Sarvartha Siddhi Yog 2027: शुभ मुहूर्त, तिथियां, लाभ, वर्जित कार्य एवं संपूर्ण जानकारी
Sarvartha Siddhi Yog 2027: भारतीय संस्कृति में किसी भी शुभ कार्य को आरंभ करने से पहले शुभ मुहूर्त का विचार करना विशेष महत्व रखता है। हिंदू ज्योतिष शास्त्र में अनेक ऐसे शुभ योग बताए गए हैं, जिनमें कार्य आरंभ करना शुभ और फलदायी माना जाता है। इन्हीं विशेष शुभ योगों में से एक है सर्वार्थ सिद्धि योग।
सर्वार्थ सिद्धि योग का निर्माण विशेष वार और नक्षत्र के संयोग से होता है। सर्वार्थ का अर्थ है सभी कार्यों की सिद्धि और सफलता। ऐसी मान्यता है कि इस योग में आरंभ किए गए कार्यों में सफलता प्राप्त होने की संभावनाएं बढ़ती हैं तथा कार्यों में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं।
वर्षभर में कई बार सर्वार्थ सिद्धि योग का निर्माण होता है। जिन दिनों में सामान्य शुभ मुहूर्त उपलब्ध नहीं होते, उन दिनों में यह योग विशेष उपयोगी माना जाता है। इस योग में भूमि, भवन, वाहन खरीदना, नया व्यवसाय आरंभ करना, दुकान का शुभारंभ करना तथा अन्य शुभ कार्य किए जा सकते हैं।
हालांकि सर्वार्थ सिद्धि योग को अत्यंत शुभ माना गया है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि इसमें प्रत्येक प्रकार का कार्य बिना किसी अन्य मुहूर्त विचार के किया जा सकता है। विवाह, गृह प्रवेश जैसे विशेष मांगलिक कार्यों के लिए संबंधित मुहूर्त के नियमों का अलग से विचार करना आवश्यक है।
सर्वार्थ सिद्धि योग में वर्जित कार्य
सर्वार्थ सिद्धि योग में सामान्य शुभ कार्य किए जा सकते हैं, लेकिन कुछ विशेष कार्यों के लिए अलग से मुहूर्त देखना आवश्यक माना गया है:
- विवाह संस्कार: सर्वार्थ सिद्धि योग मात्र के आधार पर विवाह करना उचित नहीं है। विवाह के लिए विवाह मुहूर्त, तिथि, नक्षत्र, लग्न तथा अन्य आवश्यक ज्योतिषीय स्थितियों का विचार करना चाहिए।
- गृह प्रवेश: नए मकान में प्रवेश करने के लिए गृह प्रवेश का विशेष मुहूर्त देखना चाहिए। केवल सर्वार्थ सिद्धि योग होने से गृह प्रवेश का मुहूर्त सिद्ध नहीं हो जाता।
- यात्रा: किसी विशेष दिशा में यात्रा आरंभ करने से पहले दिशा शूल, तिथि, नक्षत्र और यात्रा के अन्य मुहूर्त संबंधी नियमों का विचार करना उचित रहता है।
अतः किसी भी बड़े मांगलिक कार्य के लिए केवल सर्वार्थ सिद्धि योग को आधार न बनाकर संपूर्ण पंचांग का विचार करना चाहिए।
सर्वार्थ सिद्धि योग में किए जाने वाले कार्य (Sarvartha Siddhi Yoga 2027)
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार सर्वार्थ सिद्धि योग में निम्नलिखित कार्य करना शुभ माना जाता है:
- नया व्यापार, व्यवसाय या दुकान आरंभ करना।
- भूमि, भवन, मकान अथवा दुकान खरीदना।
- वाहन खरीदना।
- नए कार्य या परियोजना का शुभारंभ करना।
- नौकरी अथवा व्यवसाय से संबंधित नए कार्य आरंभ करना।
- आर्थिक एवं व्यावसायिक समझौते करना।
- शिक्षा, विद्या और ज्ञान प्राप्ति से संबंधित कार्य आरंभ करना।
- मशीनरी, उपकरण तथा व्यापारिक उपयोग की वस्तुएं खरीदना।
- धार्मिक अनुष्ठान, पूजा-पाठ और मंत्र जाप करना।
- लंबे समय से रुके हुए शुभ कार्यों को पुनः आरंभ करना।
इन कार्यों के लिए भी व्यक्तिगत कुंडली, कार्य की प्रकृति तथा अन्य पंचांग संबंधी दोषों का विचार करना श्रेष्ठ रहता है।
सर्वार्थ सिद्धि योग कब अशुभ माना जाता है?
