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एकादशी 2027 तिथि और पारण समय

एकादशी 2027 तिथि और पारण समय

✍️ Pandit Rajkumar Dubey  |  🕒 08 Nov 2026  |  📂 मुहूर्त 2027  |  ⏱ 20 मिनट पढ़ें

Ekadashi Vrat 2027 List | सभी एकादशी तिथि, व्रत के नाम और पारण समय

Ekadashi Vrat 2027 List: हिंदू पंचांग के अनुसार प्रत्येक चंद्र मास में दो पक्ष होते हैं—कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष। इन दोनों पक्षों की ग्यारहवीं तिथि को एकादशी कहा जाता है। इस प्रकार सामान्य चंद्र-वर्ष में 24 एकादशी आती हैं। अधिक मास होने पर इनकी संख्या 26 हो सकती है।

एकादशी का व्रत भगवान श्रीहरि विष्णु को समर्पित है। इस दिन श्रद्धालु अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार उपवास, फलाहार अथवा निर्जल व्रत करते हैं। व्रत के साथ भगवान विष्णु की पूजा, मंत्र-जाप, विष्णु सहस्रनाम का पाठ और सत्कर्म करने का विशेष महत्व माना जाता है।

धार्मिक मान्यता के अनुसार एकादशी व्रत करने से मन की शुद्धि होती है, भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है और व्यक्ति को आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग मिलता है। इस दिन चावल तथा सामान्य अनाज का सेवन न करने की परंपरा है।

विशेष सूचना: कुछ एकादशियों में स्मार्त और वैष्णव परंपरा के अनुसार व्रत की तारीख अलग होती है। ऐसी स्थिति में दोनों तिथियां अलग-अलग बताई गई हैं। पारण का समय स्थान और पंचांग के अनुसार बदल सकता है। इसलिए व्रत रखने से पहले अपने नगर के पंचांग से समय की पुष्टि अवश्य कर लें।


Ekadashi Vrat 2027 – माहवार एकादशी तिथियां

वर्ष 2027 में आने वाली सभी एकादशियों की तिथियां, व्रत के नाम, एकादशी तिथि प्रारंभ और समाप्त होने का समय तथा पारण का समय नीचे दिया गया है:

January Ekadashi Vrat 2027

  1. सफला एकादशी – 03 जनवरी 2027, रविवार
    • पारण: 04 जनवरी 2027, सोमवार | प्रातः 07:15 से 09:19 बजे तक
    • पौष कृष्ण पक्ष एकादशी प्रारंभ: 02 जनवरी, दोपहर 02:24 बजे
    • एकादशी समाप्त: 03 जनवरी, शाम 04:08 बजे

  2. पौष पुत्रदा एकादशी – 18 जनवरी 2027, सोमवार
    • पारण: 19 जनवरी 2027, मंगलवार | दोपहर 01:35 से 03:42 बजे तक
    • पौष शुक्ल पक्ष एकादशी प्रारंभ: 18 जनवरी, प्रातः 10:26 बजे
    • एकादशी समाप्त: 19 जनवरी, प्रातः 07:49 बजे

  3. गौण पौष पुत्रदा एकादशी – 19 जनवरी 2027, मंगलवार (वैष्णव परंपरा)
    • पारण: 20 जनवरी 2027, बुधवार | प्रातः 07:14 से 09:21 बजे तक
    • यह पौष पुत्रदा एकादशी की वैष्णव परंपरा की तिथि है। इसे अलग स्वतंत्र एकादशी न समझें।

February Ekadashi Vrat 2027

  1. षटतिला एकादशी – 02 फरवरी 2027, मंगलवार
    • पारण: 03 फरवरी 2027, बुधवार | प्रातः 07:08 से 09:19 बजे तक
    • माघ कृष्ण पक्ष एकादशी प्रारंभ: 01 फरवरी, प्रातः 08:41 बजे
    • एकादशी समाप्त: 02 फरवरी, प्रातः 11:10 बजे

