तुलसी माला: आपके जीवन में खुशहाली और शांति का प्रतीक
Tulsi Mala benefits — हमारे हिन्दू धर्म को मानने वाले प्रत्येक व्यक्ति के घर-आँगन में तुलसी का पौधा अवश्य ही मिलेगा। पहले हमारे संत वैष्णव परिवार का पता इसी प्रकार लगाते थे कि यदि किसी के द्वार पर स्वास्तिक बना हुआ है और आँगन में तुलसी का चौरा बना है, तो यह मकान निश्चित ही वैष्णव का ही है और संत लोग उसी भवन में ठहरते थे।
तुलसी दल, तुलसी मंजरी तथा तुलसी के बीज के बारे में प्रायः सभी जानते हैं। आपको बता दें कि आयुर्वेद में तुलसी की जड़, छाल भी उपयोग में आते हैं और उसी तुलसी की लकड़ी की माला भी बहुत ही उपयोगी मानी जाती है। जिस प्रकार विष्णु भगवान (शालिग्राम, ठाकुरजी, लड्डू गोपाल) को बिना तुलसी के भोग नहीं लगाया जाता या यह भी कह सकते हैं कि बिना तुलसी के भगवान की पूजा अधूरी मानी जाती है, उसी प्रकार विष्णु भगवान जी के मन्त्र तुलसी माला से ही जपने चाहिए।
तुलसी माला के फायदे (Tulsi Mala Benefits)
- वास्तु दोष निवारण: जिस भवन में तुलसी का पौधा होता है या तुलसी का वास होता है, उस भवन के वास्तु दोष स्वतः कम हो जाते हैं।
- सकारात्मक ऊर्जा: तुलसी की लकड़ी की माला धारण करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होने लगता है।
- मानसिक शांति व भक्ति: अक्सर श्रीकृष्ण और भगवान विष्णु को मानने वाले लोग Tulsi Mala अवश्य धारण करते हैं। इसे पहनने से मन शांत रहता है और भगवान की भक्ति में मन लगता है।
- पारिवारिक उन्नति: परिवार में सुख-शांति बनी रहती है तथा पारिवारिक एवं भौतिक उन्नति प्राप्त होती है।
- ज्योतिषीय लाभ (शुक्र ग्रह शान्ति): ज्योतिष के अनुसार जिन व्यक्तियों का शुक्र ग्रह कमजोर हो या खराब फल दे रहा हो, उन व्यक्तियों को भी Tulsi Mala 108 Beads Original पहननी चाहिए। इससे शुक्र बलवान होता है तथा उसके द्वारा मिलने वाले अशुभ प्रभावों में कमी आती है।
- आयुर्वेदिक लाभ: आयुर्वेद में तुलसी का विशेष महत्त्व माना जाता है। यह अनेक बीमारियों को दूर करने की क्षमता रखती है। तुलसी विशेषतः दो प्रकार की पाई जाती है—एक श्यामा तुलसी तथा दूसरी गौरी या राम तुलसी। आयुर्वेद में श्यामा तुलसी का विशेष महत्व है, इसलिए इसकी माला रक्तचाप (Blood Pressure) जैसी बीमारी के प्रभाव को कम करने में भी सहायक मानी जाती है।
तुलसी माला की कीमत एवं प्रामाणिकता
बाजार में आपको अनेक प्रकार की मालाएं प्राप्त हो जायेंगीं जिनके मूल्य भी अलग-अलग हो सकते हैं, परन्तु आपको शुद्ध (Original) एवं सिद्ध की हुई माला ही खरीदना चाहिए। आपको हमारे राजगुरु ज्योतिष अनुसंधान केंद्र में असली एवं प्राण-प्रतिष्ठित तुलसी माला उचित कीमत पर प्राप्त हो जाएगी।
Tulsi Mala Ke Niyam – तुलसी माला पहनने के नियम
वैसे तो इसके कोई कठिन नियम नहीं मिलते हैं, परन्तु फिर भी Tulsi Mala धारण करने वाले साधकों को निम्नलिखित नियमों का पालन करना चाहिए:
- साधक को पूर्णतः सात्विक भोजन ग्रहण करना चाहिए।
- नित्य प्रातः भगवान विष्णु, श्रीकृष्ण या भगवान श्रीराम के किसी मंत्र का जाप अवश्य करना चाहिए।
- प्रतिदिन प्रातः सूर्य देव को जल अर्पित करना चाहिए।
- तुलसी माला का प्रयोग श्रीकृष्ण तथा भगवान श्रीराम के बीज मन्त्रों के जप हेतु उत्तम माना जाता है।
Original Tulsi Mala – असली तुलसी माला की पहचान एवं सिद्धि
असली तुलसी माला हल्के भूरे या हल्के काले रंग की होती है। निर्माण के पश्चात् इसे शास्त्रीय विधान से जागृत अर्थात् सिद्ध किया जाता है, जिससे आप इसे धारण कर सर्व-सुख प्राप्त कर सकते हैं। प्राण-प्रतिष्ठित माला को धारण करने से एवं उससे जाप करने से शीघ्र एवं चमत्कारी फल प्राप्त होता है।