सर्वार्थ सिद्धि योग सामान्यतः शुभ माना जाता है, लेकिन प्रत्येक स्थिति में इसे समान रूप से फलदायी नहीं माना जा सकता। वार और नक्षत्र के अतिरिक्त तिथि, योग, करण, भद्रा, ग्रह स्थिति तथा कार्य की प्रकृति का भी विचार आवश्यक है।
कुछ ज्योतिषीय मान्यताओं में गुरु-पुष्य, शनि-रोहिणी तथा मंगल-अश्विनी के विशेष संयोगों को लेकर सावधानी बताई गई है। हालांकि इन संयोगों को सर्वार्थ सिद्धि योग के सभी मामलों में स्वतः अशुभ घोषित करना उचित नहीं है। इनके संबंध में संबंधित शास्त्रीय नियम और संपूर्ण पंचांग का विचार करना चाहिए। इसलिए किसी भी बड़े शुभ कार्य से पहले योग्य ज्योतिषाचार्य से परामर्श लेना उचित रहता है।
Sarvartha Siddhi Yog 2027 – माहवार तिथियां एवं शुभ समय
वर्ष 2027 में बनने वाले सर्वार्थ सिद्धि योग की सभी तिथियां और उनके प्रारंभ एवं समाप्त होने का समय नीचे दिया गया है। पाठक अपनी आवश्यकता के अनुसार संबंधित महीने की तिथि और समय देख सकते हैं:
जनवरी 2027 (January)
- 02 जनवरी, शनिवार: प्रातः 07:14 बजे से सायं 07:19 बजे तक।
- 04 जनवरी, सोमवार: प्रातः 07:15 बजे से 05 जनवरी रात्रि 12:14 बजे तक।
- 09 जनवरी, शनिवार: दोपहर 12:15 बजे से 10 जनवरी प्रातः 07:15 बजे तक।
- 14 जनवरी, गुरुवार: रात्रि 11:18 बजे से 15 जनवरी प्रातः 07:15 बजे तक।
- 15 जनवरी, शुक्रवार: प्रातः 07:15 बजे से 16 जनवरी प्रातः 07:15 बजे तक।
- 18 जनवरी, सोमवार: रात्रि 09:05 बजे से 19 जनवरी प्रातः 07:14 बजे तक।
- 20 जनवरी, बुधवार: प्रातः 07:14 बजे से सायं 04:17 बजे तक।
- 21 जनवरी, गुरुवार: दोपहर 01:23 बजे से 22 जनवरी प्रातः 07:14 बजे तक।
- 22 जनवरी, शुक्रवार: प्रातः 07:14 बजे से प्रातः 10:24 बजे तक।
- 27 जनवरी, बुधवार: प्रातः 07:12 बजे से रात्रि 11:56 बजे तक।
फरवरी 2027 (February)
- 05 फरवरी, शुक्रवार: सायं 06:32 बजे से 06 फरवरी प्रातः 07:07 बजे तक।
- 06 फरवरी, शनिवार: प्रातः 07:07 बजे से रात्रि 09:19 बजे तक।
- 10 फरवरी, बुधवार: प्रातः 03:40 बजे से प्रातः 07:04 बजे तक।
- 11 फरवरी, गुरुवार: प्रातः 07:03 बजे से 12 फरवरी प्रातः 07:02 बजे तक।
- 12 फरवरी, शुक्रवार: प्रातः 07:02 बजे से 13 फरवरी प्रातः 05:56 बजे तक।
- 15 फरवरी, सोमवार: प्रातः 07:00 बजे से 16 फरवरी प्रातः 06:59 बजे तक।
- 18 फरवरी, गुरुवार: प्रातः 06:57 बजे से 19 फरवरी प्रातः 06:56 बजे तक।
- 24 फरवरी, बुधवार: प्रातः 06:52 बजे से प्रातः 09:38 बजे तक।
मार्च 2027 (March)
- 05 मार्च, शुक्रवार: प्रातः 06:42 बजे से 06 मार्च प्रातः 04:20 बजे तक।
- 09 मार्च, मंगलवार: प्रातः 09:58 बजे से 10 मार्च प्रातः 06:37 बजे तक।
- 11 मार्च, गुरुवार: प्रातः 06:36 बजे से 12 मार्च प्रातः 06:35 बजे तक।
- 12 मार्च, शुक्रवार: प्रातः 06:35 बजे से प्रातः 11:22 बजे तक।