  2. जया एकादशी – 17 फरवरी 2027, बुधवार
    • पारण: 18 फरवरी 2027, गुरुवार | प्रातः 06:57 से 09:12 बजे तक
    • माघ शुक्ल पक्ष एकादशी प्रारंभ: 16 फरवरी, रात्रि 08:19 बजे
    • एकादशी समाप्त: 17 फरवरी, शाम 05:31 बजे

March Ekadashi Vrat 2027

  1. विजया एकादशी – 04 मार्च 2027, गुरुवार
    • पारण: 05 मार्च 2027, शुक्रवार | प्रातः 06:42 से 09:03 बजे तक
    • फाल्गुन कृष्ण पक्ष एकादशी प्रारंभ: 03 मार्च, प्रातः 04:44 बजे
    • एकादशी समाप्त: 04 मार्च, प्रातः 07:24 बजे

  2. आमलकी एकादशी – 18 मार्च 2027, गुरुवार
    • पारण: 19 मार्च 2027, शुक्रवार | प्रातः 07:12 से 08:52 बजे तक
    • फाल्गुन शुक्ल पक्ष एकादशी प्रारंभ: 18 मार्च, प्रातः 04:21 बजे
    • एकादशी समाप्त: 19 मार्च, रात्रि 01:51 बजे

April Ekadashi Vrat 2027

  1. पापमोचनी एकादशी – 02 अप्रैल 2027, शुक्रवार
    • पारण: 03 अप्रैल 2027, शनिवार | दोपहर 01:40 से 04:10 बजे तक
    • चैत्र कृष्ण पक्ष एकादशी प्रारंभ: 02 अप्रैल, रात्रि 12:45 बजे
    • एकादशी समाप्त: 03 अप्रैल, रात्रि 02:51 बजे

  2. कामदा एकादशी – 17 अप्रैल 2027, शनिवार
    • पारण: 18 अप्रैल 2027, रविवार | प्रातः 05:53 से 07:42 बजे तक
    • चैत्र शुक्ल पक्ष एकादशी प्रारंभ: 16 अप्रैल, प्रातः 11:21 बजे
    • एकादशी समाप्त: 17 अप्रैल, प्रातः 09:27 बजे

May Ekadashi Vrat 2027

  1. वरूथिनी एकादशी – 02 मई 2027, रविवार
    • पारण: 03 मई 2027, सोमवार | प्रातः 05:39 से 08:19 बजे तक
    • वैशाख कृष्ण पक्ष एकादशी प्रारंभ: 01 मई, शाम 06:53 बजे
    • एकादशी समाप्त: 02 मई, शाम 07:51 बजे

  2. मोहिनी एकादशी – 16 मई 2027, रविवार
    • पारण: 17 मई 2027, सोमवार | प्रातः 05:29 से 08:13 बजे तक
    • वैशाख शुक्ल पक्ष एकादशी प्रारंभ: 15 मई, शाम 06:17 बजे
    • एकादशी समाप्त: 16 मई, शाम 05:13 बजे

June Ekadashi Vrat 2027

  1. अपरा एकादशी – 01 जून 2027, मंगलवार
    • पारण: 02 जून 2027, बुधवार | प्रातः 05:24 से 08:10 बजे तक
    • ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष एकादशी प्रारंभ: 31 मई, प्रातः 10:02 बजे
    • एकादशी समाप्त: 01 जून, प्रातः 09:39 बजे

  2. निर्जला एकादशी – 14 जून 2027, सोमवार
    • पारण: 15 जून 2027, मंगलवार | दोपहर 01:45 से 04:33 बजे तक
    • ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष एकादशी प्रारंभ: 14 जून, रात्रि 02:11 बजे
    • एकादशी समाप्त: 15 जून, रात्रि 02:07 बजे

