शास्त्रों में दो मुख वाला रुद्राक्ष (2 Mukhi Rudraksha) 'देवदेवेश्वर' कहा गया है। यह सम्पूर्ण कामनाओं और मनोवांछित फलों को देने वाला दिव्य मनका है। इसको धारण करने से भगवान भूतभावन शिवजी की असीम कृपा हमेशा बनी रहती है।
स्वास्थ्य एवं मानसिक लाभ
दो मुखी रुद्राक्ष मानसिक स्वास्थ्य को संतुलित करने और विभिन्न शारीरिक विकारों से मुक्ति दिलाने में अत्यंत प्रभावकारी है। निम्नलिखित समस्याओं से पीड़ित व्यक्तियों को इसे अवश्य धारण करना चाहिए:
- कमजोर मनोबल (Confidence Level) तथा अस्थिर चित्त की समस्या।
- लगातार बनी रहने वाली सर्दी-जुकाम एवं कफ़ से जुड़ी समस्याएं।
- उच्च रक्तचाप (High Blood Pressure) की शिकायत।
- विभिन्न प्रकार के मन के रोग, तनाव, चिंता तथा गले की समस्याएं।
राशि एवं चंद्र ग्रह प्रभाव
दो मुखी रुद्राक्ष विशेष रूप से कर्क राशि (Cancer) वाले जातकों के लिए अत्यंत शुभ फलदायी माना गया है। क्रोध को शांत करने तथा मन को असीम शांति प्रदान करने की अपार क्षमता इस रुद्राक्ष में समाहित है।
विशेष सुझाव: यदि आप किसी कारणवश रुद्राक्ष धारण नहीं करना चाहते हैं, तो आप चंद्र ग्रह के दुष्प्रभाव दूर करने के लिए चंद्र यंत्र भी धारण कर सकते हैं।
सिद्ध करने का मंत्र एवं रक्षा प्रभाव
दो मुखी रुद्राक्ष को जागृत एवं सिद्ध करने का मूल मंत्र निम्नलिखित है:
॥ ॐ नमः ॥
नकारात्मक शक्तियों से सुरक्षा: शास्त्रों में उल्लेख है कि रुद्राक्ष धारण करने वाले मनुष्य को देखकर भूत, प्रेत, पिशाच, डाकिनी, शाकिनी तथा अन्य द्रोहकारी नकारात्मक शक्तियां डरकर दूर भाग जाती हैं। इसके प्रभाव से कृत्रिम अभिचार (तंत्र-मंत्र) निष्फल हो जाते हैं, तथा जिन पर अभिचार कर्म किया गया हो, वे रुद्राक्ष धारण करते ही अभिचार कर्मों के प्रभाव से मुक्त हो जाते हैं।