- 15 मार्च, सोमवार: प्रातः 06:31 बजे से 16 मार्च प्रातः 06:30 बजे तक।
- 18 मार्च, गुरुवार: प्रातः 06:28 बजे से 19 मार्च प्रातः 03:21 बजे तक।
- 21 मार्च, रविवार: रात्रि 10:06 बजे से 22 मार्च प्रातः 06:23 बजे तक।
- 26 मार्च, शुक्रवार: रात्रि 08:35 बजे से 27 मार्च प्रातः 06:17 बजे तक।
- 29 मार्च, सोमवार: रात्रि 12:31 बजे से प्रातः 06:15 बजे तक।
अप्रैल 2027 (April)
- 02 अप्रैल, शुक्रवार: प्रातः 06:11 बजे से दोपहर 12:16 बजे तक।
- 06 अप्रैल, मंगलवार: प्रातः 06:06 बजे से सायं 06:23 बजे तक।
- 08 अप्रैल, गुरुवार: प्रातः 06:04 बजे से सायं 05:59 बजे तक।
- 10 अप्रैल, शनिवार: सायं 04:07 बजे से 11 अप्रैल प्रातः 06:00 बजे तक।
- 12 अप्रैल, सोमवार: प्रातः 05:59 बजे से दोपहर 01:34 बजे तक।
- 15 अप्रैल, गुरुवार: प्रातः 05:56 बजे से प्रातः 09:33 बजे तक।
- 18 अप्रैल, रविवार: प्रातः 06:05 बजे से 19 अप्रैल प्रातः 05:52 बजे तक।
- 23 अप्रैल, शुक्रवार: प्रातः 05:32 बजे से प्रातः 05:48 बजे तक।
- 23 अप्रैल, शुक्रवार (दूसरा): प्रातः 05:48 बजे से 24 अप्रैल प्रातः 05:47 बजे तक।
- 25 अप्रैल, रविवार: प्रातः 08:57 बजे से 26 अप्रैल प्रातः 05:45 बजे तक।
मई 2027 (May)
- 03 मई, सोमवार: रात्रि 02:40 बजे से प्रातः 05:39 बजे तक।
- 05 मई, बुधवार: रात्रि 03:14 बजे से प्रातः 05:38 बजे तक।
- 08 मई, शनिवार: प्रातः 05:35 बजे से रात्रि 09:52 बजे तक।
- 16 मई, रविवार: प्रातः 05:30 बजे से 17 मई प्रातः 05:29 बजे तक।
- 20 मई, गुरुवार: दोपहर 01:21 बजे से 21 मई प्रातः 05:27 बजे तक।
- 21 मई, शुक्रवार: प्रातः 05:27 बजे से दोपहर 02:51 बजे तक।
- 23 मई, रविवार: प्रातः 05:27 बजे से सायं 07:17 बजे तक।
- 30 मई, रविवार: प्रातः 11:32 बजे से 31 मई प्रातः 05:24 बजे तक।
जून 2027 (June)
- 01 जून, मंगलवार: दोपहर 12:49 बजे से 02 जून प्रातः 05:24 बजे तक।
- 05 जून, शनिवार: प्रातः 05:23 बजे से प्रातः 07:02 बजे तक।
- 07 जून, सोमवार: रात्रि 11:45 बजे से 08 जून प्रातः 05:23 बजे तक।
- 08 जून, मंगलवार: रात्रि 09:36 बजे से 09 जून प्रातः 05:23 बजे तक।
- 13 जून, रविवार: प्रातः 05:23 बजे से सायं 04:59 बजे तक।
- 16 जून, बुधवार: सायं 07:44 बजे से 17 जून प्रातः 05:23 बजे तक।
- 17 जून, गुरुवार: प्रातः 05:23 बजे से रात्रि 09:30 बजे तक।
- 21 जून, सोमवार: प्रातः 05:03 बजे से प्रातः 05:24 बजे तक।
- 27 जून, रविवार: प्रातः 05:25 बजे से रात्रि 08:58 बजे तक।
- 29 जून, मंगलवार: प्रातः 05:26 बजे से रात्रि 09:48 बजे तक।
- 30 जून, बुधवार: रात्रि 09:01 बजे से 01 जुलाई प्रातः 05:27 बजे तक।
जुलाई 2027 (July)
- 05 जुलाई, सोमवार: प्रातः 09:19 बजे से 06 जुलाई प्रातः 05:29 बजे तक।
- 06 जुलाई, मंगलवार: प्रातः 06:33 बजे से 07 जुलाई प्रातः 04:03 बजे तक।