  3. योगिनी एकादशी – 30 जून 2027, बुधवार
    • पारण: 01 जुलाई 2027, गुरुवार | प्रातः 05:27 से 08:14 बजे तक
    • आषाढ़ कृष्ण पक्ष एकादशी प्रारंभ: 29 जून, रात्रि 10:03 बजे
    • एकादशी समाप्त: 30 जून, रात्रि 08:30 बजे

July Ekadashi Vrat 2027

  1. देवशयनी एकादशी – 14 जुलाई 2027, बुधवार
    • पारण: 15 जुलाई 2027, गुरुवार | प्रातः 05:33 से 08:19 बजे तक
    • आषाढ़ शुक्ल पक्ष एकादशी प्रारंभ: 13 जुलाई, दोपहर 12:08 बजे
    • एकादशी समाप्त: 14 जुलाई, दोपहर 01:10 बजे

  2. कामिका एकादशी – 29 जुलाई 2027, गुरुवार
    • पारण: 30 जुलाई 2027, शुक्रवार | दोपहर 01:49 से 04:31 बजे तक
    • श्रावण कृष्ण पक्ष एकादशी प्रारंभ: 29 जुलाई, प्रातः 07:33 बजे
    • एकादशी समाप्त: 30 जुलाई, प्रातः 05:12 बजे

  3. गौण कामिका एकादशी – 30 जुलाई 2027, शुक्रवार (वैष्णव परंपरा)
    • पारण: 31 जुलाई 2027, शनिवार | प्रातः 05:42 से 08:24 बजे तक
    • यह कामिका एकादशी की वैष्णव परंपरा की तिथि है। इसे अलग स्वतंत्र एकादशी न समझें।

August Ekadashi Vrat 2027

  1. श्रावण पुत्रदा एकादशी – 12 अगस्त 2027, गुरुवार
    • पारण: 13 अगस्त 2027, शुक्रवार | दोपहर 01:45 से 04:24 बजे तक
    • श्रावण शुक्ल पक्ष एकादशी प्रारंभ: 12 अगस्त, रात्रि 12:58 बजे
    • एकादशी समाप्त: 13 अगस्त, रात्रि 02:59 बजे

  2. अजा एकादशी – 28 अगस्त 2027, शनिवार
    • पारण: 29 अगस्त 2027, रविवार | प्रातः 05:57 से 08:31 बजे तक
    • भाद्रपद कृष्ण पक्ष एकादशी प्रारंभ: 27 अगस्त, दोपहर 03:25 बजे
    • एकादशी समाप्त: 28 अगस्त, दोपहर 12:42 बजे

September Ekadashi Vrat 2027

  1. पार्श्व एकादशी – 11 सितंबर 2027, शनिवार
    • पारण: 12 सितंबर 2027, रविवार | प्रातः 06:04 से 08:33 बजे तक
    • भाद्रपद शुक्ल पक्ष एकादशी प्रारंभ: 10 सितंबर, शाम 05:00 बजे
    • एकादशी समाप्त: 11 सितंबर, शाम 07:35 बजे

  2. इन्दिरा एकादशी – 26 सितंबर 2027, रविवार
    • पारण: 27 सितंबर 2027, सोमवार | प्रातः 06:12 से 08:36 बजे तक
    • आश्विन कृष्ण पक्ष एकादशी प्रारंभ: 25 सितंबर, रात्रि 10:30 बजे
    • एकादशी समाप्त: 26 सितंबर, शाम 07:49 बजे

October Ekadashi Vrat 2027

  1. पापांकुशा एकादशी – 11 अक्टूबर 2027, सोमवार
    • पारण: 12 अक्टूबर 2027, मंगलवार | प्रातः 06:20 से 08:39 बजे तक
    • आश्विन शुक्ल पक्ष एकादशी प्रारंभ: 10 अक्टूबर, प्रातः 11:40 बजे
    • एकादशी समाप्त: 11 अक्टूबर, दोपहर 02:08 बजे

