बुध यंत्र के फायदे (Benefits of Budh Yantra)
जिन व्यक्तियों को अस्थमा या श्वसन संबंधी परेशानी होने पर, बदहजमी (Indigestion), कान से संबंधित रोग, तुतलाना या रुक-रुक के बोलने पर, याददाश्त कमजोर होने पर तथा चर्म रोग से बचने के लिए यह यंत्र धारण करना चाहिए। जो विद्यार्थी गणित विषय लेकर शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, उन्हें यह यंत्र अवश्य धारण करना चाहिए।
बुध यंत्र आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा का विकास करता है। यह यंत्र आपके तनाव (Stress) को समाप्त करता है और राइटिंग (लेखन) का कार्य करने वालों के लिए यह यंत्र सबसे श्रेष्ठ माना गया है।
बुध यंत्र किसे धारण करना चाहिए? (Who Should Wear Budh Yantra)
मिथुन एवं कन्या राशि वालों को, मिथुन तथा कन्या लग्न वालों को, तथा जिनकी बुध की महादशा चल रही हो, उन्हें यह यंत्र धारण करना चाहिए। यदि किसी व्यक्ति को अपनी जन्म तारीख या जन्म समय मालूम न हो और उन्हें उपरोक्त समस्याओं में से एक या एक से अधिक कोई भी समस्या हो, तो वे भी यह यंत्र धारण कर सकते हैं।
ज्योतिष शास्त्र में बुध ग्रह (Budh Yantra Locket)
बुध ग्रह को शुभ और सुकुमार ग्रह माना जाता है। यह मिथुन और कन्या राशि का स्वामी है। यह नक्षत्रों में अश्लेषा, ज्येष्ठा और रेवती का स्वामी माना जाता है। बुध यदि शुभ ग्रहों के साथ स्थित होता है या शुभ ग्रहों से दृष्ट होता है तो बहुत ही शुभ माना जाता है, और इसके विपरीत अशुभ ग्रहों के साथ हो या उनसे दृष्ट हो तो अशुभ फल देता है।
बुध ग्रह बुद्धि का कारक होता है। इस ग्रह से वाणी, गणित, बुद्धि, व्यापार में सफलता, चर्म रोग एवं सुंदरता का विचार किया जाता है। यदि आपकी कुंडली में बुध बहुत अच्छा है तो उपरोक्त गुण आप में विद्यमान होंगे और यदि बुध कमजोर होगा तो संबंधित समस्याएं उत्पन्न होंगी।
बुध यंत्र का निर्माण (Construction of Budh Yantra)
बुधवार के दिन बुध की होरा में चंदन, गोलोचन, केसर तथा दूब के रस की स्याही से अनार की कलम द्वारा भोजपत्र पर यंत्र का निर्माण किया जाता है। तत्पश्चात प्राण-प्रतिष्ठा कर बुध यंत्र का विधिवत पूजन करने के बाद तांत्रिक मंत्र का जाप तथा हवन किया जाता है।
सिद्ध यंत्र मंगाने की विधि
जिस व्यक्ति के लिए यंत्र धारण करना है, उस व्यक्ति का नाम, पिता/पति का नाम तथा गोत्र व्हाट्सएप नंबर +91 7470934089 पर भेजें। यंत्र निर्माण एवं प्राण-प्रतिष्ठा के पश्चात् आपके दिए गए पते पर पोस्ट ऑफिस द्वारा भेज दिया जाएगा।
ज्योतिष में अनेक ऐसे योग बनते हैं जो व्यक्ति को अनायास ही विपत्ति में डालते हैं। यदि आपकी कुंडली में कोई दुर्योग है, तो उसकी शांति हेतु पूजन अवश्य कराएं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
1. बुध यंत्र क्या है?
यंत्र को देवता का प्रतीक माना जाता है। बुध यंत्र को विधिवत भोजपत्र पर विशेष स्याही से लिखकर, उसकी प्राण-प्रतिष्ठा कर तथा बुध के तांत्रिक मंत्र का जाप कर बनाया जाता है। यह यंत्र बुध ग्रह को बलवान करता है तथा बुध के दुष्प्रभावों से बचाता है।
2. बुध ग्रह के स्वामी कौन हैं?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बुध ग्रह की स्वामिनी माँ दुर्गा जी को माना जाता है, किंतु कुछ मतांतरों से भगवान विष्णु को भी बुध ग्रह का स्वामी माना जाता है।
3. बुध ग्रह के कमजोर होने पर क्या होता है?
यदि कुंडली में बुध कमजोर हो तो आप किसी कार्य में निर्णय लेने में बहुत असमंजस महसूस करेंगे। इसके अलावा त्वचा से संबंधित रोग होते हैं, लेखन कार्य में मन नहीं लगता, गणित कमजोर होती है तथा व्यापार में अपेक्षित सफलता नहीं मिलती।
4. बुध को बलवान कैसे करें?
बुध को बलवान करने के लिए निम्नलिखित उपाय किए जा सकते हैं:
- श्री दुर्गा द्वात्रिंशन्नाम माला का पाठ करें।
- भगवान श्री गणेश जी के द्वादश नामों का पाठ अत्यंत लाभदायक होता है।
- गणेश जी को हरी दूब चढ़ाने से बुध के दुष्प्रभाव कम होते हैं।
- भगवान श्री विष्णु जी की आराधना करने से बुध बलवान होता है।
- यदि आप नित्य उपाय करने में असमर्थ हैं, तो अभिमंत्रित बुध यंत्र धारण करके भी दुष्प्रभावों से बच सकते हैं।