- 14 जुलाई, बुधवार: प्रातः 05:32 बजे से 15 जुलाई प्रातः 03:18 बजे तक।
- 18 जुलाई, रविवार: प्रातः 11:17 बजे से 19 जुलाई प्रातः 05:35 बजे तक।
- 19 जुलाई, सोमवार: दोपहर 02:23 बजे से 20 जुलाई प्रातः 05:36 बजे तक।
- 26 जुलाई, सोमवार: प्रातः 05:13 बजे से प्रातः 05:39 बजे तक।
- 27 जुलाई, मंगलवार: प्रातः 05:39 बजे से प्रातः 05:53 बजे तक।
- 28 जुलाई, बुधवार: प्रातः 05:47 बजे से 29 जुलाई प्रातः 05:41 बजे तक।
अगस्त 2027 (August)
- 01 अगस्त, रविवार: रात्रि 08:04 बजे से 02 अगस्त प्रातः 05:43 बजे तक।
- 02 अगस्त, सोमवार: प्रातः 05:43 बजे से सायं 05:09 बजे तक।
- 03 अगस्त, मंगलवार: प्रातः 05:43 बजे से दोपहर 02:16 बजे तक।
- 11 अगस्त, बुधवार: प्रातः 05:48 बजे से प्रातः 09:13 बजे तक।
- 15 अगस्त, रविवार: प्रातः 05:50 बजे से रात्रि 08:27 बजे तक।
- 16 अगस्त, सोमवार: प्रातः 05:51 बजे से रात्रि 11:34 बजे तक।
- 22 अगस्त, रविवार: प्रातः 11:10 बजे से 23 अगस्त प्रातः 05:54 बजे तक।
- 24 अगस्त, मंगलवार: दोपहर 12:37 बजे से 25 अगस्त प्रातः 05:55 बजे तक।
- 25 अगस्त, बुधवार: प्रातः 05:55 बजे से 26 अगस्त प्रातः 05:56 बजे तक।
- 29 अगस्त, रविवार: प्रातः 06:17 बजे से 30 अगस्त प्रातः 03:44 बजे तक।
सितंबर 2027 (September)
- 04 सितंबर, शनिवार: दोपहर 02:49 बजे से 05 सितंबर प्रातः 06:01 बजे तक।
- 06 सितंबर, सोमवार: दोपहर 02:59 बजे से 07 सितंबर प्रातः 06:02 बजे तक।
- 12 सितंबर, रविवार: रात्रि 02:58 बजे से प्रातः 06:04 बजे तक।
- 17 सितंबर, शुक्रवार: दोपहर 03:28 बजे से 18 सितंबर प्रातः 06:07 बजे तक।
- 19 सितंबर, रविवार: प्रातः 06:08 बजे से सायं 05:40 बजे तक।
- 21 सितंबर, मंगलवार: प्रातः 06:09 बजे से सायं 06:12 बजे तक।
- 22 सितंबर, बुधवार: प्रातः 06:09 बजे से 23 सितंबर प्रातः 06:10 बजे तक।
- 24 सितंबर, शुक्रवार: दोपहर 03:58 बजे से 25 सितंबर प्रातः 06:11 बजे तक।
- 26 सितंबर, रविवार: प्रातः 06:11 बजे से दोपहर 12:37 बजे तक।
- 30 सितंबर, गुरुवार: रात्रि 04:00 बजे से प्रातः 06:13 बजे तक।
अक्टूबर 2027 (October)
- 02 अक्टूबर, शनिवार: प्रातः 06:14 बजे से 03 अक्टूबर रात्रि 12:03 बजे तक।
- 04 अक्टूबर, सोमवार: प्रातः 06:15 बजे से 05 अक्टूबर रात्रि 12:44 बजे तक।
- 09 अक्टूबर, शनिवार: प्रातः 10:17 बजे से 10 अक्टूबर प्रातः 06:19 बजे तक।
- 14 अक्टूबर, गुरुवार: रात्रि 10:30 बजे से 15 अक्टूबर प्रातः 06:22 बजे तक।
- 15 अक्टूबर, शुक्रवार: प्रातः 06:22 बजे से 16 अक्टूबर प्रातः 06:22 बजे तक।
- 18 अक्टूबर, सोमवार: रात्रि 11:47 बजे से 19 अक्टूबर प्रातः 06:24 बजे तक।
- 20 अक्टूबर, बुधवार: प्रातः 06:25 बजे से रात्रि 10:29 बजे तक।
- 21 अक्टूबर, गुरुवार: रात्रि 09:32 बजे से 22 अक्टूबर प्रातः 06:26 बजे तक।
- 22 अक्टूबर, शुक्रवार: प्रातः 06:26 बजे से रात्रि 08:24 बजे तक।
