आपको रखे सुरक्षित - Vahan Durghatna Nashak Yantra
vahan durghatna nashak yantra — आज की इस भागदौड़ भरी जिंदगी में मनुष्य बहुत तेज भागना चाहता है और भागता भी है, परन्तु अपने आप को असुरक्षित महसूस करता है। सड़कों पर वाहनों की बढ़ती हुई स्थिति, लोगों की जल्दबाजी तथा धैर्य न होने के कारण दुर्घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं।
दुर्घटनाओं से बचने के लिए प्रत्येक मनुष्य को चाहिए कि अपने वाहन में दुर्घटना नाशक यंत्र (vahan durghatna nashak yantra) की स्थापना करे, जिससे हमारा वाहन तथा हम स्वयं पूरी तरह सुरक्षित रहें। इस यंत्र को वाहन के अग्र भाग (Dashboard या Front) में स्थापित करना चाहिए। इस यंत्र के प्रभाव से वाहन सदैव सुरक्षित रहता है।
पौराणिक महत्व एवं इतिहास
वाहन दुर्घटना नाशक यंत्र का निर्माण महाभारत के समय भगवान श्री कृष्ण ने किया था, जिसे अर्जुन के रथ की ध्वजा में स्थापित किया गया था। जिसके दिव्य प्रभाव से पूरे महाभारत युद्ध के दौरान अर्जुन का रथ कभी क्षतिग्रस्त नहीं हुआ।
तंत्र ग्रंथों का मानना है कि वही यंत्र हमारे पौराणिक ग्रंथों से प्राप्त होता है। इस यंत्र का यदि विधिवत निर्माण और विधिवत पूजन किया जाए तो हम अनहोनी एवं होने वाली सड़क दुर्घटनाओं से पूरी तरह बच सकते हैं।
निर्माण विधि एवं नाम
इस वाहन दुर्घटना नाशक यंत्र का निर्माण विशेष रूप से मंगलवार के दिन किया जाता है। इस यंत्र को मारुति यंत्र, हनुमान यंत्र तथा हनुमान रक्षा कवच आदि नामों से भी संबोधित किया जाता है।
सार यह है कि इस यंत्र में पवनपुत्र श्री हनुमान जी महाराज की असीम कृपा समाहित होती है, जिसके प्रभाव से हमारा वाहन, चालक तथा उसमें सवार सभी यात्री सुरक्षित रहते हैं।