  2. रमा एकादशी – 25 अक्टूबर 2027, सोमवार
    • पारण: 26 अक्टूबर 2027, मंगलवार | दोपहर 01:12 से 03:27 बजे तक
    • कार्तिक कृष्ण पक्ष एकादशी प्रारंभ: 25 अक्टूबर, प्रातः 05:40 बजे
    • एकादशी समाप्त: 26 अक्टूबर, प्रातः 03:22 बजे

  3. वैष्णव रमा एकादशी – 26 अक्टूबर 2027, मंगलवार (वैष्णव परंपरा)
    • पारण: 27 अक्टूबर 2027, बुधवार | प्रातः 06:29 से 08:43 बजे तक
    • यह रमा एकादशी की वैष्णव परंपरा की तिथि है। इसे अलग स्वतंत्र एकादशी न समझें।

November Ekadashi Vrat 2027

  1. देवउत्थान एकादशी – 10 नवंबर 2027, बुधवार
    • पारण: 11 नवंबर 2027, गुरुवार | प्रातः 06:40 से 08:50 बजे तक
    • कार्तिक शुक्ल पक्ष एकादशी प्रारंभ: 09 नवंबर, प्रातः 07:34 बजे
    • एकादशी समाप्त: 10 नवंबर, प्रातः 09:11 बजे

  2. उत्पन्ना एकादशी – 24 नवंबर 2027, बुधवार
    • पारण: 25 नवंबर 2027, गुरुवार | प्रातः 06:51 से 08:58 बजे तक
    • मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष एकादशी प्रारंभ: 23 नवंबर, दोपहर 01:44 बजे
    • एकादशी समाप्त: 24 नवंबर, दोपहर 12:11 बजे

December Ekadashi Vrat 2027

  1. मोक्षदा एकादशी – 09 दिसंबर 2027, गुरुवार
    • पारण: 10 दिसंबर 2027, शुक्रवार | दोपहर 01:16 से 03:20 बजे तक
    • मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष एकादशी प्रारंभ: 09 दिसंबर, रात्रि 02:58 बजे
    • एकादशी समाप्त: 10 दिसंबर, रात्रि 03:19 बजे

  2. सफला एकादशी – 23 दिसंबर 2027, गुरुवार
    • पारण: 24 दिसंबर 2027, शुक्रवार | प्रातः 07:11 से 09:15 बजे तक
    • पौष कृष्ण पक्ष एकादशी की यह तिथि 2027 के अंत में आती है। यह 2027 की सूची में शामिल एक अतिरिक्त कैलेंडर-वर्ष की एकादशी है।

एकादशी व्रत का महत्व

एकादशी का व्रत भगवान श्रीविष्णु की आराधना के लिए विशेष माना गया है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन व्रत, पूजा, मंत्र-जाप और दान-पुण्य करने से मनुष्य को आध्यात्मिक लाभ प्राप्त होता है। एकादशी के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है। श्रद्धालु अपनी श्रद्धा के अनुसार विष्णु सहस्रनाम, भगवद्गीता, श्रीमद्भागवत अथवा एकादशी व्रत कथा का पाठ करते हैं। एकादशी व्रत का उद्देश्य केवल भोजन का त्याग करना नहीं, बल्कि मन, वाणी और कर्म की शुद्धि का प्रयास करना भी है।

एकादशी व्रत की सामान्य पूजा विधि

  1. एकादशी के दिन प्रातः स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  2. भगवान श्रीविष्णु के सामने व्रत का संकल्प लें।
  3. भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करें।
  4. भगवान को फल, फूल, धूप, दीप और तुलसी दल अर्पित करें।
  5. अपनी श्रद्धा के अनुसार “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें।
  6. दिनभर भगवान का स्मरण करें और सामर्थ्य के अनुसार व्रत रखें।
  7. एकादशी की रात्रि में भगवान विष्णु का भजन-कीर्तन अथवा धार्मिक पाठ कर सकते हैं।
  8. अगले दिन द्वादशी तिथि में निर्धारित पारण समय के अनुसार व्रत खोलें।

एकादशी व्रत में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं?