- 27 अक्टूबर, बुधवार: दोपहर 01:00 बजे से 28 अक्टूबर प्रातः 06:30 बजे तक।
- 30 अक्टूबर, शनिवार: प्रातः 06:31 बजे से प्रातः 09:43 बजे तक।
नवंबर 2027 (November)
- 01 नवंबर, सोमवार: प्रातः 06:33 बजे से प्रातः 09:57 बजे तक।
- 05 नवंबर, शुक्रवार: सायं 06:19 बजे से 06 नवंबर प्रातः 06:36 बजे तक।
- 06 नवंबर, शनिवार: प्रातः 06:36 बजे से रात्रि 09:26 बजे तक।
- 10 नवंबर, बुधवार: प्रातः 05:27 बजे से प्रातः 06:39 बजे तक।
- 11 नवंबर, गुरुवार: प्रातः 07:01 बजे से 12 नवंबर प्रातः 06:41 बजे तक।
- 12 नवंबर, शुक्रवार: प्रातः 06:41 बजे से 13 नवंबर प्रातः 06:42 बजे तक।
- 15 नवंबर, सोमवार: प्रातः 07:05 बजे से 16 नवंबर प्रातः 06:44 बजे तक।
- 18 नवंबर, गुरुवार: प्रातः 06:46 बजे से 19 नवंबर प्रातः 06:47 बजे तक।
- 24 नवंबर, बुधवार: प्रातः 06:51 बजे से सायं 06:53 बजे तक।
दिसंबर 2027 (December)
- 03 दिसंबर, शुक्रवार: प्रातः 06:58 बजे से 04 दिसंबर प्रातः 05:32 बजे तक।
- 07 दिसंबर, मंगलवार: दोपहर 02:14 बजे से 08 दिसंबर प्रातः 07:01 बजे तक।
- 09 दिसंबर, गुरुवार: प्रातः 07:02 बजे से 10 दिसंबर प्रातः 07:03 बजे तक।
- 10 दिसंबर, शुक्रवार: प्रातः 07:03 बजे से सायं 05:54 बजे तक।
- 13 दिसंबर, सोमवार: प्रातः 07:05 बजे से 14 दिसंबर प्रातः 07:05 बजे तक।
- 16 दिसंबर, गुरुवार: प्रातः 07:07 बजे से 17 दिसंबर प्रातः 07:07 बजे तक।
- 20 दिसंबर, सोमवार: रात्रि 02:07 बजे से प्रातः 07:09 बजे तक।
- 25 दिसंबर, शनिवार: रात्रि 12:50 बजे से प्रातः 07:11 बजे तक।
- 27 दिसंबर, सोमवार: रात्रि 03:14 बजे से प्रातः 07:12 बजे तक।
- 31 दिसंबर, शुक्रवार: प्रातः 07:14 बजे से दोपहर 01:06 बजे तक।
सर्वार्थ सिद्धि योग 2027 का निष्कर्ष
सर्वार्थ सिद्धि योग 2027 हिंदू पंचांग में बताए गए विशेष शुभ योगों में से एक है। वर्षभर में अलग-अलग तिथियों पर बनने वाले इस योग का उपयोग नए कार्यों का शुभारंभ करने, व्यापार आरंभ करने, भूमि-भवन एवं वाहन खरीदने तथा अन्य शुभ कार्यों के लिए किया जा सकता है।
धार्मिक एवं ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस योग में आरंभ किए गए कार्यों में सफलता और सिद्धि की संभावनाएं अधिक मानी जाती हैं। हालांकि किसी भी कार्य का शुभ परिणाम केवल एक योग पर निर्भर नहीं करता। कार्य की प्रकृति, तिथि, नक्षत्र, लग्न, अन्य पंचांग दोष और व्यक्तिगत कुंडली का विचार भी आवश्यक है। इसलिए सर्वार्थ सिद्धि योग 2027 में कोई महत्वपूर्ण कार्य आरंभ करने से पहले संबंधित मुहूर्त की पूरी जानकारी अवश्य प्राप्त करें। उचित पंचांग विचार और योग्य ज्योतिषाचार्य के मार्गदर्शन से शुभ समय का चयन करना अधिक श्रेष्ठ रहता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
- Q1. सर्वार्थ सिद्धि योग क्या होता है?
