते हैं।
3. सूर्य यंत्र धारण करने से क्या लाभ होते हैं?
सूर्य यंत्र धारण करने से —
- आत्मविश्वास और मनोबल बढ़ता है
- आँखों और हृदय से जुड़ी परेशानियाँ दूर होती हैं
- आलस्य, भय, और मानसिक कमजोरी कम होती है
- व्यक्तित्व में आकर्षण और तेज बढ़ता है
- सफलता, पद-प्रतिष्ठा और सामाजिक मान-सम्मान में वृद्धि होती है
4. सूर्य यंत्र कब धारण करना सबसे शुभ होता है?
यह यंत्र आप कभी भी धारण कर सकते हैं और कभी भी उतार सकते हैं। यह आपके नाम से प्राण प्रतिष्ठित है और यह कभी ख़राब नहीं होता।
5. पुरुषों को सूर्य यंत्र कहाँ धारण करना चाहिए?
पुरुषों को सूर्य यंत्र गले में ताबीज के रूप में धारण करना चाहिए। यदि किसी कारणवश गले में न पहन सकें, तो दाहिनी भुजा (Right Arm) पर धारण करें।
6. महिलाओं को सूर्य यंत्र कैसे धारण करना चाहिए?
महिलाओं को सूर्य यंत्र गले में धारण करना शुभ होता है। यदि गले में असुविधा हो, तो वे इसे बाएँ हाथ (Left Arm) की भुजा में भी पहन सकती हैं।
7. यदि कोई व्यक्ति यंत्र धारण न कर सके तो क्या करे?
यदि कोई व्यक्ति किसी कारणवश यंत्र धारण नहीं कर पा रहा है, तो वह सूर्य यंत्र को अपने बेड में सिरहाने की तरफ गद्दे या तकिया के नीचे रख सकते हैं।
8. क्या सूर्य यंत्र को घर के पूजा स्थान में रखा जा सकता है?
हाँ, यदि आप नियमित पूजन करते हैं तो सूर्य यंत्र को अपने मंदिर या पूजा घर में स्थापित कर सकते हैं। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा, सुख-समृद्धि और तेजस्विता बनी रहती है।
9. सूर्य यंत्र का निर्माण कैसे किया जाता है?
सूर्य यंत्र का निर्माण रविवार को सूर्य की होरा में, ताँबे की कलम से गौरोचन, केशर और लाल चंदन की स्याही से भोजपत्र पर किया जाता है। इसके बाद विशेष तांत्रिक विधि से प्राण-प्रतिष्ठा, पूजन और हवन किया जाता है। तभी यह पूर्ण रूप से सिद्ध और प्रभावशाली होता है।
10. सूर्य यंत्र कैसे मंगाया जा सकता है?
आप अपना नाम, पिता/पति का नाम, गोत्र और वर्तमान स्थान लिखकर 📱 WhatsApp नंबर 7470934089 पर भेज दें। यंत्र निर्माण के बाद यह पोस्ट ऑफिस द्वारा आपके पते पर भेज दिया जाएगा।
11. यदि सूर्य यंत्र न मंगाया जा सके तो क्या करें?
यदि आप किसी कारणवश यंत्र नहीं मंगा पा रहे हैं, तो आप सूर्य देव के सरल उपाय कर सकते हैं, जैसे —
- प्रतिदिन सूर्य को अर्घ्य दें
- “ॐ घृणि सूर्याय नमः” मंत्र का जप करें
- लाल वस्त्र और गुड़ का दान करें
12. आपके सूर्य यंत्र अन्य यंत्रों से अलग क्यों हैं?
हमारे सूर्य यंत्र विशेष रूप से रविवार को सूर्य की होरा में, केवल गौलोचन और केशर से भोजपत्र पर निर्मित किए जाते हैं। प्रत्येक यंत्र को ग्राहक के नाम और गोत्र के अनुसार प्राण-प्रतिष्ठित किया जाता है, जिससे उसकी तांत्रिक शक्ति कई गुना बढ़ जाती है।