एकादशी के दिन सामान्यतः चावल, गेहूं, दाल और अन्य अनाज का सेवन नहीं किया जाता। व्रत की परंपरा के अनुसार कुछ श्रद्धालु फलाहार करते हैं, जबकि कुछ निर्जल व्रत रखते हैं।

फलाहार में सामान्यतः ग्रहण किए जाने वाले पदार्थ:

  • फल और दूध
  • साबूदाना
  • कुट्टू या सिंघाड़े का आटा
  • मखाना
  • मेवे
  • सेंधा नमक

व्रत के नियम अलग-अलग परिवारों और परंपराओं में कुछ भिन्न हो सकते हैं। स्वास्थ्य, आयु और शारीरिक क्षमता को ध्यान में रखकर ही उपवास करना चाहिए। बीमार, वृद्ध, गर्भवती अथवा नियमित दवा लेने वाले व्यक्ति कठोर या निर्जल व्रत रखने से पहले चिकित्सकीय सलाह लें।

एकादशी व्रत का पारण कैसे करें?

एकादशी व्रत का पारण द्वादशी तिथि में निर्धारित समय के अनुसार किया जाता है। सामान्यतः सूर्योदय के बाद और हरिवासर समाप्त होने पर पारण करना उचित माना जाता है। कुछ विशेष तिथियों में पारण का समय दोपहर में भी हो सकता है। पारण के समय अपने पंचांग में दिए गए समय का पालन करें। केवल सामान्य सूर्योदय के आधार पर पारण का समय स्वयं निर्धारित न करें।


निष्कर्ष (Conclusion)

एकादशी व्रत भगवान श्रीहरि विष्णु की भक्ति, आत्मसंयम और आध्यात्मिक साधना का महत्वपूर्ण पर्व है। वर्ष 2027 में आने वाली सभी प्रमुख एकादशी तिथियों, उनके नाम, तिथि प्रारंभ और समाप्ति के समय तथा पारण की जानकारी इस लेख में दी गई है। श्रद्धालु अपनी पारिवारिक परंपरा और स्थानीय पंचांग के अनुसार एकादशी व्रत रखें तथा द्वादशी में उचित समय पर पारण करें। भगवान श्रीहरि विष्णु से प्रार्थना है कि वे सभी भक्तों को सद्बुद्धि, शांति और भक्ति प्रदान करें।


अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

Q1: Ekadashi Vrat 2027 कब-कब है?
उत्तर: वर्ष 2027 के अंग्रेजी कैलेंडर में जनवरी से दिसंबर तक कुल 25 एकादशी तिथियां आती हैं। इनमें कुछ एकादशियों की स्मार्त और वैष्णव परंपरा के अनुसार अलग-अलग व्रत तिथियां भी हैं। इस लेख में सभी तिथियां दी गई हैं।

Q2: एकादशी व्रत महीने में कितनी बार आता है?
उत्तर: सामान्यतः प्रत्येक चंद्र मास में दो एकादशी आती हैं। एक कृष्ण पक्ष में और दूसरी शुक्ल पक्ष में। इस प्रकार सामान्य चंद्र-वर्ष में 24 एकादशी होती हैं।

Q3: Ekadashi Vrat 2027 का पारण समय क्या है?
उत्तर: एकादशी व्रत का पारण सामान्यतः अगले दिन द्वादशी तिथि में किया जाता है। पारण का सही समय स्थान, सूर्योदय और हरिवासर की स्थिति के अनुसार बदलता है। इसलिए अपने नगर के पंचांग में दिया गया समय देखें।

Q4: एकादशी व्रत का क्या महत्व है?
उत्तर: एकादशी व्रत भगवान श्रीविष्णु को समर्पित है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन व्रत, पूजा, मंत्र-जाप और दान-पुण्य करने से मन की शुद्धि तथा आध्यात्मिक उन्नति होती है।