- उत्तर: सर्वार्थ सिद्धि योग एक विशेष शुभ योग है, जिसका निर्माण निश्चित वार और नक्षत्र के संयोग से होता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस योग में आरंभ किए गए कार्यों में सफलता और कार्य सिद्धि की संभावना अधिक मानी जाती है।
- Q2. वर्ष 2027 में सर्वार्थ सिद्धि योग कब-कब बनेगा?
- उत्तर: वर्ष 2027 में सर्वार्थ सिद्धि योग जनवरी से दिसंबर तक अनेक बार बनेगा। इसकी सभी तिथियां और समय इस लेख में महीनेवार विस्तार से दिए गए हैं।
- Q3. क्या सर्वार्थ सिद्धि योग में बिना पंचांग देखे काम किया जा सकता है?
- उत्तर: नहीं। सर्वार्थ सिद्धि योग शुभ होने के बावजूद किसी भी महत्वपूर्ण कार्य के लिए संपूर्ण पंचांग का विचार करना उचित है। तिथि, नक्षत्र, लग्न, भद्रा और अन्य आवश्यक स्थितियों की जांच करनी चाहिए।
- Q4. सर्वार्थ सिद्धि योग में कौन-कौन से कार्य शुभ माने जाते हैं?
- उत्तर: इस योग में नया व्यवसाय आरंभ करना, दुकान खोलना, भूमि-भवन खरीदना, वाहन खरीदना, नए कार्य का शुभारंभ करना तथा पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठान करना शुभ माना जाता है।
- Q5. क्या सर्वार्थ सिद्धि योग में विवाह करना शुभ होता है?
- उत्तर: केवल सर्वार्थ सिद्धि योग के आधार पर विवाह करना उचित नहीं है। विवाह के लिए अलग से विवाह मुहूर्त, तिथि, नक्षत्र, लग्न तथा अन्य आवश्यक ज्योतिषीय स्थितियों का विचार करना चाहिए।
- Q6. क्या सर्वार्थ सिद्धि योग में गृह प्रवेश किया जा सकता है?
- उत्तर: गृह प्रवेश के लिए विशेष गृह प्रवेश मुहूर्त देखना चाहिए। केवल सर्वार्थ सिद्धि योग होने से गृह प्रवेश का मुहूर्त स्वतः सिद्ध नहीं हो जाता।
- Q7. क्या सर्वार्थ सिद्धि योग में यात्रा करना उचित है?
- उत्तर: यात्रा के लिए दिशा शूल, तिथि, नक्षत्र और अन्य यात्रा संबंधी मुहूर्त का विचार करना चाहिए। इसलिए केवल सर्वार्थ सिद्धि योग के आधार पर यात्रा का निर्णय नहीं लेना चाहिए।
- Q8. सर्वार्थ सिद्धि योग कब अशुभ माना जाता है?
- उत्तर: कुछ विशेष वार-नक्षत्र संयोगों तथा अन्य पंचांग दोषों में शुभ कार्यों के लिए सावधानी आवश्यक मानी जाती है। गुरु-पुष्य, शनि-रोहिणी और मंगल-अश्विनी के संबंध में भी प्रचलित ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार संपूर्ण स्थिति का विचार करना चाहिए।
- Q9. सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग में क्या अंतर है?
- उत्तर: दोनों अलग-अलग वार और नक्षत्र के विशेष संयोगों से बनने वाले शुभ योग हैं। सर्वार्थ सिद्धि योग सामान्य शुभ कार्यों की सिद्धि के लिए और अमृत सिद्धि योग विशेष शुभता के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
- Q10. क्या सर्वार्थ सिद्धि योग में नया व्यवसाय शुरू करना शुभ है?
- उत्तर: हां। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस योग में नया व्यापार, दुकान या व्यवसाय आरंभ करना शुभ माना जाता है। व्यवसाय के प्रकार और व्यक्तिगत कुंडली के अनुसार मुहूर्त का विचार करना भी उचित है।
- Q11. क्या सर्वार्थ सिद्धि योग में वाहन खरीदना सही है?
- उत्तर: वाहन खरीदने के लिए सर्वार्थ सिद्धि योग शुभ माना जाता है। फिर भी वाहन खरीदने के समय तिथि, नक्षत्र और अन्य आवश्यक मुहूर्त का विचार करना चाहिए।
- Q12. सर्वार्थ सिद्धि योग कितनी बार बनता है?
- उत्तर: यह योग वर्ष में अनेक बार बनता है। इसकी संख्या निश्चित नहीं होती, क्योंकि इसका निर्माण वार और नक्षत्र के संयोग पर निर्भर करता है।
- Q13. क्या सर्वार्थ सिद्धि योग में मुहूर्त देखना जरूरी है?
- उत्तर: हां। यह योग शुभ होने पर भी विशेष कार्यों के लिए संपूर्ण मुहूर्त का विचार करना श्रेष्ठ माना जाता है।
- Q14. सर्वार्थ सिद्धि योग का फल किसे अधिक मिलता है?
- उत्तर: सामान्य ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार इस योग में नया कार्य आरंभ करने वाले, व्यवसाय शुरू करने वाले तथा लंबे समय से रुके हुए शुभ कार्यों को पुनः आरंभ करने वाले लोगों के लिए यह योग उपयोगी माना जाता है।
- Q15. Sarvartha Siddhi Yog 2027 में शुभ कार्य करने से क्या लाभ मिलता है?
- उत्तर: धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस योग में किए गए शुभ कार्यों से कार्य सिद्धि, सफलता और उन्नति की संभावनाएं बढ़ती हैं।
- Q16. क्या सर्वार्थ सिद्धि योग सभी राशियों के लिए समान फल देता है?
- उत्तर: सर्वार्थ सिद्धि योग सामान्य रूप से शुभ माना जाता है, लेकिन व्यक्तिगत फल व्यक्ति की जन्मकुंडली, ग्रहों की स्थिति और कार्य की प्रकृति के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं।
- Q17. सर्वार्थ सिद्धि योग से पहले क्या करना चाहिए?
- उत्तर: सर्वप्रथम पंचांग में योग की तिथि और समय की पुष्टि करें। इसके बाद संबंधित कार्य के लिए तिथि, नक्षत्र, लग्न और अन्य आवश्यक मुहूर्त संबंधी नियमों का विचार करें।
- Q18. Sarvartha Siddhi Yoga 2027 की पूरी सूची कहां देखें?
- उत्तर: सर्वार्थ सिद्धि योग 2027 की संपूर्ण सूची इसी लेख में जनवरी से दिसंबर तक महीनेवार दी गई है। इसमें प्रत्येक योग के प्रारंभ और समाप्त होने का समय भी दिया गया है।
- Q19. क्या सर्वार्थ सिद्धि योग में पूजा-पाठ करना शुभ है?
- उत्तर: हां। इस योग में पूजा-पाठ, मंत्र जाप, धार्मिक अनुष्ठान और ईश्वर का स्मरण करना शुभ माना जाता है।
- Q20. क्या सर्वार्थ सिद्धि योग हर साल समान होता है?
- उत्तर: नहीं। सर्वार्थ सिद्धि योग का निर्माण वार और नक्षत्र के संयोग से होता है। इसलिए इसकी तिथियां और समय प्रत्येक वर्ष पंचांग के अनुसार बदलते रहते हैं।
🌟 हमारी अन्य महत्वपूर्ण ज्योतिषीय एवं धार्मिक सेवाएं:
- विभिन्न समस्याओं के निवारण हेतु सिद्ध एवं प्रामाणिक यंत्रों के लिए देखें: यंत्र सेवा पृष्ठ
- विशेष पूजा-पाठ, शांति अनुष्ठान एवं संकल्प बुकिंग के लिए देखें: पूजा सेवा पृष्ठ
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पंडित राजकुमार दुबे
ज्योतिषाचार्य एवं वास्तु विशेषज्ञ
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