Q5: क्या एकादशी व्रत में चावल खाना वर्जित है?
उत्तर: हाँ, धार्मिक परंपरा के अनुसार एकादशी के दिन चावल और सामान्य अनाज का सेवन नहीं किया जाता। श्रद्धालु अपनी परंपरा के अनुसार फलाहार या अन्य व्रत के अनुकूल भोजन ग्रहण करते हैं।

Q6: निर्जला एकादशी 2027 कब है?
उत्तर: वर्ष 2027 में निर्जला एकादशी 14 जून, सोमवार को है। यह ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की एकादशी है। इस व्रत में जल का त्याग करने की परंपरा है, लेकिन कठोर निर्जल उपवास केवल अपनी स्वास्थ्य क्षमता और उचित सलाह के अनुसार ही करना चाहिए।

Q7: देवशयनी एकादशी 2027 कब है?
उत्तर: देवशयनी एकादशी 14 जुलाई 2027, बुधवार को है। इसे आषाढ़ शुक्ल पक्ष की एकादशी कहा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इसी दिन से भगवान विष्णु योगनिद्रा में जाते हैं और चातुर्मास का आरंभ माना जाता है।

Q8: देवउत्थान एकादशी 2027 कब है?
उत्तर: देवउत्थान एकादशी 10 नवंबर 2027, बुधवार को है। इसे देवोत्थान या देवउठनी एकादशी भी कहा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु योगनिद्रा से जागते हैं। इसके बाद अनेक परंपराओं में मांगलिक कार्यों का आरंभ माना जाता है।

Q9: वैकुण्ठ एकादशी 2027 कब है?
उत्तर: वैकुण्ठ एकादशी का नाम और तिथि अलग-अलग क्षेत्रीय परंपराओं में भिन्न रूप से प्रचलित है। वर्ष 2027 की इस सूची में मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष की मोक्षदा एकादशी 09 दिसंबर को है। वैकुण्ठ एकादशी के विशेष आयोजन के लिए अपने क्षेत्र और संप्रदाय के पंचांग का अनुसरण करें।

Q10: Ekadashi Vrat 2027 में पूजा कैसे करनी चाहिए?
उत्तर: प्रातः स्नान करके भगवान श्रीविष्णु का संकल्पपूर्वक पूजन करें। उन्हें फल, फूल, धूप, दीप और तुलसी दल अर्पित करें। “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें और अपनी श्रद्धा के अनुसार एकादशी व्रत कथा या विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।

Q11: क्या महिलाएं और वृद्ध व्यक्ति एकादशी व्रत कर सकते हैं?
उत्तर: हाँ, महिलाएं और वृद्ध व्यक्ति अपनी श्रद्धा और स्वास्थ्य के अनुसार एकादशी व्रत कर सकते हैं। आवश्यकता होने पर फलाहार या हल्का भोजन लेकर भी भगवान की भक्ति की जा सकती है। स्वास्थ्य को कष्ट पहुंचाने वाला कठोर उपवास आवश्यक नहीं है।

Q12: एकादशी व्रत का पारण किस दिन किया जाता है?
उत्तर: एकादशी व्रत का पारण सामान्यतः अगले दिन द्वादशी तिथि में किया जाता है। पारण के लिए स्थानीय पंचांग में दिया गया समय देखना चाहिए। विशेष परिस्थितियों में पारण का समय दोपहर में भी हो सकता है।

Q13: क्या एकादशी व्रत में तुलसी दल चढ़ाना चाहिए?
उत्तर: भगवान श्रीविष्णु की पूजा में तुलसी दल का विशेष महत्व माना गया है। श्रद्धालु पूजा के समय भगवान को तुलसी दल अर्पित कर सकते हैं। तुलसी अर्पण और पूजा के नियम अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार रखें।

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